Study Material | Prelims Test Series
Drishti


 Prelims Test Series 2018 Starting from 10th December

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अध्यापकों की टीम

  • ‘दृष्टि: विज़न’ के पास सबसे बड़ी पूंजी श्रेष्ठ अध्यापकों की है। हमने अध्यापकों के चयन की प्रक्रिया बेहद कठिन रखी है जिसमें कई चरणों को पूरा करने के बाद तथा विद्यार्थियों के ‘फीडबैक’ के आधार पर ही अध्यापकों की नियुक्ति व स्थायित्व का निर्णय होता है।

  • इस चयन प्रक्रिया के आधार पर हमारे यहाँ सामान्य अध्ययन, एवं सीसैट के प्रत्येक खंड के लिये विशेषज्ञ अध्यापक नियुक्त किये गए हैं जो विषयों पर अपनी सूक्ष्म समझ, व्यापक जानकारी तथा रोचक प्रस्तुतीकरण के लिये विद्यार्थियों में अत्यंत लोकप्रिय हैं।

  • वैकल्पिक विषयों के लिये हमने सर्वश्रेष्ठ अध्यापकों का चयन किया है जिन्हें न केवल अपने विषय में महारथ हासिल है बल्कि मुख्य परीक्षा में उनका निष्पादन सदैव श्रेष्ठ रहा है।

  • कृपया ध्यान दें कि कभी-कभी (अत्यंत विरल परिस्थितियों में) ऐसी स्थिति बन सकती है कि विद्यार्थियों का ‘फीडबैक’ किसी अध्यापक के पक्ष में न हो। ऐसी स्थिति में दृष्टि प्रबंधन किसी भी अध्यापक को बदल सकता है। हमारी स्पष्ट नीति है कि विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ अध्यापक ही मिलने चाहियें।

हमारे अध्यापकों का संक्षिप्त परिचय एवं उनकी उपलब्धियाँ

अध्यापक

शिक्षण खंड

उपलब्धियाँ

Vikas Divyakriti
डॉ.विकास दिव्यकीर्ति

सामान्य अध्ययन:
एथिक्स, भारतीय समाज एवं निबंध

वैकल्पिक विषय:
हिंदी साहित्य (ऑडियो वीडियो क्लासेज़)

मूल रूप से अध्यापक व लेखक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की गहरी रुचि विविध विषयों को पढ़ने और अनुसंधान करने में रही है| उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में बी.ए. (ऑनर्स) किया और उसके बाद विषय-परिवर्तन करके हिन्दी साहित्य में एम.ए, एम.फिल. तथा पी.एच.डी. की पढ़ाई की। बाद में उन्होंने समाजशास्त्र तथा जन-संचार विषयों में एम.ए. किया तथा विधि की पढ़ाई करते हुए एल.एल.बी. किया। वे हिन्दी साहित्य से यू.जी.सी. नेट/जे.आर.एफ. तथा समाजशास्त्र से नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। उनकी अनुवाद कार्य में भी गंभीर रुचि रही है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय तथा भारतीय विद्या भवन दोनों संस्थाओं से अंग्रेज़ी-हिन्दी अनुवाद में पी.जी. डिप्लोमा किया है। दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, सिनेमा अध्ययन, सामाजिक मुद्दे और राजनीति विज्ञान (विशेषतः भारतीय संविधान) उनकी रुचि के अन्य विषय हैं।

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन-कार्य से की थी। उसके बाद उन्होंने 1996 की सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल की और लगभग एक वर्ष तक भारत सरकार के गृह मंत्रालय में कार्य किया। इसके पश्चात् वे अपने पद से त्यागपत्र देकर पुनः शिक्षण के क्षेत्र में उतरे और ‘दृष्टि संस्थान’ की स्थापना की। आजकल वे अध्यापन कार्य के साथ-साथ समसामयिक मुद्दों की मासिक पत्रिका ‘दृष्टि करेंट अफेयर्स टुडे’ के लिये प्रधान सम्पादक की भूमिका भी निभा रहे हैं। दृष्टि मीडिया की देखरेख भी उन्हीं के मार्गदर्शन में की जा रही है।

D Kumar
श्री डी.कुमार

सामान्य अध्ययन:
भारतीय अर्थव्यवस्था

विगत 20 वर्षों से सिविल सेवा परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे श्री डी. कुमार, देश भर के सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच अर्थशास्त्र (वैकल्पिक विषय) और अर्थव्यवस्था (सामान्य अध्ययन) के अध्यापन की पहली पसंद हैं। अर्थव्यवस्था जैसे जटिल एवं तकनीकी विषय को रोज़मर्रा की ज़िंदगी से संबंधित घटनाओं के साथ जोड़कर अत्यंत सहज ढंग से पढ़ाने की वजह से वे सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच एक लोकप्रिय और विश्वसनीय अध्यापक हैं।

Akhil Murti
श्री अखिल मूर्ति

सामान्य अध्ययन:
भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति

वैकल्पिक विषय: इतिहास

सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच इतिहास (वैकल्पिक विषय एवं सामान्य अध्ययन) के अध्यापन के लिये सबसे लोकप्रिय नाम हैं- श्री अखिल मूर्ति। तथ्यों की अधिकता की वजह से, विशेषकर गैर-मानविकी पृष्ठभूमि के सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिये वैकल्पिक विषय एवं सामान्य अध्ययन के एक खंड के रूप में इतिहास उपेक्षा एवं अनिच्छा का विषय रहा है, लेकिन अगर इतिहास के प्रति अरुचि रखने वाला कोई अभ्यर्थी श्री अखिल मूर्ति की दो कक्षाएँ भी कर ले तो इस बात का पूरा विश्वास है कि इतिहास के प्रति उसकी अरुचि संबंधी सभी धारणाएँ निर्मूल साबित हो जाएंगी।

सिविल सेवा परीक्षा में दो बार साक्षात्कार का अनुभव रखने वाले श्री अखिल मूर्ति विगत 15 वर्षों से सिविल सेवा अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। श्री मूर्ति ने इतिहास विषय में विश्वसनीय पाठ्य पुस्तकों की कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया और भारतीय इतिहास (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा) तथा विश्व इतिहास से संबंधित 4 पुस्तकों का लेखन कार्य भी किया है। इतिहास के अतिरिक्त श्री अखिल मूर्ति की रुचि रक्षा अध्ययन (Defence study) में भी है, इस विषय पर उन्होंने एक पुस्तक भी लिखी है।

Kumar Gaurav
श्री कुमार गौरव

सामान्य अध्ययन:
भूगोल और पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
 
वैकल्पिक विषय: भूगोल

श्री कुमार गौरव की अकादमिक पृष्ठभूमि भूगोल एवं विज्ञान की रही है। उन्होंने अपने अध्यापकीय जीवन की शुरुआत करीब 20 वर्ष पूर्व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के छात्रों के अध्यापन से की। इसके पश्चात् रुचि परिवर्तन एवं अपने कुछ पूर्व छात्रों (जो मेडिकल की पढ़ाई करके सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए और सफल रहे) के अनुरोध पर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षार्थियों के मार्गदर्शन की और रुख किया और अत्यंत कम समय में ही सिविल सेवा परीक्षार्थियों के बीच एक लोकप्रिय अध्यापक बन गए।

मानचित्र एवं आरेखों के माध्यम से भूगोल की जटिलतम अवधारणाओं को बहुत ही सहज ढंग से विद्यार्थियों को समझाने वाले श्री कुमार गौरव आज देश भर में सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच भूगोल, पर्यावरण व पारिस्थितिकी तथा आपदा प्रबंधन के अध्यापन की पहली पसंद बन चुके हैं। वे विगत 15 वर्षों से भूगोल (वैकल्पिक विषय तथा सामान्य अध्ययन) तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी का अध्यापन कर रहे हैं।

Ritesh R Jaiswal
श्री रीतेश जायसवाल

सामान्य अध्ययन:
सामान्य विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विगत 10 वर्षों से सामान्य अध्ययन के सामान्य विज्ञान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंडों का अध्यापन कर रहे श्री रीतेश जायसवाल सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच एक स्थापित और विश्वसनीय नाम हैं। विज्ञान से संबंधित सामान्य अध्ययन के विभिन्न खंडों पर मज़बूत पकड़ तथा विषय से संबंधित जटिल संकल्पनाओं की सहज व्याख्या के चलते श्री रीतेश जायसवाल अपने अध्यापन करियर के शुरुआती वर्षों में ही विद्यार्थियों के बीच एक लोकप्रिय चेहरा बन गए थे। इनकी खास विशेषता यह है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को सामाजिक-आर्थिक सन्दर्भों से जोड़कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का निर्माण करते हैं। साथ ही, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास से हमेशा विद्यार्थियों को अद्यतन रखते हैं।

Rrajesh Mishra
श्री राजेश मिश्रा

सामान्य अध्ययन:
भारतीय राजव्यवस्था एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध

देश भर में सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच राजनीति विज्ञान (वैकल्पिक विषय), भारतीय राजव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के अध्यापन की सबसे पहली पसंद श्री राजेश मिश्रा हैं। सिविल सेवा अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करने में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्री राजेश मिश्रा अत्यंत सरल स्वभाव के व्यक्तित्त्व के धनी हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंध जैसे जटिल विषय को बहुत ही सहज ढंग से विद्यार्थियों को समझा देने वाले श्री राजेश मिश्रा अपनी अध्यापन शैली में व्यावहारिक उदाहरणों पर अधिक ज़ोर देते हैं, यही वजह है कि वे विद्यार्थियों के बीच इतने अधिक लोकप्रिय हैं।

हिन्दी माध्यम में राजनीति विज्ञान वैकल्पिक विषय में हमेशा से ही स्तरीय पाठ्य सामग्री का अभाव रहा है। देश भर के सिविल सेवा परीक्षार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिये श्री राजेश मिश्रा ने राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर तीन स्तरीय पुस्तकों का लेखन कार्य भी किया है। उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकें हैं- राजनीति विज्ञान का समग्र अध्ययन, भारतीय राजव्यवस्था, भूमंडलीकरण के दौर में भारतीय विदेश नीति।

Nishant Shrivastava
श्री निशांत श्रीवास्तव

सामान्य अध्ययन:
सामाजिक न्याय और समसामयिक घटनाक्रम

मेकैनिकल इंजीनियरिंग से स्नातक श्री निशांत श्रीवास्तव ने अपने अध्यापन करियर की शुरुआत कैट (CAT) परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन से की। सिविल सेवा परीक्षा के प्रति गहरे रुझान के चलते उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में ही कॉर्पोरेट जगत में जाने की बजाय सिविल सेवा अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन की ओर रुख किया। विभिन्न विषयों में गहरी रुचि रखने वाले श्री निशांत श्रीवास्तव की सामान्य अध्ययन के विभिन्न विषयों में गहरी समझ है। विगत 10 वर्षों से सिविल सेवा अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे श्री निशांत श्रीवास्तव ने अपनी अध्यापन शैली में व्यावहारिक अध्ययन पर ज़ोर देते हुए करेंट अफेयर्स जैसे उबाऊ और बोझिल लगने वाले विषय के अध्यापन की एक नई शैली विकसित की। इसी का परिणाम है कि करेंट अफेयर्स के साथ-साथ समाज और सामाजिक कल्याण विषयों से संबंधित परीक्षा में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न प्रत्यक्ष रूप से उनके क्लास नोट्स से संबंधित होते हैं।

Sourabh Chaturavedi
श्री सौरभ चतुर्वेदी

सामान्य अध्ययन:
आंतरिक सुरक्षा एवं गवर्नेंस से संबंधित मुद्दे

विगत 15 वर्षों से सिविल सेवा परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे सौरभ चतुर्वेदी भारतीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों एवं आंतरिक सुरक्षा संबंधी विषयों पर अपनी गहरी समझ के चलते, विद्यार्थियों को इन विषयों से संबंधित अवधारणाओं को रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी घटनाओं के माध्यम से बहुत ही सहज ढंग से समझाते हैं। कंप्यूटर साइंस से परास्नातक श्री सौरभ चतुर्वेदी ने दो बार सिविल सेवा परीक्षा का साक्षात्कार भी दिया है। प्रशासन एवं कानूनी विषयों में अपनी रुचि के चलते उन्होंने विधि से स्नातक (एल.एल.बी.) और परास्नातक (एल.एल.एम.) भी किया है।

Abhishek Karan
श्री अभिषेक कर्ण

सीसैट: लॉजिकल रीज़निंग तथा नॉन-वर्बल रीज़निंग (अभाषिक तर्कशक्ति)

विगत चार वर्षों से सीसैट के रीज़निंग एवं गणित खंडों का अध्यापन करने वाले श्री अभिषेक कर्ण ने विषय पर मज़बूत पकड़ एवं प्रश्नों को हल करने की बहुआयामी अध्यापन शैली की वजह से अपने छोटे से अध्यापन करियर में विद्यार्थियों के बीच एक अलग पहचान बनाई है। रीज़निंग से संबंधित प्रश्नों को सहज तरीकों से हल करवाने और व्यावहारिक घटनाओं के माध्यम से विभिन्न संकल्पनाओं को समझाने के कारण आज विद्यार्थियों के लिये वे एक विश्वसनीय नाम बन गए हैं।

Jitendra Sarin
श्री जितेन्द्र सरीन

सीसैट: गणित

दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग में परास्नातक श्री जितेन्द्र सरीन की रुचि शुरू से ही गणित पढ़ाने में रही है। इनकी सबसे ख़ास बात यह है कि गणित जैसे जटिल विषय को गणित से भिन्न पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को भी सहज ढंग से सवालों को हल करना सिखा देते हैं। 10 वर्षों से अधिक समय से अध्यापन के पेशे से जुड़े श्री जितेन्द्र सरीन की अध्यापन शैली की खासियत यह है कि वे प्रत्येक अध्याय से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिये तीन-चार ऐसी विधियाँ सिखाते हैं जो खासकर उन विद्यार्थियों के लिये बहुत लाभकारी होती हैं जिनकी पृष्ठभूमि गणित की नहीं होती है। यही कारण है कि सीसैट में जब गणित खंड की बारी आती है तो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में एक ही नाम सामने आता है, श्री जितेन्द्र सरीन।

Shantanu jha
श्री शांतनु झा

सीसैट:
द्विभाषिक बोधगम्यता (Bilingual comprehension)

कंप्यूटर इंजीनियरिंग से स्नातक श्री शांतनु झा विगत 10 वर्षों से भी ज़्यादा समय से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट के प्रश्नपत्र में द्विभाषिक बोधगम्यता (Bilingual comprehension) से संबंधित प्रश्नों को सही और कम समय में हल करना एक बहुत ही जटिल कार्य है, लेकिन श्री शांतनु झा की अध्यापन शैली के चलते उनके संबंध में विद्यार्थियों के बीच एक आम धारणा यह बन गई है कि अगर एक बार कोई विद्यार्थी (फिर चाहे वह किसी भी अकादमिक पृष्ठभूमि का हो) इनकी कक्षा ध्यान से कर ले तो उसके लिये सीसैट प्रश्नपत्र में द्विभाषिक बोधगम्यता से संबंधित प्रश्नों को हल करना एक बिलकुल सहज कार्य बन जाता है।

 


Helpline Number : 87501 87501
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