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एप्पल ने लड़कियों की शिक्षा हेतु ब्राज़ील तथा भारत में मालाला फंड की गतिविधियों को बढ़ाया

  • 14 Jul 2018
  • 4 min read

संदर्भ

एप्पल ने लड़कियों के लिये शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने हेतु लैटिन अमेरिका में मलाला फंड के साथ एक नया सहयोग शुरू किया है, जिसे बाद में भारत में भी बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ब्राज़ील में 10 एप्पल डेवलपर अकादमियों के माध्यम से यह शुरुआत की जा चुकी है। 

प्रमुख बिंदु

  • मलाला फंड ने लैटिन अमेरिका में अपने नए विस्तार के बाद ब्राज़ील में भी स्थानीय समर्थकों को अनुदान दिया है।
  • एप्पल ने कहा कि मलाला फंड के साथ साझेदारी कंपनी के लिये एक अच्छा पल रहा है और यह कम से कम 1,00,000 लड़कियों की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगा। 

गुलमकाई नेटवर्क (Gulmakai Network)

  • मलाला ने 11 साल की उम्र में लड़कियों की शिक्षा के लिये अपनी लड़ाई शुरू की।
  • इस दौरान उन्होंने ‘तालिबान शासन के तहत पाकिस्तान में जीवन’विषय पर बीबीसी के लिये एक ब्लॉग लिखा था।
  • इस ब्लॉग के लिये उन्होंने छद्म नाम "गुलमकाई" का इस्तेमाल किया था।
  • दरअसल,गुलमकाई नेटवर्क मलाला फंड की प्रमुख पहल है जो विकासशील देशों में लड़कियों की शिक्षा के लिये चैंपियन के रूप में काम करते हैं तथा साथ ही दुनिया भर में लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा की दिशा में प्रगति को गति देता है।
  • गुलमकाई चैंपियन अनिवार्य रूप से स्थानीय शिक्षक और कार्यकर्ता हैं जो "अपने समुदायों की चुनौतियों को समझते हैं और नीति तथा प्रगतिशील समाधानों की पहचान कर, नवाचार और उनका पक्ष लेने में सक्षम हैं।
  • हालाँकि, मलाला फाउंडेशन पहले से ही भारत में काम कर रहा है किंतु इसके द्वारा  एप्पल के सहयोग को यहाँ विस्तारित करने की कोई घोषणा नहीं की गई थी।
  • गौरतलब है कि एप्पल भारत के मणिपुर, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर राज्यों में "सोलर ममाज़" (“solar mamas”) के प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का समर्थन कर रहा है।
  • "सोलर ममाज़" इसके अंतर्गत विकासशील देशों की महिलाओं को भारत सरकार की तरफ से सौर ऊर्जा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • इनकी ट्रेनिंग राजस्थान के अजमेर स्थित बेयरफुट कॉलेज में होती है।
  • इसका उद्देश्य विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है जिससे जलवायु पर होने वाले बुरे प्रभावों को रोका जा सके। 
  • इसके अलावा यह मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और बंगलूरू में कम आय वाले समुदायों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये आकांक्षा फाउंडेशन (Akanksha Foundation) और टीच फॉर इंडिया(Teach For India)का भी समर्थन कर रहा है।
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