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प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स : 24 मई, 2018

  • 24 May 2018
  • 7 min read

आधुनिक भारत के निर्माता राजा राममोहन राय

गूगल ने डूडल बनाकर आधुनिक भारत के निर्माता तथा समाज सुधारक राजा राममोहन राय को उनके जन्म दिवस के अवसर पर याद किया।

  • समाज सुधारक राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई, 1772 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले के राधानगर गाँव में हुआ था।
  • राजा राममोहन राय ने बचपन में ही रूढ़िवादी अनुष्ठानों तथा पूजा-पाठ को त्याग दिया था।
  • राजा राममोहन राय एकेश्वरवाद के प्रबल समर्थक थे।
  • छोटी उम्र में ही धर्म के नाम पर इनका अपने पिता के साथ मतभेद होने लगा था।
  • ऐसे में राजा राममोहन राय ने कम उम्र में ही घर त्याग दिया और तिब्बत चले गए।
  • वापस आने पर उन्होंने उपनिषद् तथा वेदों का गहराई से अध्ययन किया।
  • इनकी पहली पुस्तक ‘तुहपत अल-मुवाहिद्दीन’ थी, जिसमें उन्होंने धर्म का समर्थन किया लेकिन धर्म के नाम पर होने वाले रीति-रिवाज़ों और अनुष्ठानों का विरोध किया।
  • लगभग 200 साल पहले, जब समाज में "सती प्रथा" जैसी बुराइयाँ व्याप्त थीं,  उस समय राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों ने समाज में बदलाव लाने के लिये महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उन्होंने सती प्रथा का विरोध किया।
  • उन्होंने महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार देने की बात कही। इसके अंतर्गत उन्होंने महिलाओं को पुनर्विवाह तथा संपत्ति का अधिकार देने का समर्थन किया।
  • 1828 में राजा राममोहन राय ने "ब्रह्म समाज" की स्थापना की, जिसे भारतीय धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलनों में से एक माना जाता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

11 मई, 2018 को पूरे भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया। वर्ष 1999 से हर साल 11 मई को यह दिवस मनाया जाता है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • इस वर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की थीम ‘सतत् भविष्य के लिये विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ है।
  • यह दिवस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की परिवर्तनीय शक्ति को स्मरण करने के साथ-साथ हमारी ताकत, कमज़ोरियों, लक्ष्य के विचार मंथन के लिये मनाया जाता है, जिससे प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमें देश की दशा और दिशा का सही ज्ञान हो सके। 
  • ऐतिहासिक रूप से यह दिन इसलिये महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 11 मई, 1998 को पोखरण में सफल परीक्षण द्वारा भारत ने एक प्रमुख तकनीकी सफलता हासिल की थी।
  • यह दिन इसलिये भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि स्वदेशी स्तर पर निर्मित विमान हंसा-3 ने इसी दिन उड़ान भरी थी तथा त्रिशूल मिसाइल का परीक्षण भी इसी दिन किया गया था।
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस वैज्ञानिक अन्वेषण, तकनीकी रचनात्मकता और नवाचारों की खोज तथा इन खोजों का सामजिक-आर्थिक लाभ के साथ एकीकरण का प्रतीक है।

दक्षिण एशियाई वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क सम्मेलन (SAWEN)

दक्षिण एशियाई वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क सम्मेलन (South Asia Wildlife Enforcement  Network – SAWEN) के चौथे सम्मेलन का आयोजन 8 से 10 मई, 2018 को कोलकाता में किया गया। 

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • दक्षिण एशियाई वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क (SAWEN) एक अंतर-सरकारी क़ानून प्रवर्तन एजेंसी है।
  • इसकी शुरुआत वर्ष 2011 में भूटान में की गई थी। इसकी शुरुआत के बाद से यह चौथा तथा भारत में आयोजित होने वाला पहला सम्मेलन है।
  • इसका सचिवालय काठमांडू, नेपाल में है।
  • भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, अफ़गानिस्तान तथा पाकिस्तान सहित इस संस्था के आठ सदस्य हैं।
  • इस बार दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान दक्षिण एशियाई देशों में वन्यजीव अपराध को रोकने से संबंधित कई प्रस्ताव लागू किये गए।
  • इस बार सम्मेलन में छः प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से प्रमुख हैं:
    1. वन्यजीव तस्करी मार्ग पर निगरानी।
    2. मौज़ूदा कानूनों की समीक्षा और
    3. संगठन की संरचना।
  • इस बार इस सम्मेलन में पकिस्तान ने भाग नहीं लिया। 

2018 का मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज़

प्रसिद्ध उपन्यास ‘फ्लाइट्स’ के लिये पोलैंड की उपन्यासकार ओल्गा टोकार्कज़ुक (Olga Tokarczuk) ने प्रतिष्ठित मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज़  (Man Booker International prize), 2018 का खिताब जीता है। ओल्गा तोकार्कजुक के इस उपन्यास का जेनीफर क्रॉफ्ट ने अंग्रेज़ी में अनुवाद किया है।

  • पोलैंड में जन्मी 56 वर्षीय ओल्गा मैन बुकर प्राइज़ पाने वाली पोलैंड की पहली लेखिका है।
  • इस उपन्यास में अब्राहम लिंकन के युवा पुत्र के निधन के बाद उनके दर्द को बयां किया गया है।
  • वर्ष 2017 का मैन बुकर पुरस्कार लघु कथाओं के प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक जार्ज सॉन्डर्स को मिला था। उन्हें यह पुरस्कार फिक्शन श्रेणी में 'लिंकन इन द बाडरे' के लिये दिया गया।
  • अब तक चार भारतीय लेखकों अरविंद अडिगा, किरण देसाई, अरुंधति राय और सलमान रुश्दी को यह पुरस्कार मिला है।
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