इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 28 फरवरी, 2020

  • 28 Feb 2020
  • 7 min read

भारत और म्याँमार के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

म्याँमार के राष्ट्रपति यू विन मियंट चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के मध्य 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए हैं। अधिकतर समझौतों में मुख्य रूप से म्याँमार के संघर्ष प्रभावित रखाइन प्रांत में भारत की सहायता के तहत चल रही विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इन समझौतों में 'मानव तस्करी' की रोकथाम के लिये सहयोग, तस्करी पीड़ितों को बचाने, खोजने, वापसी और पुन: मुख्यधारा में लाना भी शामिल है। साथ ही समझौतों में आपूर्ति प्रणालियों के निर्माण, सौर ऊर्जा द्वारा प्राप्त बिजली के वितरण के साथ-साथ रखाइन प्रांत में सड़कों और स्कूलों के निर्माण पर ध्यान दिया गया है। म्याँमार के रखाइन प्रांत में बौद्ध समुदाय और रोहिंग्या समुदाय के बीच संघर्ष चल रहा है। यह संघर्ष द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान शुरू हुआ था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान रोहिंग्या मुसलमानों ने एक अलग मुस्लिम प्रांत के बदले में रखाइन के बौद्धों के खिलाफ अंग्रेज़ों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी, 2020 को चित्रकूट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखेंगे। यह एक्सप्रेस-वे फरवरी 2018 में सरकार द्वारा घोषित उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे सहमति के बिंदुओं को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान देगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाया जा रहा यह एक्सप्रेस-वे चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन ज़िलों से होकर गुज़रेगा। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड क्षेत्र को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे से चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ओरैया और इटावा ज़िलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा

महाराष्ट्र विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मराठी को ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा देने का आग्रह किया है। विधानसभा में यह प्रस्ताव राज्य सरकार के मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई द्वारा प्रस्तुत किया गया था। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि मराठी एक प्राचीन भाषा है और दावा किया कि यह संस्कृत से भी पुरानी है। ध्यातव्य है कि वर्तमान में छ: भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान किया गया है, जो इस प्रकार हैं- तमिल (2004), संस्कृत (2005), कन्नड़ (2008), तेलुगू (2008), मलयालम (2013), ओडिया (2014)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार, किसी भाषा को शास्त्रीय भाषा के रूप में अधिसूचित करने से प्राप्त होने वाले लाभ इस प्रकार हैं- (1) भारतीय शास्त्रीय भाषाओं में प्रख्यात विद्वानों के लिये दो प्रमुख वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण (2) शास्त्रीय भाषाओं में अध्ययन के लिये उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना (3) मानव संसाधन विकास मंत्रालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुरोध करता है कि वह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शास्त्रीय भाषाओं के लिये पेशेवर अध्यापकों के कुछ पदों की घोषणा करें।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को देश भर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। ज्ञात हो कि भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन (Sir CV Raman) ने 28 फरवरी, 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। उन्हीं के सम्मान में प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष के लिये राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएँ’ (Women in Science) है। इसका मूल उद्देश्य छात्रों को विज्ञान के प्रति आकर्षित एवं प्रेरित करना तथा लोगों को विज्ञान व वैज्ञानिक उपलब्धियों से अवगत कराना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की कम संख्या भागीदारी पर अफसोस प्रकट किया। आँकड़ों के अनुसार, देश में महिला वैज्ञानिक मात्र 15 प्रतिशत हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह औसत 30 प्रतिशत है।

जॉन टेनिएल का 200वाँ जन्मदिवस

सर जॉन टेनिएल (Sir John Tenniel) का जन्म 28 फरवरी, 1820 को लंदन में हुआ था। जॉन टेनिएल 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध अंग्रेज़ी चित्रकार, ग्राफिक हास्यकार और राजनीतिक कार्टूनिस्ट थे। 28 फरवरी, 2020 को उनका 200वाँ जन्मदिवस मनाया जा रहा है। सर जॉन टेनिएल की जीवन परिस्थितयाँ अत्यंत कठिन रहीं, 20 वर्ष की उम्र में एक हादसे की वजह से उनकी दाएँ आँख की रोशनी चली गई। लेकिन फिर भी सर जॉन टेनिएल ने हार नहीं मानी और एलिस इन वंडरलैंड (Alice in Wonderland) जैसे प्रसिद्ध कैरेक्टर्स को चित्रित किया। वर्ष 1893 में उनकी कलात्मक उपलब्धियों के लिये उन्हें नाइट की उपाधि दी गई।

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2
× Snow