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राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR)

  • 08 Nov 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न्स, जनगणना, नागरिकता अधिनियम 1955, CAA

मेन्स के लिये: 

जनसंख्या और संबंधित मुद्दे, एनपीआर को अद्यतन करने की आवश्यकता एवं इसका महत्त्व

चर्चा में क्यों?

गृह मंत्रालय (MHA) ने हाल ही में देश भर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) डेटाबेस को अपडेट करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।

  • यह जन्म, मृत्यु और प्रवास के कारण होने वाले परिवर्तनों को दर्ज करने अथवा जानकारी को सामयिक बनाने के लिये है, जिसके लिये प्रत्येक परिवार और व्यक्ति के जनसांख्यिकीय और अन्य विवरण एकत्र किये जाने हैं।

NPR:

  • परिचय:
    • NPR एक डेटाबेस है जिसमें देश के सभी सामान्य निवासियों की सूची होती है।
      • NPR के लिये सामान्य निवासी वह है जो कम-से-कम पिछले छह महीनों से स्थानीय क्षेत्र में रहता है या अगले छह महीनों के लिये किसी विशेष स्थान पर रहने का इरादा रखता है।
    • इसका उद्देश्य देश में रहने वाले लोगों की पहचान संबंधी एक विस्तृत डेटाबेस बनाना है।
      • यह जनगणना के "हाउस-लिस्टिंग" चरण के दौरान घर-घर गणना के माध्यम से तैयार किया जाता है।
      • NPR पहली बार वर्ष 2010 में तैयार किया गया था और फिर वर्ष 2015 में अपडेट किया गया था।
  • कानूनी आधार:
    • NPR नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम, 2003 के प्रावधानों के तहत तैयार किया गया है।
    • भारत के प्रत्येक "सामान्य निवासी" के लिये एनपीआर में पंजीकरण करना अनिवार्य है।
  • महत्त्व:
    • यह विभिन्न प्लेटफॉर्म पर निवासियों के डेटा को सुव्यवस्थित करेगा।
      • उदाहरण के लिये विभिन्न सरकारी दस्तावेज़ों में किसी व्यक्ति की अलग-अलग जन्मतिथि पाया जाना एक आम बात है। NPR में ऐसी कोई समस्या नहीं होगी।
    • यह सरकार को अपनी नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद करेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी मदद करेगा।
    • यह सरकारी लाभार्थियों को बेहतर तरीके से लक्षित करने में मदद करेगा और कागज़ी कार्रवाई और आधार की तरह ही लालफीताशाही को भी कम करेगा।
    • यह 'एक पहचान पत्र' (वन आइडेंटिटी कार्ड) के विचार को लागू करने में मदद करेगा जिसे हाल ही में सरकार द्वारा जारी किया गया है।
      • 'वन आइडेंटिटी कार्ड' आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंकिंग कार्ड, पासपोर्ट आदि के डुप्लीकेट और छेड़छाड़ किये गए दस्तावेज़ों को बदलने का प्रयास करता है।
  • NPR और NRC:
    • नागरिकता नियम 2003 के अनुसार, NPR राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के संकलन की दिशा में पहला कदम है। निवासियों की एक सूची तैयार होने के बाद उस सूची से नागरिकों के सत्यापन के लिये एक राष्ट्रव्यापी NRC को शुरू किया जा सकता है।
    • हालाँकि NRC के विपरीत NPR नागरिकता की गणना से संबंधित नहीं है क्योंकि इसमें किसी क्षेत्र में छह महीने से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी को भी शामिल किया जाता है।

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर:

  • ‘राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर’ (NRC) प्रत्येक गाँव के संबंध में तैयार किया गया एक रजिस्टर होता है, जिसमें घरों या जोतों को क्रमानुसार दिखाया जाता है और इसमें प्रत्येक घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या एवं नाम का विवरण भी शामिल होता है।
  • यह रजिस्टर पहली बार भारत की वर्ष 1951 की जनगणना के बाद तैयार किया गया था और हाल ही में इसे अपडेट भी किया गया है।
    • इसे अभी तक केवल असम में ही अपडेट किया गया है और सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपडेट करने की योजना बना रही है।

NPR बनाम जनगणना:

  • उद्देश्य:
    • जनगणना के दौरान जनगणनाकर्मियों द्वारा लोगों से उनका नाम, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, साक्षरता आदि जैसे मूलभूत प्रश्न (वर्ष 2011 की जनगणना में 29 प्रश्न शामिल थे ) पूछे जाते हैं।
    • दूसरी ओर NPR में बुनियादी जनसांख्यिकीय डेटा और बॉयोमीट्रिक विवरण एकत्र किया जाता है।
  • कानूनी आधार:
    • जनगणना कानूनी रूप से जनगणना अधिनियम, 1948 द्वारा समर्थित है।
    • NPR नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनाए गए नियमों के एक समूह में उल्लिखित तंत्र है।

नागरिकता अधिनियम, 1955:

  • परिचय:
    • नागरिकता अधिनियम, 1955 में नागरिकता प्राप्त करने से संबंधित विभिन्न प्रावधान शामिल हैं।
      • इसमें जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और भारत में बाह्य क्षेत्र शामिल होने के आधार पर नागरिकता प्राप्त करने से संबंधित प्रावधान हैं।
    • इसके अलावा यह ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया कार्डधारकों (OCIs) के पंजीकरण और उनके अधिकारों को विनियमित करता है।
    • OCI, भारत आने के क्रम में बहु-प्रवेश, बहुउद्देशीय आजीवन वीज़ा जैसे  कुछ लाभों को पाने का हकदार होता है।  
  • CAA 2019: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) 2019 को नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के लिये पेश किया गया था।
    • यह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के छह गैर-दस्तावेज़ वाले गैर-मुस्लिम समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को धर्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करता है, जिन्होंने 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किया था।
    • यह छह समुदायों के सदस्यों को विदेशी अधिनियम, 1946 और पासपोर्ट अधिनियम, 1920 के तहत किसी भी आपराधिक मामले से छूट देता है।
      • दोनों अधिनियम अवैध रूप से देश में प्रवेश करने और समाप्त वीज़ाा एवं परमिट अवधि के बाद यहाँ रहने के लिये दंड निर्दिष्ट करते हैं।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2009)

  1. 1951 की जनगणना और 2001 की जनगणना के बीच भारत के जनसंख्या घनत्व में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
  2. 1951 की जनगणना और 2001 की जनगणना के बीच भारत की जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर (घातीय) तीन गुना हो गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (d)

व्याख्या: 

  • जनसंख्या की सघनता के महत्त्वपूर्ण संकेतकों में से एक जनसंख्या का घनत्व है। इसे प्रति वर्ग किलोमीटर पर व्यक्तियों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  • वर्ष 2001 में भारत का जनसंख्या घनत्व 324 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था और 1951 में यह 117 था। इस प्रकार घनत्व में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई, न कि तीन गुना। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • बीसवीं सदी की शुरुआत यानी वर्ष 1901 में भारत का जनसंख्या घनत्व 77 था और यह लगातार एक दशक से बढ़कर वर्ष 2001 में 324 तक पहुँच गया।
  • वर्ष 2001 में औसत वार्षिक वृद्धि दर 1.93 थी, जबकि 1951 में यह 1.25 थी। इस प्रकार इसमें वृद्धि तो हुई लेकिन यह वृद्धि दोगुनी नहीं थी। अतः कथन 2 सही नहीं है। 

अतः  विकल्प (d) सही है।


प्रश्न: सरकार की दो समानांतर योजनाएँ, आधार कार्ड और एनपीआर, एक स्वैच्छिक और दूसरी अनिवार्य, ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस एवं मुकदमेबाज़ी की स्थिति भी उत्पन्न की है। गुण-दोष के आधार पर चर्चा कीजिये कि क्या दोनों योजनाओं को एक साथ चलाने की आवश्यकता है। विकासात्मक लाभ और समान विकास हासिल करने के लिये योजनाओं की क्षमता का विश्लेषण कीजिये। (मुख्य परीक्षा, 2014)

स्रोत: द हिंदू

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