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भारत के AVGC-XR क्षेत्र की संभावनाएँ

  • 14 Feb 2024
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) सेक्टर, बौद्धिक संपदा, भारत के AVGC-XR क्षेत्र की क्षमता।

मेन्स के लिये:

भारत के AVGC-XR क्षेत्र की संभावनाएँ, AVGC क्षेत्र , इसका महत्त्व और संबंधित मुद्दे, सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप।

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों?

भारत का एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स तथा एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) क्षेत्र अगले पाँच से छह वर्षों में लंबी छलांग लगाने के लिये तैयार है।

भारत के AVGC-XR क्षेत्र का आउटलुक क्या है?

  • उद्योग परिदृश्य:
    • भारत मुंबई, बंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में प्रमुख केंद्रों के साथ 4,000 से अधिक स्टूडियो के साथ एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है। इसके अतिरिक्त छोटे शहरों में स्टूडियो प्रतिष्ठानों में वृद्धि देखी जा रही है जो इस क्षेत्र के व्यापक विस्तार को उजागर करता है।
    • भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध कला रूप और कुशल कलाकार दृश्य कला में इसकी शक्ति की नींव के रूप में काम करते हैं। उद्योग अब इस क्षेत्र में मूल्य सृजन तथा रोज़गार सृजन की अपार संभावनाओं को पहचान रहा है।
  • रोज़गार:
    • अधिकांश प्रत्यक्ष नौकरी पद सामग्री डेवलपर्स, एनिमेटरों, प्री और पोस्ट-प्रोडक्शन कलाकार, प्री-विज़ुअलाइजेशन कलाकार, कंपोज़ीटर इत्यादि के लिये आएंगे।
    • उद्योग में विकास की उच्च गति देखी जा रही है और AVGC-XR के भीतर कुछ खंड पहले से ही वार्षिक 30 या 35% की दर से बढ़ रहे हैं।
  • अनुमानित वृद्धि:
    • AVGC-XR क्षेत्र, वर्तमान में 2.6 लाख व्यक्तियों को रोज़गार देता है, वर्ष 2032 तक 23 लाख प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करने का अनुमान है, साथ ही राजस्व वर्ष 2030 तक मौजूदा 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 26 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है।
    • सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वैश्विक AVGC-XR क्षेत्र में भारत का योगदान मात्र 0.5% है, भारत में लगभग 25-30% की वार्षिक वृद्धि और सालाना 1,60,000 से अधिक नई नौकरियाँ सृजित करने के साथ, वर्ष 2025 तक वैश्विक बाज़ार हिस्सेदारी का 5% (USD 40 बिलियन) हासिल करने की क्षमता है।

AVGC क्षेत्र संबंधी चुनौतियाँ:

  • प्रामाणिक डेटा का अभाव:
    • AVGC क्षेत्र के लिये रोज़गार, उद्योग का आकार, शिक्षा आदि जैसे डेटा की अनुपलब्धता संस्थाओं के लिये निर्णय लेना कठिन बना देती है।
  • शिक्षा और रोज़गार क्षेत्र में कौशल अंतराल:
    • देश के भीतर AVGC पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिये एनिमेटर्स, डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, स्थानीय विशेषज्ञों, उत्पाद प्रबंधकों आदि जैसी विभिन्न भूमिकाओं हेतु विशेष कौशल वाले कार्यबल की आवश्यकता होती है।
  • अवसंरचना बाधाएँ:
    • पर्याप्त प्रशिक्षण अवसंरचना के अभाव में छात्रों को दिये जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में गिरावट आई है, जिससे AVGC उद्योग के लिये आउटपुट और मानव संसाधनों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
  • अनुसंधान विकास पर कम ध्यान:
    • AVGC-XR क्षेत्र के लिये अनुसंधान से संबंधित वातावरण विकसित करने की भी आवश्यकता है, ताकि इस पर पर्याप्त ध्यान दिया जा सके।
  • AVGC अकादमिक संदर्भ बिंदु की अनुपस्थिति:
    • इंजीनियरिंग, डिज़ाइन, प्रबंधन, पैकेजिंग आदि जैसे अन्य क्षेत्रों के विपरीत AVGC क्षेत्र के लिये भारत में कोई शीर्ष संस्थान नहीं है।
  • कोष का अभाव: 
    • वर्तमान में AVGC क्षेत्र के प्रचार के लिये कोई समर्पित कोष उपलब्ध नहीं है जो भारत में क्षेत्र के विकास हेतु एक बाधा के रूप में कार्य करता है।
  •  विश्व स्तर पर लोकप्रिय भारतीय आईपी की कमी: 
    • AVGC क्षेत्र को सामान्य रूप से मूल भारतीय बौद्धिक संपदा (intellectual property ) की कमी का सामना करना पड़ा है क्योंकि इस क्षेत्र में अधिकांश कार्य बाहरी स्रोत से किये जाते हैं।
    • एनीमेशन उद्योग में अन्य देशों की सेवाओं का प्रभुत्व है और इस प्रकार स्थानीय IP में वृद्धि करने हेतु अतिरिक्त रियायतों के साथ स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

AVGC-XR क्षेत्र के प्रोत्साहन से संबंधित सरकारी पहल कौन-सी हैं?

  • शैक्षणिक एकीकरण:
    • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में कक्षा 6 से स्कूल के पाठ्यक्रम में रचनात्मक कला, डिज़ाइन और खेल को एकीकृत किया गया है जिससे AVGC-XR के क्षेत्र में प्रतिभा के विकास के लिये अनुकूल वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
    • इस योजना का देशभर में विस्तार करने के उद्देश्य के साथ लगभग 5,000 CBSE और राज्य बोर्ड स्कूलों ने AVGC-XR अधिगम शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य एनीमेशन को सभी आयु वर्ग के लिये उपयुक्त पारिवारिक मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना है।
  • नीति ढाँचा:
    • AVGC क्षेत्र के अवसरों को उजागर करने के लिये केंद्रीय बजट 2022-23 में भारतीय बाज़ारों और वैश्विक मांग की पूर्ति करने हेतु घरेलू क्षमता का निर्माण करने की विधियों के संबंध में अनुशंसा करने के लिये एक AVGC प्रमोशन टास्क फोर्स की स्थापना की घोषणा की गई।
    • प्रत्येक राज्य के अनुरूप सुदृढ़ नीतियाँ बनाने के लिये FICCI, एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु एनिमेशन इंडस्ट्री (ABAI), सोसायटी ऑफ एवीजीसी इंस्टीट्यूशंस इन केरल (SAIK) तथा सरकारी संस्थाओं जैसे उद्योग निकायों के बीच संबद्ध क्षेत्र में सहयोगात्मक प्रयास किये जा रहे हैं।
      • कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों ने इस क्षेत्र के विकास को समर्थन देने के लिये सक्रिय रूप से नीतियाँ विकसित की हैं। 

 

आगे की राह

  • AVGC-XR उद्योग के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। इसके तहत इच्छुक पेशेवरों को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये स्कूल पाठ्यक्रम और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एकीकृत औपचारिक शिक्षा पहल सुनिश्चित की जानी चाहिये।
  • पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिये बड़े उद्योगों तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इंटर्नशिप के अवसर, अतिथि व्याख्यान और उद्योग-प्रायोजित परियोजनाएँ शिक्षा तथा उद्योग के बीच की दूरी को पाटने में सहायता प्रदान कर सकती हैं।
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