Study Material | Test Series
Drishti


 दृष्टि का नया टेस्ट सीरीज़ सेंटर  View Details

वैकल्पिक विषय - दर्शनशास्त्र

प्रश्न पत्र-1

दर्शन का इतिहास एवं समस्याएँ

  1. प्लेटो एवं अरस्तूः प्रत्यय; द्रव्य; आकार एवं पुदगल; कार्यकारण भाव; वास्तविकता एवं शक्यता।
  2. तर्कबुद्धिवाद (देकार्त, स्पिनोजा, लीबनिज): देकार्त की पद्धति एवं असंदिग्ध ज्ञान; द्रव्य; परमात्मा; मन-शरीर द्वैतवाद; नियतत्ववाद एवं स्वातत्र्य।
  3. इंद्रियानुभव (लॉक, बर्कले, ह्यूम); ज्ञान का सिद्धांत; द्रव्य एवं गुण; आत्मा एवं परमात्मा; संशयवाद।
  4. कांटः संश्लेषात्मक प्रागनुभविक निर्णय की संभवता; दिक एवं काल; पदार्थ; तर्कबुद्धि प्रत्यय; विप्रतिषेध; परमात्मा के अस्तित्व के प्रमाणों की मीमांसा।
  5. हीगेलः द्वंद्वात्मक प्रणाली; परमप्रत्यवाद।
  6. मूर, रसेल एवं पूर्ववर्ती विटगेन्स्टीन; सामान्य बुद्धि का मंडन; प्रत्ययवाद का खंडन; तार्किक परमाणवाद; तार्किक रचना; अपूर्ण प्रतीक; अर्थ का चित्र सिद्धांत; उक्ति एवं प्रदर्शन।
  7. तार्किक प्रत्यक्षवाद; अर्थ का सत्यापन सिद्धांत; तत्वमीमांसा का अस्वीकार; अनिवार्य प्रतिज्ञप्ति का भाषिक सिद्धांत।
  8. उत्तरवर्ती विट्गेंस्टीनः अर्थ एवं प्रयोग; भाषा-खेल; व्यक्ति भाषा की मीमांसा।
  9. संवृतिशास्त्र (हर्सल); प्रणाली; सार सिद्धांत; मनोविज्ञानपरता का परिहार।
  10. अस्तित्वपरकतावाद (कीर्कगार्द, सार्त्र, हीडेगर); अस्तित्व एवं सार; वरण, उत्तरदायित्व एवं प्रामाणिक अस्तित्व; विश्वनिसत एवं कालसत्ता।
  11. क्वाइन एवं स्ट्रासनः इंद्रियानुभववाद की मीमांसा; मूल विशिष्ट एवं व्यक्ति का सिद्धांत।
  12. चार्वाकः ज्ञान का सिद्धांत; अतींद्रिय सत्वों का अस्वीकार।
  13. जैनदर्शन संप्रदाय; सत्ता का सिद्धांत; सप्तभंगी न्याय; बंधन एवं मुक्ति।
  14. बौद्धदर्शन संप्रदाय; प्रतीत्यसमुत्पाद; क्षणिकवाद, नैरात्म्यवाद।
  15. न्याय-वैशेषिकः पदार्थ सिद्धांत; आभास सिद्धांत; प्रणाम सिद्धांत; आत्मा, मुक्ति; परमात्मा; परमात्मा के अस्तित्व के प्रणाम; कार्यकारण-भाव का सिद्धांत, सृष्टि का परमाणुवादी सिद्धांत।
  16. सांख्यः प्रकृति; पुरुष; कार्यकारण-भाव; मुक्ति।
  17. योगः चित्त; चित्तवृति; क्लेश; समाधि; कैवल्य।
  18. मीमांसा; ज्ञान का सिद्धांत।
  19. वेदांत संप्रदायः ब्रह्मन; ईश्वर; आत्मन; जीव; जगत; माया; अविद्या; अध्यास; मोक्ष; अपृथक सिद्धि; पंचविधभेद।
  20. अरविन्दः विकास, प्रतिविकास; पूर्ण योग।

प्रश्न पत्र-2

सामाजिक-राजनैतिक दर्शन

  1. सामाजिक एवं राजनैतिक आदर्श; समानता, न्याय, स्वतंत्रता।
  2. प्रभुसत्ताः आस्टिन बोदॉ, जास्की, कौटिल्य।
  3. व्यक्ति एवं राज्यः अधिकार; कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व।
  4. शासन के प्रकारः राजतंत्र; धर्मतंत्र एवं लोकतंत्र।
  5. राजनैतिक विचारधाराएँ; अराजकतावाद; मार्क्सवाद एवं समाजवाद।
  6. मानववाद; धर्मनिरपेक्षतावाद; बहुसंस्कृतिवाद।
  7. अपराध एवं दंडः भ्रष्टाचार, व्यापक हिंसा, जातिसंहार, प्राणदंड।
  8. विकास एवं सामाजिक उन्नति।
  9. लिंग भेदः स्त्रीभ्रूण हत्या, भूमि एवं संपत्ति अधिकार; सशक्तिकरण।
  10. जाति भेदः गांधी एवं अम्बेडकर।

धर्म दर्शन

  1. ईश्वर की धारणाः गुण; मनुष्य एवं विश्व से संबंध (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  2. ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण और उसकी मीमांसा (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  3. अशुभ की समस्या।
  4. आत्माः अमरता; पुनर्जन्म एवं मुक्ति।
  5. तर्कबुद्धि, श्रुति एवं आस्था।
  6. धार्मिक अनुभवः प्रकृति एवं वस्तु (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  7. ईश्वर रहित धर्म।
  8. धर्म एवं नैतिकता।
  9. धार्मिक शुचिता एवं परम सत्यता की समस्या।
  10. धार्मिक भाषा की प्रकृतिः सादृश्यमूलक एवं प्रतीकात्मक; संज्ञानवादी एवं निस्संज्ञानवादी।


Helpline Number : 87501 87501
To Subscribe Newsletter and Get Updates.