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प्रीलिम्स फैक्ट्स : 29 नवंबर, 2018

  • 29 Nov 2018
  • 5 min read

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव- 2018 (International Film Festival of India- IFFI)


20 से 28 नवंबर, 2018 तक गोवा में 49वें भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव (International Film Festival of India- IFFI) 2018 का आयोजन किया गया।

  • इस फिल्म महोत्सव के दौरान 68 देशों की 212 फिल्‍में प्रदर्शित की गईं।
  • प्रतिस्पर्द्धी अनुभाग (Competition section) में 22 देशों द्वारा निर्मित/सहनिर्मित फिल्‍मों को शामिल किया गया।
  • इज़रायल इस महोत्सव में विशेष फोकस देश था जबकि झारखंड विशेष फोकस राज्‍य था।
  • सर्गेई लोज़नित्सा द्वारा निर्देशित फिल्म डोनबास ने 49वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में प्रतिष्ठित स्वर्ण मयूर पुरस्कार (Golden Peacock Award) जीता।
  • समारोह के दौरान इस वर्ष का दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार जीतने वाले विनोद खन्‍ना की कुछ सर्वश्रेष्‍ठ फिल्‍मों का प्रदर्शन किया गया। उल्लेखनीय है कि विनोद खन्ना को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है।

IFFI

यूनेस्को गांधी पदक

  • प्रवीण मोरछाले द्वारा निर्देशित ‘वॉकिंग विद दी विंड’ ICFT –यूनेस्को गांधी पदक जीता।
  • इस पुरस्कार को इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्म, टेलीविजन एंड ऑडियो-विजुअल कम्यूनिकेशन, पेरिस और यूनेस्को ने शुरू किया है। यह पुरस्‍कार ऐसी फिल्‍म को दिया जाता है जो यूनेस्‍को के आदर्शों को प्रतिबिंबित करती है।

IFFI की पृष्ठभूमि

  • IFFI की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी।
  • उस समय इसका आयोजन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के संरक्षण में भारत सरकार के फिल्म डिवीज़न द्वारा किया गया था।
  • भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) का उद्देश्य फिल्म निर्माण कला की उत्कृष्टता को दर्शाने के लिये दुनिया भर के सिनेमाघरों को आम मंच प्रदान करना है।
  • IFFI एशिया में आयोजित किया जाने वाले पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह भी है।

आपात प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (Emergency Response Support System- ERSS)


हिमाचल प्रदेश के लिये आपात प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (Emergency Response Support System- ERSS) की शुरुआत की गई है।

  • ERSS के अंतर्गत अखिल भारतीय एकल आपात नंबर (pan-India single emergency number) ‘112’ की शुरुआत करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य है।
  • इस परियोजना के अंतर्गत पूरे राज्य को शामिल कर 12 ज़िलों के कमान केंद्र (District Command Centers- DCCs) के साथ शिमला में एक आपात प्रतिक्रिया केंद्र (Emergency Response Centre -ERC) स्थापित किया गया है।
  • आपात प्रतिक्रिया केंद्र को पुलिस (100), दमकल (101), स्वास्थ्य (108) और महिला हेल्पलाइन (1090) सेवाओं से जोड़ा गया है ताकि एकल आपात नंबर – 112 के ज़रिये आपात सेवाएँ प्रदान की जा सकें।
  • इस सेवा में '112 इंडिया' मोबाइल एप को भी शामिल किया गया है जिसे स्मार्ट फोन के पेनिक बटन (Panic Button) और तत्काल सहायता प्राप्त करने में नागरिकों की सुविधा के लिये ERSS राज्य वेबसाइट से जोड़ा गया है।
  • आपात प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता में वृद्धि के लिये ERC को दूरंसचार सेवा प्रदाताओं द्वारा लोकेशन आधारित सेवाओं से जोड़ा गया है।
  • महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये ‘112 इंडिया’ में एक SHOUT फीचर की शुरुआत की गई है ताकि आपात प्रतिक्रिया केंद्र से मिलने वाली तत्काल सहायता के अलावा आसपास पंजीकृत स्वयंसेवियों से तत्काल सहायता मिल सके।
  • SHOUT फीचर विशेष रूप से महिलाओं के लिये उपलब्ध है।
  • एकीकृत आपात सेवाओं तक पहुँच के लिये देश भर में लोगों की मदद हेतु सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में ‘112 इंडिया’ मोबाइल एप शुरू किया जाएगा।
  • केंद्र सरकार ने देश भर में ERSS परियोजना के कार्यान्वयन के लिये निर्भया कोष के अंतर्गत 321.69 करोड़ रुपए आवंटित किये हैं।
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