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कोरोनावायरस का BF.7 वेरिएंट

  • 22 Dec 2022
  • 6 min read

चीन में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों का कारण BF.7 को  ओमिक्रोन का सब-वैरिएंट माना जा रहा है जो वहाँ पहले से उपस्थित है।

कोरोनावायरस का BF.7 संस्करण: 

  • चीन में प्रमुख वायरस स्ट्रेन BF.7 है, जो ओमिक्रोन का एक उप-संस्करण है, इसका संचरण एक साल से अधिक समय से हो रहा है।
  • वर्तमान में ओमिक्रोन के 500 से अधिक सब-वेरिएंट प्रचलन में हैं।
  • BF.7, BA.5.2.1.7 का नाम है, जो स्वयं BA.5 सब-वैरिएंट से विकसित हुआ है।
  • BF.7 चीन के लिये अद्वितीय नहीं है।
    • यह  अक्तूबर 2022 में अमेरिका में 5% तथा यूके में 7% से अधिक मामलों के लिये ज़िम्मेदार था।
  • जब वायरस उत्परिवर्तित होते हैं, तो वे संस्करण  और उप-संस्करण  बनाते हैं- जैसे SARS-CoV-2 पेड़ के मुख्य तने में शाखाएँ और उप-शाखाएँ निकलती हैं। 
  • एक शोध अध्ययन में बताया कि BF.7 सब-वैरिएंट में मूल D614G वैरिएंट की तुलना में 4.4 गुना अधिक न्यूट्रलाइज़ेशन प्रतिरोध क्षमता है, जिसका अर्थ है कि एक प्रयोगशाला में टीकाकृत या मूल वुहान वायरस, जो 2020 में दुनिया भर में फैल गया था, से संक्रमित व्यक्तियों के एंटीबॉडी में BF.7 को खत्म करने की संभावना कम थी।
    • एक उच्च न्यूट्रलाइज़ेशन प्रतिरोध का मतलब है कि किसी आबादी में वैरिएंट के फैलने और अन्य वेरिएंट को बदलने की संभावना अधिक है।

नए वेरिएंट कैसे बनते हैं? 

  • जब कोई वायरस गुणात्मक रूप से बढ़ता है, तो वह हमेशा अपनी एक सटीक प्रतिलिपि नहीं बना पाता है। 
    • इसका मतलब यह है कि समय के साथ वायरस अपने आनुवंशिक अनुक्रम के मामले में थोड़ा भिन्न हो सकता है। 

corona-variant

  • इस प्रक्रिया के दौरान वायरल अनुवांशिक अनुक्रम में कोई भी परिवर्तन उत्परिवर्तन के रूप में जाना जाता है।
  • नए उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) वाले वायरस को कभी-कभी वेरिएंट कहा जाता है। वेरिएंट में एक या एक से अधिक म्यूटेशन का अंतर हो सकता है।
  • जब एक नए वेरिएंट में मूल वायरस की तुलना में अलग-अलग कार्यात्मक गुण होते हैं और यह जन आबादी के बीच अपना स्थान बना लेता है, तो इसे कभी-कभी वायरस के नए स्ट्रेन के रूप में जाना जाता है।
    • सभी स्ट्रेन, वेरिएंट होते हैं लेकिन सभी वेरिएंट स्ट्रेन नहीं होते।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs)  

प्रश्न. कोविड-19 वैश्विक महामारी को रोकने के लिये बनाई जा रही वैक्सीनों के प्रसंग में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. सीरम संस्थान ने mRNA प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर कोविशील्ड नामक कोविड-19 वैक्सीन निर्मित की।
  2. स्पुतनिक V वैक्सीन रोगवाहक (वेक्टर) आधारित प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर बनाई गई है।
  3.  कोवैक्सीन एक निष्कृत रोगजनक आधारित वैक्सीन है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: B

व्याख्या:

  • COVISHIELD वैक्सीन उस प्लेटफॉर्म पर आधारित है जो SARS-CoV-2 स्पाइक (S) ग्लाइकोप्रोटीन को एन्कोडिंग करने वाले एक पुनःसंयोजक, प्रतिकृति-रहित चिंपैंजी एडेनोवायरस वेक्टर का उपयोग करता है। इसे लगाए जाने के बाद कोरोनावायरस के हिस्से की आनुवंशिक सामग्री प्रकट होती है जो एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित करती है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • स्पुतनिक V एक अच्छी तरह से अध्ययन किये गए मानव एडेनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित विश्व की पहली पंजीकृत वैक्सीन है। इसे 4 अरब लोगों की कुल आबादी वाले 71 देशों में उपयोग के लिये मंज़ूरी दी गई है। वैक्सीन का नाम पहले सोवियत अंतरिक्ष उपग्रह के नाम पर रखा गया है। 5 दिसंबर, 2020 और 31 मार्च, 2021 के बीच दोनों वैक्सीन घटकों के साथ वैक्सीन लगाए गए रूसियों के बीच कोरोनावायरस की घटनाओं के आँकड़ों के विश्लेषण के आधार पर वैक्सीन की प्रभावकारिता 97.6% है। अतः कथन 2 सही है।
  • Covaxin एक निष्क्रिय वायरल वैक्सीन है। इस वैक्सीन को होल-विरियन इनएक्टिवेटेड वेरो सेल-व्युत्पन्न तकनीक से विकसित किया गया है। उनमें निष्क्रिय वायरस होते हैं, जो किसी व्यक्ति को संक्रमित नहीं कर सकते हैं, लेकिन फिर भी प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय वायरस के खिलाफ एक रक्षा तंत्र तैयार करने में सक्षम बनाया जा सकता है। अतः कथन 3 सही है।

अत: विकल्प B सही है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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