Study Material | Test Series
Drishti


  Download : RAS (प्रारंभिक) परीक्षा, 2018 के संदर्भ में समसामयिक घटना क्रम (राजस्थान के विशेष संदर्भ सहित)

[1]

भारतीय इतिहास में दार्शनिक संप्रदायों व उनके संस्थापकों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजियेः

1. सांख्य दर्शन महर्षि गौतम
2. मीमांसा दर्शन महर्षि बादरायण
3. वैशेषिक दर्शन महर्षि कणाद्

उपरोक्त युग्मों में कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

1, 2 और 3

C)

केवल 3

D)

उपर्युक्त में से कोई नहीं

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[2]

भारतीय दर्शन के एक प्राचीन संप्रदाय सांख्य दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. सांख्य दर्शन के अनुसार मोक्ष यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति से हो सकता है।
2. सांख्य दर्शन में यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति हेतु प्रत्यक्ष, अनुमान और शब्द को ज्ञान के साधन के रूप में स्वीकारा गया है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[3]

न्याय-दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-से सही हैं?
1. न्याय-दर्शन तर्कशास्त्र से संबंधित है।
2. न्याय-दर्शन ईश्वर को सृष्टि का रचयिता, पालनकर्त्ता तथा संहारकर्त्ता के रूप में स्वीकार करता है।
3. इस दर्शन के अनुसार मोक्ष की प्राप्ति यथार्थ ज्ञान से हो सकती है।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 1 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[4]

भारतीय दर्शन के एक प्रमुख संप्रदाय वैशेषिक-दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. वैशेषिक दर्शन ने परमाणुवाद की स्थापना की।
2. इसे औलूक्य दर्शन की संज्ञा दी गई है।
3. द्रव्य विवेचन वैशेषिक दर्शन में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1 और 3

B)

केवल 2

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[5]

मीमांसा-दर्शन भारतीय दर्शन का एक प्रमुख संप्रदाय है, जिसके प्रवर्तक महर्षि जैमिनी हैं। इस दर्शन में तर्क करने और अर्थ स्पष्टीकरण को विशेष महत्त्व दिया गया है। मीमांसा दर्शन के तर्कीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. मीमांसा दर्शन के अनुसार तर्क का तात्पर्य वैदिक कर्मकांडों के औचित्य सिद्ध करना है।
2. मीमांसा दर्शन में तर्कीकरण हेतु निगमनात्मक पद्धति को अपनाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[6]

वेदांत दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. अद्वैत वेदांत शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित किया गया है जिसमें जीव और ब्रह्म के तादात्म्य को स्वीकारा गया है।
2. विशिष्टाद्वैत के अंतर्गत ज्ञान को मोक्ष प्राप्ति हेतु सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है।
3. ‘पंचीकरण’ वेदांत दर्शन के द्वैतवाद से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 1 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[7]

चार्वाक दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन-से सही हैं?
1. चार्वाक-दर्शन का प्रणेता बृहस्पति को माना जाता है।
2. चार्वाक के अनुसार प्रत्यक्ष और अनुमान ज्ञान के दो साधन हैं।
3. चार्वाक दर्शन के अनुसार आकाश की सत्ता प्रत्यक्ष ज्ञान द्वारा संभव नहीं है।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 1 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[8]

जैन दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-से सही हैं?
1. स्याद्वाद का संबंध जैन दर्शन से है।
2. जैन मतानुसार द्रव्य के गुण अनिवार्य, शाश्वत तथा अस्तित्व में परिवर्तनीय होते हैं।
3. जैन-विश्वास के अनुसार ब्रह्मांड की भौतिक और पराभौतिक वस्तुओं के सात वर्ग होते हैं।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 1 और 3

D)

1, 2 और 3

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[9]

भारतीय इतिहास के बौद्ध दर्शन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र नामक ‘त्रिरत्न’ का संबंध बौद्ध दर्शन से है।
2. ‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ की अवधारणा बौद्ध दर्शन के चतुर्थ आर्य सत्य से संबंधित है।
3. सौत्रांतिक और वैभाषिक बौद्ध-दर्शन से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से असत्य है/हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 2

C)

केवल 2 और 3

D)

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

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[10]

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजियेः

1. सांख्य दर्शन जगत की सृष्टि ईश्वर से नहीं अपितु प्रकृति से सम्बन्धित है। यह दर्शन अपने आरम्भ में भौतिकवादी था तथा बाद में यह आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गया।
2. योग दर्शन इससे न केवल प्राचीन काल में शरीर-क्रिया तथा रचना संबंधी ज्ञान के विकास का पता चलता है, अपितु इसमें सांसारिक समस्याओें से भागने की प्रवृत्ति भी दिखाई देती है।
3. न्याय दर्शन मोक्ष प्राप्ति ज्ञान से ही सम्भव है। इसका विकास तर्कशास्त्र के रूप में हुआ।
4. मीमांसा दर्शन यह दर्शन सामान्य और विशेष के मध्य अन्तर करता है। इसके अनुसार पृथ्वी, जल, वायु और आकाश के मेल से नई वस्तुओं की सृष्टि होती है।

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 1, 2 और 3

D)

केवल 1 और 4

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[11]

‘वेदांत दर्शन’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. वेदांत दर्शन को औपनिषदिक दर्शन कहा गया है।
2. अद्वैतवेदांत जिसके प्रवर्तक शंकराचार्य हैं, के अनुसार भक्ति ही मोक्ष का सर्वोत्तम मार्ग है।
3. वेदांत दर्शन में ‘पुनर्जन्म के सिद्धांत’ को नहीं माना गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 1 और 2

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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Helpline Number : 87501 87501
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