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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

दिल्ली में इंटरपोल महासभा की बैठक

  • 17 Oct 2022
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल), CBI, इंटेपोल के नोटिस।

मेन्स के लिये:

इंटरपोल के साथ भारत का सहयोग, इंटरपोल में मुद्दे, CBI की कार्यप्रणाली।

चर्चा में क्यों?

भारत, अंतर्राष्‍ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन, इंटरपोल की 90वीं महासभा की मेजबानी कर रहा है। यह महासभा 18 से 21 अक्‍टूबर तक दिल्‍ली में आयोजित की जाएगी।

  • वर्ष 1997 के बाद से यह दूसरी बार है जब 195 सदस्यीय निकाय भारत में इतना बड़ा सम्मेलन आयोजित कर रहा है।

इंटरपोल

  • यह वर्ष 1923 में सुरक्षित सूचना-साझाकरण मंच के रूप में स्थापित किया गया था, जो विभिन्न पुलिस बलों से प्राप्त सूचनाओं के संग्रह और प्रसार के माध्यम से दुनिया भर में पुलिस बलों की आपराधिक जाांँच की सुविधा प्रदान करता है।
    • इसका मुख्यालय फ्राँस के लियॉन में है।
  • यह विभिन्न क्षेत्रों में अपराधियों और पुलिस के रडार के तहत आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नज़र रखता है और उन पुलिस बलों को सुझाव देता है जिन्होंने या तो इंटरपोल की सहायता मांगी थी या जो उसकी राय में उसके पास उपलब्ध विवरणों से लाभान्वित होंगे।
  • इसका उद्देश्य आपराधिक पुलिस बलों के बीच व्यापक संभव पारस्परिक सहायता को बढ़ावा देना है।

इंटरपोल की संरचना

  • इंटरपोल का प्रमुख अध्यक्ष होता है जिसे महासभा द्वारा चुना जाता है। वह सदस्य देशों में से होता है और चार साल के लिये पद धारण करता है।
  • दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों की देखरेख महासभा द्वारा चुने गए पूर्णकालिक महासचिव द्वारा की जाती है, जो पाँच साल के लिये पद धारण करता है।
  • महासभा अपने सचिवालय द्वारा निष्पादन के लिये नीति निर्धारित करती है जिसमें साइबर अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, वित्तीय अपराध, पर्यावरण अपराध, मानव तस्करी आदि के लिये कई विशेष निदेशालय हैं।
  • प्रत्येक सदस्य देश उस देश में इंटरपोल का प्रतिनिधित्त्व करता है।
  • इंटरपोल के साथ किसी देश की कानून प्रवर्तन एजेंसी के सभी संपर्क देश के सर्वोच्च जाँच निकाय के माध्यम से होते हैं।
    • केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) भारत में इस भूमिका को अपने वरिष्ठ अधिकारियों में से एक के साथ ग्रहण करता है, जो विश्व निकाय के साथ सूचना और संपर्क के संयोजन के लिये अपने विशेष इंटरविंग (राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो) का नेतृत्त्व करता है।

इंटरपोल नोटिस:

  • विषय: इंटरपोल द्वारा जारी किया जाने वाला नोटिस सदस्य देशों में पुलिस को अपराध से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा करने में सहयोग या अलर्ट (Alert) के लिये अंतर्राष्ट्रीय अनुरोध होता है।
    • सदस्य देश के इंटरपोल राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के अनुरोध पर प्रधान सचिवालय द्वारा नोटिस जारी किये जाते हैं और ये नोटिस सभी सदस्य देशों को नोटिस डेटाबेस में परामर्श करने के लिये उपलब्ध कराए जाते हैं।

Interpol_Notices

विभिन्न नोटिस:

  • नोटिस का उपयोग संयुक्त राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा उन व्यक्तियों की तलाश के लिये भी किया जा सकता है जो अपने अधिकार क्षेत्र में अपराध करते हैं, विशेष रूप से नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध।

इंटरपोल की भविष्य की चुनौतियाँ:

  • अंतर्राष्ट्रीय, साइबर और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे के लिये विश्व स्तर पर समन्वित कानून प्रवर्तन प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
  • इंटरपोल की विश्वसनीयता का अपना एक इतिहास है। इसे उस देश के विरुद्ध मंज़ूरी की शक्तियाँ हासिल करने की आवश्यकता है जो रेड नोटिस को लागू करने में सहयोग करने से इनकार करता है। हालाँकि, इसकी बहुत कम संभावना है कि सदस्य राष्ट्र कभी भी अपनी कुछ संप्रभुता को सौंपने और इंटरपोल को ऐसी शक्ति देने के लिए सहमत होंगे।

स्रोत: द हिंदू

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