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उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार : यूजीसी ऑनलाइन पाठ्यक्रम को मंज़ूरी

  • 30 May 2018
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार के रूप में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 24 मई, 2018 को संपन्न एक बैठक में यूजीसी (ऑनलाइन पाठ्यक्रम) नियम, 2018 को अनुमति प्रदान की। यूजीसी की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र 2018-19 से लागू होंगे।

  • यह नियम वर्ष 2020 तक 30 प्रतिशत के सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को प्राप्त करने में बड़ा कदम साबित होंगे। 

प्रमुख बिंदु

  • उच्च शिक्षा संस्थान अब केवल उन विषयों में ऑनलाइन सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम/कोर्स प्रदान कर सकेंगे, जिनमें वो समान या मिलते-जुलते पाठ्यक्रम नियमित रूप से स्नातक स्तर पर मुक्त या दूरस्थ शिक्षा में संचालित कर रहे हों।
  • इसके साथ ही, इसमें से एक समूह ने स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की हो और जिसे वैधानिक परिषद की अनुमति प्राप्त हो।
  • इस परीक्षा का संचालन प्रोक्टर प्रणाली से हुआ हो और यह आयोग द्वारा ऐसी परीक्षाओं के लिये निर्धारित किसी भी नियम के अनुरुप होना चाहिये।
  • ऑनलाइन अध्ययन के न्यूनतम चार भाग - वीडियो व्याख्यान, ई-विषय वस्तु, स्वत-आकलन और दुविधा को स्पष्ट करने के लिये चर्चा मंच होने चाहिये।
  • उच्च शिक्षा संस्थान ऑनलाइन पाठ्यक्रम के लिये तभी योग्य होंगे जब वो कम-से-कम पाँच वर्ष से अस्तित्व में हों और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) से 4 बिंदु स्तर पर न्यूनतम 3.26 के मान्य अंक के साथ अधिकृत हों।
  • इसके साथ ही वो गत 3 वर्षों में से कम-से-कम दो वर्ष राष्ट्रीय संस्थान रैंकिग ढाँचा (एनआईआरएफ) की समग्र श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ 100 सम्मिलित रहे हों।
  • हालाँकि, एनएएसी और एनआईआरएफ की शर्त वर्तमान में सरकारी मुक्त विश्वविद्यालय पर एनएएसी या समान प्रमाणन या एनआईआरएफ के उपलब्ध होने तक लागू नहीं होगी।
  • अध्यापन-अध्ययन और परीक्षा सहित सभी ऑनलाइन विचार-विमर्श हेतु भारतीय और विदेशी छात्रों के सत्यापन के लिये आधार एवं पासपोर्ट का प्रयोग किया जाएगा।
  • विद्यार्थी के कार्य की निगरानी अतुल्यकालिक/समकालीन विचार-विमर्श में भागीदारी, असाइनमेंट गतिविधि और कार्यक्रम में सहभागिता द्वारा होगी।
  • विद्यार्थी की भागीदारी प्रत्येक पखवाड़े 2 घंटे सुनिश्चित करने के लिये अध्ययन प्रबंधन प्रणाली के विश्लेषण का प्रयोग किया जाएगा।
  • इन नियमों के लागू होने से प्रवेश, अध्ययन-अध्यापन, परीक्षा, विद्यार्थी की प्रमाणिकता और पाठयक्रम संबधी जानकारी, जैसे- अवधि, प्रारंभ व पूर्ण होने की तिथि, शुल्क, विद्यार्थियों की संख्या, पहचान के साथ विद्यार्थियों के नाम, परिणाम आदि सुनिश्चित हो सकेंगे।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग

  • 28 दिसंबर, 1953 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने औपचारिक तौर पर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की नींव रखी थी।
  • विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग विश्‍वविद्यालय शिक्षा के मापदंडों के समन्‍वय, निर्धारण और अनुरक्षण हेतु 1956 में संसद के अधिनियम द्वारा स्‍थापित एक स्‍वायत्‍त संगठन है।
  • पात्र विश्‍वविद्यालयों और कॉलेजों को अनुदान प्रदान करने के अतिरिक्‍त, आयोग केंद्र और राज्‍य सरकारों को उच्‍चतर शिक्षा के विकास हेतु आवश्‍यक उपायों पर सुझाव भी देता है।
  • इसका मुख्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में अवस्थित है। इसके छः क्षेत्रीय कार्यालय पुणे, भोपाल, कोलकाता, हैदराबाद, गुवाहाटी एवं बंगलुरु में हैं।
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