हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स

भारतीय इतिहास

चंद्र शेखर आज़ाद

  • 24 Jul 2021
  • 3 min read

प्रिलिम्स के लिये:

चंद्रशेखर आज़ाद, असहयोग आंदोलन, काकोरी षडयंत्र

मेन्स के लिये: 

चन्द्रशेखर आज़ाद का स्वतंत्रता आंदोलनन में योगदान

चर्चा में क्यों? 

23 जुलाई को भारत ने स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।Chandra-Shekhar-Azad

प्रमुख बिंदु

  • जन्म: आज़ाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्य प्रदेश के अलीराजपुर ज़िले में हुआ था।
  • प्रारंभिक जीवन: चंद्रशेखर, जो कि उस समय 15 वर्षीय छात्र थे, दिसंबर 1921 में एक असहयोग आंदोलन में शामिल हुए थे जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
    • मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पर उन्होंने अपना नाम "आज़ाद" (द फ्री) तथा अपने पिता का नाम "स्वतंत्रता" (स्वतंत्रता) और अपना निवास स्थान "जेल" बताया था।
    • इसलिये उन्हें चंद्रशेखर आज़ाद के नाम से जाना जाने लगा।

स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान:

  • हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन: गांधी द्वारा 1922 में असहयोग आंदोलन के निलंबन के बाद आज़ाद हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (Hindustan Republican Association- HRA) में शामिल हो गए।
    • HRA भारत का एक क्रांतिकारी संगठन था जिसकी स्थापना वर्ष 1924 में पूर्वी बंगाल में शचींद्र नाथ सान्याल, नरेंद्र मोहन सेन और प्रतुल गांगुली ने अनुशीलन समिति की शाखा के रूप में की थी।
    • सदस्य: भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी।
  • काकोरी षडयंत्र: क्रांतिकारी गतिविधियों के लिये अधिकांश धन संग्रह सरकारी संपत्ति की लूट के माध्यम से किया जाता था। उसी के अनुरूप वर्ष 1925 में HRA द्वारा काकोरी (लखनऊ) के पास काकोरी ट्रेन डकैती की गई थी।
    • इस योजना को चंद्रशेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और मनमथनाथ गुप्ता ने अंजाम दिया था।
  • हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन: HRA को बाद में ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) के रूप में पुनर्गठित किया गया था।
    • इसकी स्थापना 1928 में नई दिल्ली के फिरोज शाह कोटला में चंद्रशेखर आज़ाद, अशफाकउल्ला खान, भगत सिंह, सुखदेव थापर और जोगेश चंद्र चटर्जी ने की थी।
    • HSRA ने लाला लाजपत राय की हत्या का बदला लेने के लिये वर्ष 1928 में लाहौर में एक ब्रिटिश पुलिसकर्मी जे.पी. सॉन्डर्स को गोली मारने की योजना बनाई।

मृत्यु: 27 फरवरी, 1931 को इलाहाबाद के आज़ाद पार्क में उनका निधन हो गया।

स्रोत: पी.आई.बी.

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close