इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


प्रारंभिक परीक्षा

केरल के पाँच कृषि उत्पादों को जीआई दर्जा

  • 17 Dec 2022
  • 4 min read

केरल के पाँच कृषि उत्पादों- अट्टापडी अट्टुकोम्बु अवारा, अट्टापडी थुवारा, ओनाटुकारा एलु, कंथल्लूर-वट्टावदा वेलुथुल्ली और कोडुंगल्लूर पोट्टुवेलारी को भौगोलिक संकेत (GI) का दर्जा प्रदान किया गया है।

  • असम के गमोसा (पारंपरिक कपड़ा), महाराष्ट्र के अलीबाग सफेद प्याज, लद्दाख के रक्तसे कारपो खुबानी और तेलंगाना के तंदूर रेडग्राम को भी हाल ही में जीआई टैग मिला है।

नवीनतम GI के बारे में मुख्य बिंदु:

  • अट्टापडी अट्टुकोम्बु अवारा (बीन्स):
    • जैसा कि इसके नाम से संकेत मिलता है, यह बकरी के सींग की तरह घुमावदार होती है।
    • अन्य डोलिचोस बीन्स की तुलना में इसकी उच्च एंथोसायनिन सामग्री तने और फलों में बैंगनी रंग प्रदान करती है।
      • एंथोसायनिन अपने एंटीडायबिटिक गुणों के साथ हृदय रोगों के खिलाफ मददगार है।
    • अट्टापडी अटुकोम्बु अवारा की उच्च फेनोलिक सामग्री कीट और रोगों के खिलाफ प्रतिरोध प्रदान करती है, जिससे फसल जैविक खेती के लिये उपयुक्त हो जाती है।
  • अट्टापडी थुवारा (लाल चना):
    • इसके बीज सफेद आवरण वाले होते हैं।
    • अन्य लाल चने की तुलना में अट्टापडी थुवारा के बीज बड़े होते हैं और बीज का वज़न अधिक होता है।
  • ओनाटुकारा एलु (तिल):
    • ओनाटुकारा एलु और इसका तेल अपने अनोखे स्वास्थ्य लाभों के लिये प्रसिद्ध है।
    • ओनाटुकारा एलु में अपेक्षाकृत उच्च एंटीऑक्सीडेंट सामग्री मुक्त मूलकों से लड़ने में मदद करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं।
    • साथ ही असंतृप्त वसा की उच्च सामग्री इसे हृदय रोगियों के लिये फायदेमंद बनाती है।
  • कंथलूर-वट्टवडा वेलुथुल्ली (लहसुन):
    • अन्य क्षेत्रों में उत्पादित लहसुन की तुलना में इस लहसुन में सल्फाइड, फ्लेवोनोइड्स, प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और यह आवश्यक तेल से भी भरपूर होता है।
    • यह एलिसिन से भरपूर होता है, जो माइक्रोबियल संक्रमण, ब्लड शुगर, कैंसर आदि के खिलाफ प्रभावी है।
  • कोडुंगलूर पोट्टुवेलारी (स्नैपमेलन):
    • गर्मियों में काटे जाने वाले इस स्नैप तरबूज में विटामिन C की उच्च मात्रा होती है।
    • अन्य कुकुरबिट्स की तुलना में कोडुंगल्लूर पोट्टुवेलारी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और वसा की मात्रा जैसे पोषक तत्त्व भी अधिक होते हैं।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न: 

प्रश्न: निम्नलिखित में से किसे 'भौगोलिक संकेतक' का दर्जा प्रदान किया गया है? (2015)

  1. बनारस के जरी वस्त्र एवं साड़ी
  2. राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा
  3. तिरुपति लड्डू

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: C

व्याख्या:

  • भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication) का इस्तेमाल ऐसे उत्पादों के लिये किया जाता है, जिनका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल क्षेत्र होता है।
  • दार्जिलिंग चाय जीआई टैग पाने वाला भारत का पहला उत्पाद था।
  • बनारस जरी वस्त्र और साड़ी एवं तिरुपति लड्डू को जीआई टैग मिला है, जबकि राजस्थान की दाल-बाटी-चूरमा को नहीं। अतः कथन 1 और 3 सही हैं।

अतः विकल्प (C) सही है।

स्रोत: द हिंदू

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2
× Snow