हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

ICANN और NASSCOM की साझेदारी

  • 20 Jun 2019
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वैश्विक इंटरनेट निकाय ICANN और भारतीय आईटी उद्योग निकाय NASSCOM ने पहचानकर्त्ता तकनीक (Identifier Technology) जिसका उपयोग इंटरनेट का उपयोग करने वाले उपकरणों और बुनियादी ढाँचे के प्रबंधन के लिये किया जा सकता है को विकसित करने के लिये आपसी साझेदारी की घोषणा की।

  • इस साझेदारी/सहयोग के अंतर्गत दोनों निकाय पहले ‘डोमेन नेम सिस्टम’ (Domain Name System- DNS) का उपयोग करके इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of Things- IoT) उपकरणों को अपडेट करेंगे। अपडेट प्रक्रिया उस स्थिति में भी की जाएगी जब निर्माता या आपूर्तिकर्त्ता ने व्यवसाय बंद कर दिया हो।
  • यह सहयोग दोनों निकायों को संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाओं की पहचान करने के लिये, विशेष रूप से अद्वितीय पहचानकर्त्ताओं की इंटरनेट प्रणाली से संबंधित नई तकनीकों हेतु एक संरचना प्रदान करता है।
  • पहली अनुसंधान परियोजना IoT फर्मवेयर को आधुनिक बनाने के लिये DNS के उपयोग का परीक्षण करने और एक प्रयोगशाला के बाहर के वातावरण में प्रस्तावित तकनीक को विकसित करने पर केंद्रित है।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स

Internet of Thing (IoT)

    • इंटरनेट ऑफ थिंग्स सरल सेंसर से लेकर स्मार्टफोन और धारणीय उपकरणों से मिलकर बना है।
    • IoT दूसरों के साथ संचार करने के बाद बंद निजी इंटरनेट कनेक्शन पर उपकरणों की अनुमति देता है और इंटरनेट ऑफ थिंग्स उन नेटवर्क को एक साथ लाता है।
    • यह उपकरणों के लिये न केवल एक समान नेटवर्क में बल्कि विभिन्न नेटवर्किंग प्रकारों में संचार करने का अवसर देता है जिससे एक मज़बूत नेटवर्क बनता है।
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सामान्य रूप से इंटरनेट का एक नेटवर्क है जो उन वस्तुओं को आपस में जोड़ता है जो डेटा को संग्रहित और परिवर्तित करने में सक्षम हैं।
  • इसके मुख्यतः दो भाग होते हैं-
    • इंटरनेट: यह कनेक्टीविटी का आधार होता है।
    • थिंग: इसके अंतर्गत वस्तुयें या उपकरण आते हैं।

इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स

(Internet Corporation for Assigned Names and Numbers-ICANN)

  • यह एक गैर-लाभकारी संगठन है।
  • यह इंटरनेट के नेमस्पेस और न्यूमेरिकल स्पेस से संबंधित कई डेटाबेस के रख-रखाव और विभिन्न प्रक्रियाओं के बीच समन्वय के लिये ज़िम्मेदार है जो नेटवर्क के स्थिर और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है।
  • यह विभिन्न डेटाबेस के रखरखाव और कार्यप्रणाली के समन्वय जो अद्वितीय पहचानकर्त्ताओं के साथ, इंटरनेट के नेमस्पेस से संबंधित है, के लिये ज़िम्मेदार है। इस तरह यह नेटवर्क के स्थिर और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है।
  • ICANN विविध निदेशक मंडल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित होता है, जो नीति निर्माण प्रक्रिया की देखरेख करता है। I

नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज

(National Association of Software and Services Companies- NASSCOM)

  • NASSCOM एक गैर-लाभकारी औद्योगिक संघ है जो भारत में IT उद्योग के लिये सर्वोच्च निकाय है
  • वर्ष 1988 में स्थापित NASSCOM के महत्त्वपूर्ण प्रयासों के कारण भारत के IT (Information Technology) और BPO (Business Process Outsourcing) उद्योग में काफी सहयोग मिल रहा है।
  • इसने भारत के GDP, निर्यात, रोजगार, बुनियादी ढाँचे और वैश्विक दृश्यता में अभूतपूर्व योगदान दिया है।

स्रोत- बिज़नेस स्टैंडर्ड्स

एसएमएस अलर्ट
Share Page