18 जून को लखनऊ शाखा पर डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के ओपन सेमिनार का आयोजन।
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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 28 मई, 2020

  • 28 May 2020
  • 8 min read

WHO फाउंडेशन

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization-WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने महामारी के दौर में वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिये WHO फाउंडेशन (WHO Foundation) नाम से एक स्वतंत्र संस्था के निर्माण की घोषणा की है। इस स्वतंत्र संस्था के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य आम जनता समेत वित्त के गैर-परंपरागत स्रोतों से वित्त एकत्रित करना है। यह संस्था ‘गैर-परंपरागत स्रोतों से धन एकत्रित कर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रयासों का समर्थन करेगी।’ यह संस्था कानूनी तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अलग है। इस संस्था का लक्ष्य WHO के योगदानकर्त्ताओं के आधार को और अधिक व्यापक बनाना है और वित्तपोषण कार्यक्रम को अधिक स्थाई बनाना है। इस संस्था का मुख्यालय जिनेवा (Geneva) में स्थित है। यह संस्था विशेष तौर पर वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने और स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत बनाने का कार्य करेगी। WHO एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो अपने सदस्य राष्ट्रों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहयोग से कार्य करता है। WHO वैश्विक स्वास्थ्य मामलों पर नेतृत्त्व प्रदान करते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान संबंधी एजेंडा को आकार देता है तथा विभिन्न मानदंड एवं मानक निर्धारित करता है। इसकी स्थापना 7 अप्रैल, 1948 को की गई थी। 

पंडित जवाहर लाल नेहरू

27 मई, 2020 को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की 56वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर, 1889 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था। भारत से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे इंग्लैंड चले गए और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद वर्ष 1912 में वे भारत लौटे और राजनीति से जुड़ गए। वर्ष 1912 में उन्होंने एक प्रतिनिधि के रूप में बांकीपुर सम्मेलन में भाग लिया एवं वर्ष 1919 में इलाहाबाद के होम रूल लीग के सचिव बने। पंडित जवाहर लाल नेहरू सितंबर 1923 में अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी के महासचिव बने। वर्ष 1929 में पंडित नेहरू भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन के लाहौर सत्र के अध्यक्ष चुने गए जिसका मुख्य लक्ष्य देश के लिये पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना था। उन्हें वर्ष 1930-35 के दौरान नमक सत्याग्रह एवं कई अन्य आंदोलनों के कारण कई बार जेल जाना पड़ा। नेहरू जी सर्वप्रथम वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन में महात्मा गांधी के संपर्क में आए और गांधी जी से काफी अधिक प्रभावित हुए। नेहरु जी बच्चों से काफी अधिक प्रेम करते थे, जिसके कारण देश भर में प्रत्येक वर्ष नेहरू जी के जन्म दिवस (14 नवंबर) को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। चीन से युद्ध के बाद नेहरू जी के स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी और 27 मई, 1964 को उनकी मृत्यु हो गई।

कोविद कथा

हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science & Technology-DST) के तहत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (National Council for Science & Technology Communication-NCSTC) ने COVID-19 महामारी के संदर्भ में जन जागरूकता फैलाने के लिये ‘कोविद कथा’ के नाम से सभी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाली लोकप्रिय मल्टीमीडिया गाइड का हिंदी संस्करण जारी किया है। इसका अंग्रेज़ी संस्करण पहले ही इस महीने की शुरुआत में जारी किया जा चुका है। ‘कोविद कथा’ के हिंदी संस्करण से देश की हिंदी पट्टी के लोग भी इस महामारी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर लाभांवित हो सकेंगे। इस मल्टीमीडिया गाइड में वैज्ञानिक संदेश और स्वास्थ्य अवधारणाओं को साधारण तरीके से समझाने का प्रयास किया गया है, साथ ही इसमें विज्ञान कार्टून (साइंटून्स-Scientoons) और हास्य का भी प्रयोग किया गया है। हिंदी के अतिरिक्त कोविद कथा का देश की अन्य भाषाओं जैसे- तमिल, बांग्ला और असमिया आदि में भी अनुवाद किया जा रहा है। मल्टीमीडिया तकनीकों और डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करके, COVID-19 के संबंध में सामान्य जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत ‘राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद’ ने लोगों को उपयुक्त ज्ञान एवं विश्वास के साथ महामारी को समझने तथा उससे निपटने में सहायता प्रदान करने के लिये इस मल्टीमीडिया गाइड को प्रस्तुत किया है।

आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस

कुछ समय पूर्व अप्रैल 2020 में आयोजित होने वाली आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (Army Commanders' Conference) को COVID-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। अब इस सम्मेलन का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस एक शीर्ष स्तर का आयोजन है, जिसे वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है। इस दौरान अवधारणाओं के स्तर पर विचार-विमर्श किया जाता है और महत्त्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों के साथ इसका समापन होता है। इस सम्मेलन का पहला चरण 27 से 29 मई, 2020 तक और दूसरा चरण जून 2020 के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन के दौरान भारतीय सेना का शीर्ष स्तर का नेतृत्त्व मौजूदा उभरती सुरक्षा एवं प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेगा और भारतीय सेना के लिये भविष्य की रूपरेखा तय करेगा। इस सम्मेलन के पहले चरण में लॉजिस्टिक्स एवं मानव संसाधन से जुड़े अध्ययनों सहित परिचालन तथा प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

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