Study Material | Prelims Test Series
Drishti


 UPSC Study Material (English) for Civil Services Exam-2018  View Details

[1]

निम्नलिखित में कौन-सा एक बौद्ध मत में निर्वाण की अवधारणा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है?

A)

 धारणातीत मानसिक अवस्था

B)

 परमानन्द एवं विश्राम की स्थिति

C)

 स्वयं की पूर्णतः अस्तित्वहीनता

D)

 तृष्णा रूपी अग्नि का शमन

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[2]

जैन धर्म के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

A)

इसका मूल आधार ‘चार आर्य सत्य’ है।

B)

इसमें पाँच महाव्रतों के पालन का विधान है।

C)

इसमें मति, श्रुति, अवधि तथा मनः पर्याय ज्ञान को महत्त्व दिया गया है।

D)

जैन संघ के सदस्य 4 वर्गों भिक्षुणी, भिक्षु, श्रावक तथा श्राविका में विभक्त थे।

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[3]

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बौद्ध संघ की कार्य प्रणाली की सही व्याख्या नहीं करता है?

A)

संघ में प्रविष्ट होने को ‘उपसम्पदा’ कहा जाता था।

B)

संघ की सभा में तीन बार प्रस्ताव (नन्ति) का पाठ होता था। प्रस्ताव तीन बार पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं होने पर प्रस्ताव स्वीकृत माना जाता था।

C)

प्रस्ताव पाठ को ‘अनुसावन’ कहते थे।

D)

मतभेद की स्थिति में अन्तिम निर्णय संघ प्रमुख का होता था।

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[4]

प्राचीन भारत के बौद्ध मठों में ‘पावरन’ समारोह का संबंध किससे है?

A)

संघ प्रमुख के चुनाव से।

B)

वर्षा ऋतु में मठों में प्रवास के समय भिक्षुओं द्वारा किये गए अपराधों के स्वीकारोक्ति से।

C)

किसी नए व्यक्ति के संघ में प्रवेश से।

D)

वर्षा ऋतु के दौरान चार महीने के लिये निवास के हेतु निश्चित स्थान के चुनाव से।

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[5]

जैन धर्म के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

A)

बौद्धों के विपरीत जैन धर्म की प्रारम्भिक अवस्था में, जैन धर्म के लोग चित्रों का पूजन करते थे।

B)

प्रथम सदी ई.पू. में जैन धर्म को कलिंग के राजा खारवेल का समर्थन मिला।

C)

पाटलिपुत्र में हुई परिषद के पश्चात् जो जैन धर्म के लोग भद्रबाहु के नेतृत्व में रहे, वे श्वेताम्बर कहलाये।

D)

स्थूलभद्र के नेतृत्व में दक्षिण में जैन धर्म का प्रचार हुआ।

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[6]

निम्नलिखित प्राचीन भारतीय महाजनपदों के संदर्भ में विचार कीजियेः
1. कोशल
2. वज्जि
3. मगध
4. शाक्य
उपर्युक्त में से कौन-से महाजनपद प्रशासन की राजतंत्रीय पद्धति का अनुसरण नहीं करते थे?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 1, 2 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

केवल 2 और 4

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[7]

वैदिक धर्म की प्रतिक्रिया स्वरूप उभरे नवीन बौद्धिक आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजियेः
1. पूरन कस्सपः ये अक्रियावादी अथवा अकर्मवाद के प्रचारक थे।
2. मक्खलि गोसालः ये नियतिवादी थे।
3. अजित केसकम्बलिनः ये उच्छेदवादी थे।
4. पकुध कच्चायनः ये नित्यवादी थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 2, 3 और 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[8]

बौद्ध धर्म की विभिन्न शाखाओं के मतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा असत्य है?

A)

महायान शाखा में बोधिसत्व की अवधारणा उभरी।

B)

वज्रयान के तहत प्रज्ञापारमिता बुद्ध एवं बोधिसत्व को उनकी कल्पित पत्नियों के साथ संयुक्त कर दिया गया।

C)

महायानी बुद्ध को एक शिक्षक के रूप में देखते हैं एवं उनके प्रतीकों और उनसे सम्बन्धित स्थलों को ही महत्त्व देते हैं।

D)

बोधिसत्व समस्त सचेतन प्रणालियों को उनके प्रबोध के मार्ग पर चलने में सहायता करने के लिये स्वयं की निर्वाण प्राप्ति विलम्बित करता है।

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[9]

निम्नलिखित राज्यों में से किसका/किनका संबंध बुद्ध के जीवन से था?
1. गांधार
2. अवंति
3. मगध
4. कोसल
नीचे दिये गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिये।

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 3 और 4

C)

केवल 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[10]

बौद्ध धर्म की महायान शाखा के माध्यमिक या शून्यवाद के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

A)

इसके प्रतिपादक मैत्रेय थे।

B)

इस शाखा के प्रमुख विद्वान असंग, वसुबंधु, धर्मकीर्ति स्थिरमति, दिंगनाग थे।

C)

इसके अनुसार शून्य एक परमसत्ता है जो वर्णनातीत है। इसी आधार को लेकर शंकर का दर्शन आगे बढ़ा।

D)

समाधि प्रज्ञा प्राप्ति का मार्ग नहीं है।

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Helpline Number : 87501 87501
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