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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 11 अप्रैल, 2020

  • 11 Apr 2020
  • 7 min read

भारतीय खाद्य निगम के कर्मचारियों और मज़दूरों के लिये COVID-19 बीमा 

खाद्य और उपभोक्‍ता कार्य मंत्री रामविलास पासवान ने भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India- FCI) के एक लाख से अधिक कर्मियों और मज़दूरों के लिये COVID-19 बीमा सुरक्षा की घोषणा की है। खाद्य और उपभोक्‍ता कार्य मंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, ऐसे सभी कर्मियों और मज़दूरों को 35 लाख रुपए प्रति व्‍यक्ति तक का बीमा प्रदान किया जाएगा, जिनकी मृत्‍यु लॉकडाउन की घोषणा से 6 माह तक ड्यूटी के पश्चात् कोरोनावायरस (COVID-19) से होगी। घोषणा के अनुसार, COVID-19 से मृत्‍यु पर निगम के मज़दूरों के परिजनों को 15 लाख रुपए, अनुबंधित मज़दूरों के परिजनों को 10 लाख रुपए और निगम के अन्‍य कर्मियों के परिजनों को 25-35 लाख रुपए मिलेंगे। ध्यातव्य है कि अभी तक आतंकी हमले, बम विस्‍फोट, भीड़ हिंसा और प्राकृतिक आपदा के कारण निगम के कर्मियों की मृत्‍यु पर ही उनके परिजनों को क्षतिपूर्ति का प्रावधान था। भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India- FCI) ‘उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय’ के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अंतर्गत शामिल सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इसकी स्थापना एक सांविधिक निकाय के रूप में भारतीय खाद्य निगम अधिनियम, 1964 के तहत वर्ष 1965 में की गई थी। इसका मुख्य कार्य खाद्यान्न एवं अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री करना है।

घरेलू हिंसा की रिपोर्ट के लिये व्‍हाट्सअप नंबर 

राष्‍ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women-NCW) ने घरेलू हिंसा के मामलों की रिपोर्ट के लिये व्‍हाट्सअप नंबर (72177 35372) जारी किया है। महिला आयोग के अनुसार, इस  व्‍हाट्सअप नंबर से संकट में उत्पीड़ित महिलाओं की सहायता की जा सकेगी। यह व्‍हाट्सअप नंबर लॉडडाउन की अवधि तक कार्य करेगा। ध्यातव्य है कि देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के पश्चात् से लिंग-आधारित हिंसा और घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, जहाँ एक ओर मार्च के पहले सप्ताह (2-8 मार्च) में महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के 116 मामले सामने आए वहीं मार्च के अंतिम सप्ताह (23 मार्च - 1 अप्रैल) में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 257 हो गई। NCW के अनुसार, घरेलू हिंसा में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन जनवरी 1992 में राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में किया गया था। NCW का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्त्व दिवस

प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्त्व दिवस मनाया जाता है। भारत इस दिवस का आयोजन करने वाला पहला देश है। इस दिवस का आयोजन कस्तूरबा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में किया जाता है। महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी देश में 'बा' के नाम से विख्यात हैं। कस्तूरबा गांधी का जन्म 11 अप्रैल, 1869 को पोरबंदर (Porbandar) में हुआ था, उनकी मृत्यु 22 फरवरी, 1944 को पुणे में हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्त्व दिवस का आयोजन देश में मातृ मृत्यु दर के चिंताजनक स्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव को लेकर जागरुकता की कमी जैसे मुद्दों को संबोधित करने के उद्देश्य से किया जाता है। इस दिवस के आयोजन की शुरुआत कस्तूरबा गांधी की जयंती पर भारत सरकार द्वारा वर्ष 2003 में की गई थी। इस दिवस पर देश भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं के पोषण पर ध्यान दिया जा सके। 

शांति हीरानंद चावला 

हाल ही में प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित शांति हीरानंद चावला का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। शांति हीरानंद चावला का जन्म वर्ष 1932 को ब्रिटिश भारत में लखनऊ (मौजूदा उत्तर प्रदेश) में हुआ था। गौरतलब है कि शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में शांति हीरानंद काफी प्रसिद्ध थीं। उन्होंने ठुमरी, दादरा और गज़ल जैसी विधाओं में बेगम अख्तर से शिक्षा हासिल की थी। शांति हीरानंद चावला ने इस्लामाबाद, लाहौर, बोस्टन और वाशिंगटन समेत दुनियाभर में कई स्थानों पर प्रस्तुति दी थी। शांति हीरानंद चावला ने "बेगम अख्तर: द स्टोरी ऑफ माय अम्मी" नामक एक पुस्तक भी लिखी थी। इस पुस्तक में शांति हीरानंद चावला द्वारा उनकी गुरु, बेगम अख्तर के साथ उनकी यात्रा का वृतांत प्रस्तुत किया गया है। शांति हीरानंद चावला को वर्ष 2007 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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