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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0

  • 18 Jan 2021
  • 6 min read

चर्चा में क्यों?

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने भारत के युवाओं को रोज़गारपरक कौशल में दक्ष  बनाने के लिये 300 से अधिक कौशल पाठ्यक्रम उपलब्ध कराकर ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 3.0’ की शुरुआत की है।

प्रमुख बिंदु:

 पृष्ठभूमि:

  • सरकार द्वारा वर्ष 2015 में कौशल भारत मिशन शुरू किया गया था, जिसके तहत प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) चलाई गई है।
  • इसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक भारत में 40 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित करना है एवं समाज में बेहतर आजीविका और सम्मान के लिये भारतीय युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण व प्रमाणन प्रदान करना है।

PMKVY 1.0:

  • प्रारंभ: भारत की सबसे बड़ी कौशल प्रमाणन योजना ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ 15 जुलाई, 2015 (विश्व युवा कौशल दिवस) को शुरू की गई थी।
  • उद्देश्य: युवाओं को मुफ्त लघु अवधि का कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना एवं मौद्रिक पुरस्कार के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहित करना।
  • कार्यान्वयन: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा PMKVY का कार्यान्वयन किया गया है।
  • मुख्य घटक: लघु अवधि का प्रशिक्षण, विशेष परियोजनाएँ, पूर्व शिक्षण को मान्यता, कौशल और रोज़गार मेला आदि
  • परिणाम: वर्ष 2015-16 में 19.85 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया था।

PMKVY 2.0:

  • कवरेज: PMKVY 2.0 को भारत सरकार के अन्य मिशनों जैसे- मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत आदि के साथ संयुक्त रूप से  लॉन्च किया गया था।
  • बजट: 12,000 करोड़ रुपए।
  • दो घटकों के माध्यम से कार्यान्वयन:
    • केंद्र प्रायोजित केंद्र प्रबंधित (CSCM): यह घटक राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा लागू किया गया था। PMKVY, 2016-20 के लिये 75% फंड CSCM के तहत आवंटित किया गया है।
    • केंद्र प्रायोजित राज्य प्रबंधित (CSSM): इस घटक को राज्य सरकारों द्वारा राज्य कौशल विकास मिशनों (SSDMs) के माध्यम से लागू किया गया था। PMKVY, 2016-20 के लिये 25% फंड CSSM के तहत आवंटित किया गया है।
  • परिणाम: 1.2 करोड़ से अधिक युवाओं को PMKVY 1.0 और PMKVY 2.0 के तहत देश में एक बेहतर मानकीकृत स्किलिंग इकोसिस्टम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।

PMKVY 3.0:

  • कवरेज: इसे 717 ज़िलों, 28 राज्यों/आठ केंद्रशासित प्रदेशों में लॉन्च किया गया, PMKVY 3.0 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
  • कार्यान्वयन: इसे राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों और ज़िलों में अधिक ज़िम्मेदारियों और समर्थन के साथ विकेंद्रीकृत संरचना में लागू किया जाएगा।
    • ज़िला कौशल समितियाँ (DSCs), राज्य कौशल विकास मिशनों (SSDM) के मार्गदर्शन में ज़िला स्तर पर कौशल अंतर को दूर करने और मांग का आकलन करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
  • विशेषताएँ:
    • यह योजना 948.90 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ वर्ष 2020-2021 की योजना अवधि में आठ लाख उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने की परिकल्पना करती है। 
      • 729 प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों  द्वारा कौशल भारत के तहत प्रशिक्षण केंद्रों और 200 से अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) को सशक्त बनाने एवं कुशल पेशेवरों के एक मज़बूत पूल के निर्माण हेतु PMKVY 3.0 के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
    • यह युवाओं के लिये उद्योग से जुड़े अवसरों को भुनाने हेतु प्रारंभिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा का प्रचार करेगी।
      • राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 भी समग्र विकास और रोज़गार में वृद्धि के लिये व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करती है।
    • इसके अंतर्गत प्रशिक्षण के लिये बॉटम-अप दृष्टिकोण को अपनाते हुए रोज़गारों की पहचान की जाएगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर मांग हो और जो युवाओं को कौशल अवसरों (स्थानीय के लिए मुखर) से जोड़ते हों।
    • यह उन राज्यों जो कि बेहतर प्रदर्शन करते हैं, को वित्तीय आवंटन में प्राथमिकता देकर राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा को प्रोत्साहित करेगी ।

स्रोत-पीआईबी

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