हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )UPPCS मेन्स क्रैश कोर्स.
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

डेली अपडेट्स

भारतीय अर्थव्यवस्था

भारत : स्वर्ण तस्करी का हब

  • 29 Nov 2019
  • 6 min read

प्रीलिम्स के लिये

IMPACT संगठन, अफ़्रीकी ग्रेट लेक्स

मेन्स के लिये

स्वर्ण तस्करी का मुद्दा

चर्चा में क्यों?

अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन IMPACT ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि भारत दुनिया में सोने की सबसे अधिक तस्करी करने वाले देश के रूप में उभरा है।

मुख्य बिंदु:

  • रिपोर्ट में बताया गया है कि अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के जिन क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और मानव अधिकारों का हनन हो रहा है, वहाँ से आने वाला स्वर्ण भारत के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में प्रवेश कर रहा है।
  • एनजीओ ने खुलासा किया है कि भारत प्रतिवर्ष लगभग 1,000 टन सोने का आयात करता है जो आधिकारिक आँकड़ों से एक-चौथाई अधिक है।

कारण:

  • भारत में स्वर्ण उद्योग से संबंधित एजेंसियाँ विनियामकीय जाँच करने में विफल रही है।
  • एजेंसियाँ यह पता नही लगा पाती हैं कि स्वर्ण से प्राप्त होने वाला वित्त अफ्रीका और दक्षिण अमरीकी देशों में संघर्ष और मानवाधिकारों के उल्लंघन को बढ़ावा तो नहीं देता है।
  • रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया का एक तिहाई स्वर्ण भारतीय बाज़ारों से होकर गुजरता है, जिसकी तस्करी के लिये तीन प्राथमिक कारकों की पहचान की गई है:

1) कर में रियायत

2) मूल दस्तावेज़ों को गलत बताकर

3) सह अपराधी दल

  • भारत के स्वर्ण रिफाइनरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने वर्ष 2013 में अपरिष्कृत सोने के लिये करों में रियायत देने की शुरुआत की थी जिसके कारण व्यापारियों ने कम करों का लाभ उठाने के लिये दस्तावेज़ों में हेर-फेर कर दावों को गलत साबित कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि अपरिष्कृत सोने का आयात वर्ष 2012 के 23 टन से बढ़कर वर्ष 2015 में 229 टन हो गया।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने अन्य देशों से अधिक सोने के आयात की घोषणा की है, क्योंकि वे उत्पादन करने में सक्षम हैं, उदाहरण के लिये वर्ष 2014 और 2017 के बीच डोमिनिकन रिपब्लिक से 100.63 टन अपरिष्कृत स्वर्ण का भारत में आयात किया गया था।
  • रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात, भारत में सोने की तस्करी का सबसे बड़ा स्रोत है। संयुक्त अरब अमीरात एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता है और यह अवैध तरीके से अपरिष्कृत सोने का आयात करता है फिर इसे परिष्कृत कर भारत को निर्यात किया जाता है। जबकि अफ्रीका के ग्रेट लेक्स क्षेत्र में भारत से संबंधित प्रमुख व्यापारियों और रिफाइनरों की संलिप्तता अवैध सोने के व्यापार के रूप में पाई गई है।

अफ्रीकी ग्रेट लेक्स :

  • अफ्रीकी ग्रेट लेक्स झीलों की एक शृंखला है जो East African Rift और उसके आसपास रिफ्ट वैली झीलों का हिस्सा है।
  • इसमें मुख्य रूप से विक्टोरिया झील (दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ताज़े पानी की झील), तंगानिका झील (विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील), मलावी झील (भ्रंश घाटी में स्थित अफ्रीका की तीसरी बड़ी झील) शामिल है।
  • अफ्रीका के ग्रेट लेक्स क्षेत्र में बुरुंडी, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, केन्या, मलावी, रवांडा, तंजानिया और युगांडा देश आते है।

क्या किया जा सकता है?

  • इस रिपोर्ट में भारत में सोने की तस्करी के मुद्दे को हल करने के लिये दो सिफारिशें की गई हैं:
    • करों का सामंजस्य
    • नकली दस्तावेज़ों की जाँच करने के लिये सीमा पर एक संवर्द्धित विनियामकीय प्रणाली
  • अधिकारियों को सोने की तस्करी को हतोत्साहित करने के लिये कार्रवाई करनी चाहिये और सुनिश्चित करना चाहिये कि स्वर्ण उद्योग भी इसमें सहयोग दे।
  • एक प्रमुख वैश्विक स्वर्ण विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी भूमिका के साथ भारत को अपनी सोने की आपूर्ति श्रृंखला (Supply chains) में कमज़ोरियों को दूर करने के लिये उचित कार्रवाई करनी चाहिये।

IMPACT:

IMPACT (पूर्व में इसे “Partnership Africa Canada” के रूप में जाना जाता था) एक गैर-सरकारी संगठन है, जो यह बताता है कि “ऐसे क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन कैसे किया जाता है, जहाँ सुरक्षा और मानव अधिकारों का 30 से अधिक वर्षों से हनन हो रहा है।

स्रोत- द हिंदू

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close