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चिकित्सा और कल्याण पर्यटन हेतु राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप

  • 15 Mar 2022
  • 8 min read

प्रिलिम्स के लिये:

मेडिकल वीज़ा, चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन।

मेन्स के लिये:

सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप, चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन हेतु राष्ट्रीय रणनीति तथा रोडमैप, एक चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन स्थल के रूप में भारत की स्थिति।


चर्चा में क्यों?

हाल ही में पर्यटन मंत्रालय ने चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन हेतु राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप तैयार किया है।

  • इस नीति के तहत भारत में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) और वेलनेस डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।

चिकित्सा और कल्याण पर्यटन का अर्थ:

  • चिकित्सा और कल्याण पर्यटन को 'चिकित्सा हस्तक्षेप के माध्यम से स्वास्थ्य को बनाए रखने, उसमें सुधार या बहाल करने के उद्देश्य से गंतव्य क्षेत्र में कम-से-कम एक रात ठहरने वाले विदेशी पर्यटक की यात्रा और मेज़बानी से संबंधित गतिविधियों' के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

रोडमैप के प्रमुख बिंदु:

  • मिशन: भारत में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) और वेलनेस डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने हेतु केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों तथा निजी क्षेत्र के मंत्रालयों के बीच एक मज़बूत ढाँचा और तालमेल बनाना।
  • नई एजेंसी: पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय चिकित्सा और कल्याण पर्यटन बोर्ड बनाया जाएगा।
    • यह स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिये एक समर्पित संस्थागत ढाँचा प्रदान करेगा।
  • प्रमुख रणनीतिक स्तंभ: रणनीति के तहत निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों की पहचान की गई है:
    • भारत के लिये एक वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में एक ब्रांड विकसित करना।
    • चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन के लिये पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करना।
    • ऑनलाइन MVT पोर्टल स्थापित करके डिजिटलीकरण को सक्षम करना।
    • MVT के लिये पहुँच में वृद्धि।
    • वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देना।
    • शासन और संस्थागत ढाँचा।

भारत में चिकित्सा पर्यटन का SWOT विश्लेषण

शक्तियाँ-S
  • भारत में विश्व स्तरीय डॉक्टर और अस्पताल हैं।
  • उपचार की लागत स्रोत बाज़ारों में भी लागत का ही एक भाग है।
  • पश्चिम में पर्यटन स्थल के रूप में भारत की बढ़ती लोकप्रियता।
    • भारत मेडिकल वैल्यू ट्रैवलर को पर्यटन स्थलों की यात्रा के साथ उपचार के संयोजन के लिये पर्यटन के कई अवसर प्रदान करता है।
  • वेस्टर्न मेडिसिन की विशेषज्ञता के साथ-साथ ईस्टर्न हेल्थकेयर विज़्डम।
    • ईस्टर्न: पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सा जैसे- योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा।
    • वेस्टर्न: एलोपैथी
  • फास्ट ट्रैक नियुक्तियाँ।
कमियाँ-W
  • असंगठित MVT फ्रेमवर्क: MVT क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिये कोई नियम नहीं हैं, जिससे इस क्षेत्र की असंगठित प्रकृति और सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी संबंधी कमी रह जाती है।
  • चिकित्सा संबंधी मूल्यों का नेतृत्त्व करने के लिये एक नोडल निकाय का अभाव।
  • MVT गंतव्य के रूप में भारत के लिये कोई अभियान नहीं।
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अस्पतालों के लिये राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) मान्यता के बारे में जागरूकता की कमी।
  • अस्पतालों में समान मूल्य निर्धारण नीतियों का अभाव।
  • भारत के संबंध में एक अस्वच्छ देश के रूप में पश्चिमी धारणा।
अवसर-O
  • उम्रदराज़ आबादी वाले देशों से मांग।
  • स्वास्थ्य और वैकल्पिक इलाज की मांग।
  • विकसित देशों में लंबी प्रतीक्षा अवधि।
  • अविकसित चिकित्सा सुविधाओं वाले देशों से मांग।
  • भारत का एक विशाल प्रवासी जनसमूह है और वे चिकित्सा उपचार के साथ अपनी भारत यात्रा को जोड़ सकते हैं।
  • बेहतर कनेक्टिविटी।
खतरे-T
  • क्षेत्रीय प्रतियोगिता।
  • अंतर्राष्ट्रीय मान्यता का अभाव।
  • विदेशी चिकित्सा देखभाल बीमाकर्त्ता द्वारा कवर नहीं की जाती है।
  • बिचौलियों द्वारा शोषण।

चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये उठाए गए कदम:

  • ‘अतुल्य भारत' ब्रांड लाइन के तहत पर्यटन मंत्रालय द्वारा विदेशों में महत्त्वपूर्ण और संभावित बाज़ारों में वैश्विक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया अभियान (global print, electronic and online media campaigns) को जारी किया गया है।
  • 'मेडिकल वीज़ा' (Medical Visa) पेश किया गया है, जो चिकित्सा उपचार हेतु भारत आने वाले विदेशी यात्रियों को विशिष्ट उद्देश्यों के लिये दिया जा सकता है।
    • 156 देशों के लिये 'ई-मेडिकल वीज़ा' (E- Medical Visa) और 'ई-मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा' (E-Medical Attendant Visa) भी शुरू किये गए हैं।
  • पर्यटन मंत्रालय चिकित्सा/पर्यटन गतिविधियों में भाग लेने के लिये ‘अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं हेतु राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड’ (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers- NABH) द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सा पर्यटन सेवा प्रदाताओं को बाज़ार विकास सहायता योजना (Market Development Assistance Scheme) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

पर्यटन मंत्रालय की अन्य प्रमुख योजनाएंँ:

आगे की राह

  • 'एक भारत एक पर्यटन' दृष्टिकोण: पर्यटन के क्षेत्र में कई मंत्रालयों की सहभागिता है जो कई राज्यों की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, अत: इस प्रकार केंद्र और अन्य राज्यों के साथ सामूहिक प्रयासों व सहयोग की आवश्यकता होती है।
  • पर्यटन की सुगमता को बढ़ावा देना: वास्तव में एक निर्बाध पर्यटक परिवहन अनुभव सुनिश्चित करने के लिये हमें सभी अंतर्राज्यीय सड़क करों को मानकीकृत करने और उन्हें एक ही बिंदु पर देय बनाने की आवश्यकता है जो व्यवसाय को आसान बनाने हेतु सुविधा प्रदान करेगा।

स्रोत: पी.आई.बी.

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