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वीरता पुरस्कार

  • 12 May 2022
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में राष्ट्रपति ने रक्षा अलंकरण समारोह (चरण- 1) में भारतीय सेना के 13 जवानों को देश के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया, इनमें से 6 जवानों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। 

  • इसके साथ ही राष्ट्रपति ने असाधारण सेवा के लिये परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक भी प्रदान किये।

भारत में वीरता पुरस्कार:

  • स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् पहले तीन वीरता पुरस्कार नामतः परमवीर चक्र, महावीर चक्र एवं वीर चक्र भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी, 1950 को प्रारंभ किये गए थे जिनको 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था।
  • इसके पश्चात् अन्य तीन वीरता पुरस्कार अर्थात् अशोक चक्र श्रेणी-I, अशोक चक्र श्रेणी-II और अशोक चक्र श्रेणी-III को भारत सरकार द्वारा 04 जनवरी, 1952 को प्रारंभ किया गया था जिनको 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था।
    • इन पुरस्कारों का जनवरी 1967 में क्रमशः अशोक चक्र, कीर्ति चक्र तथा शौर्य चक्र के रूप में पुनः नामकरण किया गया था।
  • इन पुरस्कारों का वरीयता क्रम है- परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र

पुरस्कारों हेतु पात्रता:

  • थल सेना, नौसेना और वायु सेना या किसी भी आरक्षित बल, प्रादेशिक सेना तथा कानूनी रूप से गठित किसी अन्य सशस्त्र बल के सभी रैंकों के सभी अधिकारी इन पुरस्कारों हेतु पात्र हैं।
  • उपर्युक्त कर्मियों के अलावा मैट्रॉन, नर्स, नर्सिंग सेवाओं के कर्मचारी तथा अस्पतालों एवं नर्सिंग सेवाओं से संबद्ध अन्य कर्मचारी और नागरिक (पुरुष व महिला दोनों) जो उपर्युक्त बलों में से किसी के भी आदेश, निर्देश या पर्यवेक्षण के तहत नियमित रूप से या अस्थायी रूप से सेवा कर रहे हैं, इस पुरस्कार हेतु पात्र हैं। 

युद्धकालीन सर्वोच्च वीरता पुरस्कार: 

  • परमवीर चक्र: 
    • यह भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है, जो युद्ध (चाहे वह ज़मीन पर हो, समुद्र में या हवा में) के दौरान अद्वितीय साहस और असाधारण वीरता के कार्यों को प्रदर्शित करने के लिये दिया जाता है।
  • महावीर चक्र: 
    • यह ज़मीन पर, समुद्र में या हवा में दुश्मन की उपस्थिति में विशिष्ट वीरता के कार्यों के लिये दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
  • वीर चक्र: 
    • यह परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है।

शांतिकालीन सर्वोच्च वीरता पुरस्कार:

  • अशोक चक्र: 
    • यह शांतिकाल के दौरान वीरता, साहसिक कार्रवाई या बलिदान के लिये दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य पुरस्कार है।
    • यह शांतिकाल में विशिष्ट बहादुरी या किसी अन्य साहस या वीरता या आत्म-बलिदान से संबंधित कार्य करने के लिये प्रदान किया जाता है।
  • कीर्ति चक्र: 
    • यह दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है और शांति काल में साहसिक कार्रवाई करने या आत्म-बलिदान के लिये दिया जाता है।
  • शौर्य चक्र: 
    • यह असाधारण वीरता के लिये सशस्त्र बलों के कर्मियों को प्रदान किया जाता है।

स्रोत: द हिंदू

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