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प्रीलिम्स फैक्ट्स: 12 जुलाई, 2018

  • 12 Jul 2018
  • 4 min read

आनायुत्तु समारोह

  • श्री वडक्कुनाथन मंदिर परिसर में लगभग 70 हाथी आनायुत्तु (हाथियों के लिये दावत) समारोह में भाग लेंगे।
  • केरल के श्री वडक्कुनाथन मंदिर के उल्लेखनीय संरक्षण प्रयासों के कारण वर्ष 2015 में  भारत ने यूनेस्को का 'उत्कृष्टता पुरस्कार' जीता था।
  • आनायुत्तु (हाथियों को खिलाना) केरल में त्रिशूर शहर के वडक्कुनाथन मंदिर के परिसर में आयोजित होने वाला एक त्योहार है।
  • अष्टद्रव्य महा गणपति होमम (Ashtadravya Maha Ganapathy Homam) भी मंदिर में आयोजित किया जाएगा।
  • इन हाथियों को भगवान गणेश का रूप मानकर उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराया जाता है।

श्री वडक्कुनाथन मंदिर 

  • यह भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है।
  • इस मंदिर के चारों तरफ विशाल स्मारक हैं और इसमें कुट्टंबलम (रंगमंच हॉल) भी है।
  • इस मंदिर में महाभारत कीविभिन्न घटनाओं पर आधारित भित्तिचित्र उपलब्ध हैं।
  • इस मंदिर को प्राचीन स्मारक और पुरातत्त्व स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है।

नीलगिरि ताहर

  • यह गठीले बदन का एक प्राणी है जिसकी खाल के बाल छोटे और रूखे होते हैं।
  • नर, मादा से बड़ा होता है और प्रौढ़ावस्था में इसका रंग और गाढ़ा हो जाता है।
  • वयस्क नरों की पीठ हल्के सलेटी रंग की होती है जिसे "सैडलबैक" कहते हैं।
  • यह तमिलनाडु और केरल राज्यों में नीलगिरि पर्वत और पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग में रहने वाला जंगली प्राणी है।
  • नीलगिरि ताहर केवल का वितरण पश्चिमी घाट तक ही सीमित है और वह भी केवल केरल और तमिलनाडु राज्यों में ही सीमित है।

आईयूसीएन स्थिति: लुप्तप्राय

  • वन्यजीवन(संरक्षण)अधिनियम, 1972: अनुसूची-1(इसके तहत पूर्ण इसे सुरक्षा प्राप्त है और अपराध के लिये  कठोरतम ज़ुर्माने का प्रावधान है।)
  • इस अध्ययन में वर्ष 2030, 2050 और 2080 के लिये क्रमशः 61.2 प्रतिशत, 61.4 प्रतिशत और 63 प्रतिशत की अधिकतम आवास हानि की भविष्यवाणी की गई है।
  • इसकी आबादी में गिरावट के प्रमुख कारणों में इनका शिकार किया जाना , पशुधन चराई और वर्षों से आवास नुकसान तथा पशु-मानव संघर्ष आदि रहे हैं।
  • ऐसा पहली बार है कि नीलगिरि ताहर पर जलवायु परिवर्तन की स्थिति में एक अध्ययन किया गया है।

कारोबार सुगमता सूचकांक का तीसरा संस्करण

  • विश्व बैंक तथा औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग(DIPP) द्वारा कारोबार सुगमता सूचकांक (ease of doing business) का तीसरा संस्करण-2018 ज़ारी किया गया।
  • इस सूचकांक में आंध्र प्रदेश लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान पाने में सफल रहा है, जबकि तेलंगाना और हरियाणा क्रमशः दूसरे एवं तीसरे तथा झारखंड चौथे जबकि गुजरात पाँचवें स्थान पर रहा।
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DIPP द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से ‘कारोबार सुधार कार्य योजना’(Business Reform Action Plan - BRAP) के तहत समस्त राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिये वार्षिक सुधार सर्वे किया गया।
  • इस वर्ष सुधार योजना में 2017 के मुकाबले कार्य बिंदुओं की संख्या को 285 से बढ़ाकर 372 कर दिया गया है।
  • आंध्र प्रदेश को सुधार साक्ष्य में 99.73% और फीडबैक स्कोर में 86.50% अंक मिले हैं।
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