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डेली अपडेट्स


प्रारंभिक परीक्षा

प्रिलिम्स फैक्ट्स: 22 अगस्त, 2020

  • 22 Aug 2020
  • 11 min read

हरित पथ

Harit Path

हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने देशभर में हरित राजमार्गों के निर्माण की सुविधा प्रदान करने के लिये एक मोबाइल एप ‘हरित पथ’ (Harit Path) लॉन्‍च किया।

प्रमुख बिंदु:

  • नई हरित राजमार्ग नीति (वृक्षारोपण) की समीक्षा करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने देश में सड़क निर्माण में आधुनिक एवं हरित प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने पर ज़ोर दिया है।
  • हरित पथ मोबाइल एप सभी वृक्षारोपण परियोजनाओं के तहत प्रत्‍येक वृक्ष के लिये सभी क्षेत्रीय इकाइयों में से प्रत्‍येक के स्‍थान, विकास, प्रजातियों के विवरण, रखरखाव गतिविधियों, लक्ष्‍यों एवं उपलब्धियों की निगरानी करने के लिये ‘भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण’ (National Highway Authority of India- NHAI) द्वारा विकसित किया गया है।

‘हरित भारत संकल्प’ (Harit Bharat Sankalp):

  • हाल ही में NHAI ने एक राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान ‘हरित भारत संकल्प’ (Harit Bharat Sankalp) भी शुरू किया था, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों पर 25 दिनों में 25 लाख से अधिक पौधे लगाये गए हैं।
  • वृक्षों के उचित रखरखाव एवं देखभाल के लिये राजमार्ग ठेकेदारों को जवाबदेह बनाया गया है।
    • इस अनूठी पहल के तहत वृक्षों के रखरखाव के लिये ठेकेदारों के भुगतान को पौधों की वृद्धि के साथ जोड़ा गया है।

नई हरित राजमार्ग नीति:

  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नई हरित राजमार्ग नीति (वृक्षारोपण, प्रत्यारोपण, सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव) का शुभारंभ वर्ष 2015 में किया गया था।
  • इस नीति का उद्देश्य विभिन्न समुदायों, किसानों, निजी क्षेत्रों, गैर सरकारी संगठनों एवं सरकारी संस्थानों की भागीदारी से राजमार्ग क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देना है।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार-2020

Rajiv Gandhi Khel Ratna Award-2020

रोहित शर्मा (क्रिकेट), मनिका बत्रा (टेबल टेनिस), विनेश फोगाट (रेसलिंग), रानी रामपाल (हॉकी), मरियप्पन थंगावेलू (पैरा-एथलीट) को वर्ष 2020 के लिये भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) से सम्मानित किया जाएगा।

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प्रमुख बिंदु:

  • रोहित शर्मा, सचिन तेंदुलकर, एम.एस. धोनी एवं विराट कोहली के बाद चौथे ऐसे क्रिकेटर होंगे जिन्हें ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा।
  • विनेश फोगाट अब तक एकमात्र भारतीय महिला पहलवान हैं जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था।
  • पूर्व पैरा-ओलंपिक पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया और दीपा मलिक के बाद मरियप्पन थंगावेलू तीसरे भारतीय पैरा-एथलीट हैं जिन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
  • इस वर्ष COVID-19 के कारण ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन के बजाय आभासी तरीके से राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदान किये जायेंगे।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार:

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  • राजीव गांधी खेल रत्न जिसे आधिकारिक तौर पर ‘स्पोर्ट्स एंड गेम्स में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता है, भारत गणराज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान है।
  • इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1991–92 में हुई थी।
  • यह पुरस्कार भारत सरकार के युवा एवं खेल मामलों के मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।


भारतीय गौर

Indian Gaur

हाल ही में उत्तर बंगाल में जलपाईगुड़ी ज़िले में गोरूमारा नेशनल पार्क (Gorumara National Park) में भारतीय बाइसन (Indian Bison) या भारतीय गौर (Indian Gaur) का शव मिला।

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भारतीय गौर (Indian Gaur):

  • इसका वैज्ञानिक नाम बोस गोरस (Bos Gaurus) है जबकि स्थानिक नाम ‘गौर’ है।
  • मूल रूप से यह दक्षिण एशिया तथा दक्षिण पूर्व एशिया मे पाया जाने वाला एक बड़ा, काले लोम (बालों का आवरण) से ढका गोजातीय पशु है।
  • वर्तमान समय में इसकी सबसे अधिक आबादी भारत में पाई जाती है।
  • वर्ष 1986 से यह अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (International Union for Conservation of Nature-IUCN) की रेड लिस्ट में सुभेद्य (Vulnerable) श्रेणी में सूचीबद्ध है।

गोरूमारा नेशनल पार्क (Gorumara National Park):

gorumara national park

  • यह भारत के पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी ज़िले में अवस्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है।
  • यह राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से भारतीय गैंडों की आबादी के लिये जाना जाता है।
  • वर्ष 2009 में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इस राष्ट्रीय उद्यान को भारत में सर्वश्रेष्ठ संरक्षित क्षेत्रों में से एक के रूप में घोषित किया गया था।
  • गोरूमारा को वर्ष 1949 में भारतीय गैंडों की आबादी के आधार पर एक वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
    • इसे जनवरी, 1994 को एक भारतीय राष्ट्रीय उद्यान के रूप में आधिकारिक दर्जा दिया गया था।
  • गोरूमारा नेशनल पार्क पूर्वी हिमालय के तराई क्षेत्र में अवस्थित है। इस क्षेत्र में रोलिंग वनों (Rolling Forests) एवं रिवराइन घास के मैदान (Riverine Grasslands) उपस्थित हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल में दुआर (Dooars) के रूप में जाना जाता है।
    • दुआर (Dooars) पूर्वोत्तर भारत में जलोढ़ बाढ़ के मैदान हैं जो हिमालय की बाहरी तलहटी के दक्षिण में और ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन के उत्तर में स्थित हैं।


ड्रैगनफ्लाई फेस्टिवल

Dragonfly Festival

वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया की राज्य इकाई ने ‘सोसाइटी फॉर ओडोनेट स्टडीज़’ (Society for Odonate Studies- SOS) और थुंबिपुरनम (Thumbipuranam) के साथ केरल में पहली बार आयोजित होने वाले ‘ड्रैगनफ्लाई फेस्टिवल’ (Dragonfly Festival) के लिये साझेदारी की है।

Dragonfly-Festival-2020

प्रमुख बिंदु:

  • इसे थुंबीमहोत्सवम 2020 (Thumbimahotsavam 2020) के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड (National Biodiversity Board), संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme) और IUCN के सहयोग से WWF इंडिया, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और इंडियन ड्रैगनफ्लाई सोसाइटी (Indian Dragonfly Society) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय ड्रैगनफ्लाई उत्सव का हिस्सा है।
  • इस उत्सव का आधिकारिक शुभंकर ‘पंटालु‘ (Pantalu) है।
  • यह WWF इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा लॉन्च किया गया ड्रैगनफ्लाई फेस्टिवल-2020 का तीसरा संस्करण है।
  • ड्रैगनफ्लाई को समर्पित इस उत्सव का उद्देश्य इन जीवों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है।
  • ड्रैगनफ्लाई फेस्टिवल की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी।

ड्रैगनफ्लाई (Dragonfly):

  • ड्रैगनफ्लाई, एक कीट है जो ओडोनेट (Odonata) वर्ग से संबंधित है।
  • एक वयस्क ड्रैगनफ्लाइ की विशेषताओं में बड़ी एवं बहुमुखी आँखें, दो जोड़ी मज़बूत पारदर्शी पंख (कभी-कभी रंगीन) और लंबी शरीरीरिक संरचना शामिल है।
  • सोसाइटी फॉर ओडोनेट स्टडीज़ (Society for Odonate Studies):
  • यह एक गैर-राजनीतिक, गैर-लाभकारी संगठन है जिसे ओडोनेट वर्ग के कीटों के बारे में लोगों को जागरूक करने और इन कीटों की प्रजातियों एवं उनके आवासों के संरक्षण के उद्देश्य से वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिये गठित किया गया है।
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