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Rapid Fire करेंट अफेयर्स (16 September)

  • 16 Sep 2019
  • 8 min read
  • देश में प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर का दिन अभियन्ता (Engineers) दिवस के रूप में मनाया जाता है। अभियन्ता दिवस भारत के सुविख्यात इंजीनियर डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्हें आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में जाना जाता है। इस वर्ष उनकी 159 जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्म 15 सितंबर, 1861 में मैसूर में हुआ था। भारत सरकार ने वर्ष 1968 में उनकी जन्म तिथि को ‘अभियंता दिवस’ घोषित किया था। डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को सिंचाई डिज़ाइन के मास्टर के रूप में भी जाना जाता है। उनकी सबसे उल्लेखनीय परियोजनाओं में से एक कृष्णा राजा सागर झील और बांध है, जो कर्नाटक में स्थित है। उस समय भारत में वह सबसे बड़ा जलाशय था। वर्ष 1955 में उनकी अभूतपूर्व तथा जनहितकारी उपलब्धियों के लिये उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया। जब वह 100 वर्ष के हुए तो भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया।
  • दुनियाभर में 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का आयोजन किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने के लिये 15 सितंबर का दिन तय किया था। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार लोकतंत्र समावेश, समान व्यवहार और भागीदारी पर बनाया गया है। यह शांति, सतत् विकास और मानवाधिकारों के लिये एक बुनियाद है। यह फैसला 8 नवंबर, 2007 को लिया गया था। उसके बाद से प्रतिवर्ष यह दिन अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहली बार वर्ष 2008 में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया गया था। इसे नए बहाल लोकतंत्रों के पहले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ के रूप में चिह्नित किया गया। इसने दुनियाभर में लोगों को आगे आने, प्रोत्साहित करने और लोकतंत्र को मज़बूत करने का अवसर दिया। अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 2019 की थीम भागीदारी (Participation) रखी गई है।
  • केंद्र सरकार ने आयकर विभाग की महत्त्वाकांक्षी ई-आकलन योजना को अधिसूचित कर दिया है। इससे आयकर आकलन के दौरान करदाता आयकर अधिकारियों के सीधे संपर्क में नहीं आ पाएंगे। इस योजना के तहत राष्‍ट्रीय ई-आकलन केंद्र बनाया जाएगा, जो करदाताओं को उनसे संबद्ध मुद्दों पर जानकारी मांगेगा। जानकारी मिलने के 15 दिन बाद कंप्यूटर आधारित प्रणाली से आकलन के लिये इसे आयकर अधिकारी के पास भेज दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत किसी भी व्यक्ति को स्वयं अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि के ज़रिये आयकर प्राधिकरण के समक्ष या फिर राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र अथवा इस योजना के तहत तैयार की गई किसी भी इकाई के समक्ष उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई करदाता अथवा उनका प्राधिकृत प्रतिनिधि व्यक्तिगत तौर पर आयकर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखना चाहता है तो वह किसी भी आयकर इकाई में ऐसा कर सकते हैं। यह सुनवाई विशिष्ट तौर पर वीडियो लिंक अथवा इसी तरह की किसी अन्य सुविधा के ज़रिये ही की जा सकेगी। यह पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रानिक प्रणाली के ज़रिये होगी और इसे इस वर्ष में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बारे में चुनिंदा शहरों में पायलट परियोजनाओं पर काम किया है।
  • आदिवासी युवाओं के विकास के लिये 462 एकलव्य विद्यालयों की शुरुआत की जा रही है। सभी को सशक्त बनाने के लिये प्रधानमंत्री ने इनकी शरुआत की। इन विद्यालयों में जनजातीय छात्रों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जाएगी तथा स्थानीय कलाओं और संस्कृति के साथ-साथ खेल एवं कौशल विकास की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इन विद्यालयों में प्रत्येक जनजातीय छात्र पर सरकार हर साल एक लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च करेगी। नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर इन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। अगले तीन वर्षों में पूरे देश में प्रखंड स्तर पर ऐसे 462 एकलव्य मॉडल विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों को संचालित करने के लिये सरकार एक स्वायत्त समिति का गठन करेगी। इस समय देश में 284 विद्यालय हैं, जिसमें से 219 कार्यान्वित हैं।
  • भारत की पाँच महिला पुलिस अधिकारियों को दक्षिण सूडान में संयुक्‍त राष्‍ट्र मिशन में उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के लिये सम्‍मानित किया गया है। ये पुरस्‍कार दक्षिण सूडान के जूबा में संयुक्‍त राष्‍ट्र मिशन में परेड के दौरान दिये गए। संयुक्‍त राष्‍ट्र पदक से जिन भारतीय महिलाओं को सम्‍मानित किया गया है उनमें चंडीगढ़ पुलिस में इंस्‍पेक्‍टर रीना यादव, महाराष्‍ट्र पुलिस में डी.एस.पी. गोपिका जहाँगिरदार, गृह मंत्रालय में डी.एस.पी. भारती समांत्रे, गृह मंत्रालय में इंस्‍पेक्‍टर रागिनी कुमारी और राजस्‍थान पुलिस में ए.एस.पी. कमल शेखावत शामिल हैं। इन भारतीय महिला अधिकारियों को युद्धग्रस्‍त दक्षिण सूडान में नागरिकों की रक्षा के लिये संयुक्‍त राष्‍ट्र के आदेश के पालन हेतु सम्‍मानित किया गया है। ये सभी महिलाएँ सामुदायिक, प्रशासनिक, परिचालन कर्त्तव्यों और स्थानीय अधिकारियों के क्षमता निर्माण में लगी हुई हैं। ये महिलाएँ व्यावसायिकता, अखंडता और विविधता के लिये सम्मान के संयुक्त राष्ट्र के मूल उद्देश्यों के साथ काम कर रही हैं। इसके अलावा हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत दक्षिणी सूडान में तैनात भारत के 17 शांति दूतों को भी सम्मानित किया गया है। इन भारतीय पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और दक्षिणी सूडान के लोगों की करीब एक साल तक सेवा की। यहाँ उनकी ड्यूटी में विस्थापित नागरिकों की सुरक्षा करना, समुदाय स्तर पर व्यवस्था बनाना और स्थानीय पुलिस के कौशलों का विकास करना शामिल था।
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