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ग्लोबल स्टेट ऑफ डेमोक्रेसी रिपोर्ट 2021

  • 24 Nov 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

ग्लोबल स्टेट ऑफ डेमोक्रेसी रिपोर्ट 2021, ‘इंटरनेशनल आइडिया’

मेन्स के लिये:

ग्लोबल स्टेट ऑफ डेमोक्रेसी रिपोर्ट 2021 के प्रमुख तथ्य

चर्चा में क्यों?

हाल ही में जारी ग्लोबल स्टेट ऑफ डेमोक्रेसी रिपोर्ट, 2021 के अनुसार, वर्ष 2020 में सत्तावाद की ओर बढ़ने वाले देशों की संख्या उच्च  लोकतांत्रिक मूल्यों वाले देशों की तुलना में अधिक थी।

प्रमुख बिंदु

  • परिचय: 
    • इस रिपोर्ट का उद्देश्य वैश्विक बहस को प्रभावित करना और वर्तमान रुझानों व लोकतंत्र के लिये चुनौतियों का विश्लेषण करना है, जो कोविड-19 महामारी के कारण बढ़ गई हैं।
    • यह नीति निर्माताओं, सरकारों और लोकतंत्र का समर्थन करने वाले नागरिक समाज संगठनों की नवीन सोच को जाग्रत करने के लिये विशिष्ट नीतिगत सिफारिशें प्रदान करता है।
    • इसे ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस’ (आईडीईए) द्वारा जारी किया गया है।
  • लोकतंत्र और चुनावी सहायता के लिये अंतर्राष्ट्रीय संस्थान के बारे में:
    • ‘इंटरनेशनल आइडिया’ एक अंतर-सरकारी संगठन है जो दुनिया भर में स्थायी लोकतंत्र का समर्थन करता है।
    • इसकी स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और वर्तमान में 33 देश इसके सदस्य हैं।
    • यह सभी स्तरों पर लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्थानों और प्रक्रियाओं के निर्माण, सुदृढ़ीकरण तथा सुरक्षा समर्थन के माध्यम से सार्वभौमिक मानव आकांक्षा और सतत् विकास के एक प्रवर्तक के रूप में दुनिया भर में लोकतंत्र को आगे बढ़ाता है।
  • रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ:
    • लोकतांत्रिक गिरावट: स्थापित लोकतंत्रों सहित लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारें तेज़ी से सत्तावादी रणनीति अपना रही हैं।
    • महामारी का प्रभाव: महामारी ने आंदोलन पर अपरिहार्य प्रतिबंध लगाकर पूरे क्षेत्र में लोकतंत्र पर काफी ज़ोर दिया, जहाँ सरकारें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध की आलोचना के प्रति संवेदनशील थीं।
      • निरंकुशता के संकट से प्रभावित देशों की संख्या के मामले में वर्ष 2020 में सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया गया।
      • इस प्रकार महामारी का गैर-लोकतांत्रिक देशों पर विशेष रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ा है क्योंकि उन्होंने नागरिक सुविधाओं की कमी वाले क्षेत्रों को पहले ही बंद कर दिया था। 
    • प्रचलित समर्थन: इस डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग (Democratic Backsliding) को अक्सर महत्त्वपूर्ण प्रचलित/लोकप्रिय समर्थन प्राप्त हुआ है।
    • भारतीय परिदृश्य: रिपोर्ट में ब्राज़ील और भारत के मामले को "बैकस्लाइडिंग के कुछ सबसे चिंताजनक उदाहरणों" के रूप में उजागर किया गया है।
      • हालाँकि वर्ष 2000 से ही भारत एक मध्य-स्तरीय प्रदर्शन करने वाले लोकतंत्र की श्रेणी में आता है।

Democracy

  • प्रमुख सुझाव:
    • नए सामाजिक अनुबंध: राजनीतिक या नागरिक सुधारों को पूरा करने या एक नया सामाजिक अनुबंध विकसित करने की आवश्यकता है क्योंकि यह लोगों की इच्छाओं और वर्तमान सरकारों के 
    • कार्यों के बीच के अंतराल को पाटता है।
      • यह कार्य सतत् विकास की दिशा में उन्मुख उत्तरदायी, समावेशी, जवाबदेह और पारदर्शी संस्थानों को डिज़ाइन करके किया जा सकता है।
    • संस्थानों को मज़बूत बनाना: स्थापित लोकतंत्रों में प्रथाओं को अद्यतन कर, नए लोकतंत्रों में लोकतांत्रिक क्षमता का निर्माण करके और चुनावी अखंडता, मौलिक स्वतंत्रता तथा अधिकारों की रक्षा एवं संपन्न लोकतांत्रिक प्रणालियों हेतु आवश्यक जाँच व संतुलन द्वारा मौजूदा संस्थानों का पुनर्निर्माण करना।
    • नागरिक समाज को मज़बूत बनाना: शिक्षा में निवेश और स्वतंत्र नागरिक समाज के समर्थन द्वारा दुष्प्रचार का मुकाबला कर तथा लोकतांत्रिक संस्कृतियों, मूल्यों व प्रथाओं का विकास करने वाले मुक्त और स्वतंत्र मीडिया का समर्थन करके बढ़ते अधिनायकवाद और डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग को रोका जा सकता है।

स्रोत: द हिंदू

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