Study Material | Test Series
Drishti


 Result- Civil Services (Preliminary) Examination, 2018 View Details

[1]

सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः

सूची-I
(भारत में बौद्ध तीर्थस्थल )  
सूची-II
(स्थान )   
A. सिरपुर 1. ओडिशा
B. ललितागिरि 2. लद्दाख
C. घूम मठ      3. पश्चिम बंगाल
D. शे मठ 4. छत्तीसगढ़

 कूटः
    A    B      C     D

A)

4 3 2 1

B)

4 1 3 2

C)

1 2 3 4

D)

3 2 1 4

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[2]

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजियेः

सूची-I
(भारत में जैन तीर्थस्थल )  
सूची-II
(राज्य )   
A. देवगढ़ 1. बिहार
B. अकोटा 2. काठियावाड़
C. शत्रुंजय पहाड़ियाँ 3. गुजरात
D. चौसा 4. उत्तर प्रदेश

 कूटः
    A    B      C     D

A)

1 2 3 4

B)

1 3 2 4

C)

4 3 2 1

D)

4 3 1 2

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[3]

मध्यकालीन भारत की वास्तुकला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इसने लिंटन-शहतीर शैली का स्थान ग्रहण किया।
2. इसमें मानव तथा पशु आकृतियों का अभाव है।
3. मस्जिदों तथा मकबरों के चारों ओर मीनारों का निर्माण। 
4. अलंकरण के लिये लेखन तथा अरबेस्क विधि का प्रयोग।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही है/हैं?

A)

केवल 1 और 2 

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 1, 3 और 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[4]

मध्यकालीन वास्तुकला के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?

A)

समरूपता लाने के लिये ज्यामिति सिद्धांतों का उपयोग किया गया।

B)

जाली का प्रयोग इस्लाम में प्रकाश के महत्त्व को दर्शाता है।

C)

पित्रादुरा का प्रयोग इससे पूर्व के कालों में भी समान रूप से अग्रदृश्य तकनीकी नाम से किया जाता था।

D)

चारबाग शैली का प्रयोग।

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[5]

लिंटल-शहतीर शैली तथा मेहराब शैली के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. शहतीर शैली के विपरीत मेहराब शैली में गुंबद का प्रयोग किया जाता था।
2. शहतीर शैली में सभी निर्माणों का प्राथमिक घटक प्रस्तर होता था, जबकि मेहराब शैली में निर्माण हेतु ईंट, चूना, प्लास्टर तथा गारे का उपयोग आरम्भ हुआ।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[6]

सल्तनतकालीन वंश तथा संबंधित वास्तुकला की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजियेः
1. खिलजी वंश: बट्टार शैली
2. तुगलक वंश: सल्जुक शैली
3. लोदी वंश: मकबरों का निर्माण  
उपर्युक्त युग्मों में कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

केवल 3

D)

1, 2 और 3

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[7]

“इस काल की वास्तुकला की प्रवृत्ति पश्चगामी मानी जाती है, इस काल में इमारतों में दोहरे गुंबद का प्रयोग शुरू किया गया जिसका उद्देश्य इमारत को मजबूती देना तथा गुंबद की भीतरी ऊँचाई को कम करना था”। 
उपर्युक्त वास्तुकलागत विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस वंश से संबंधित है?

A)

लोदी वंश

B)

तुगलक वंश

C)

खिलजी वंश 

D)

शर्की वंश

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[8]

बंगाल शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इसमें ईंटों तथा सफेद संगमरमर का प्रयोग होता था।
2. मस्जिदों में ढलवां छतों का निर्माण किया जाता था।
3. गौड़ की कदम रसूल मस्जिद का संबंध इसी शैली से है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा से कथन सही नहीं है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 1 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

केवल 2 और 4

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[9]

मालवा शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. विभिन्न रंगों के पत्थर का प्रयोग।
2. इनमें विशाल खिड़कियों का प्रयोग यूरोपीय प्रभाव का परिणाम थी। 
3. मीनारों का निर्माण कराया गया। 
4. इसे पठान शैली भी कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही है/हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 1, 2 और 3

D)

केवल 1, 2 और 4

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[10]

“इमारतों में तीन मेहराबों वाला अग्रभाग तथा बल्बनुमा गुम्बद, कार्निस के प्रयोग का प्रारम्भ तथा समृद्ध नक्काशियों से अलंकृत दीवारें ।”
उपर्युक्त विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस प्रांतीय वास्तुकला शैली से संबंधित है?

A)

बीजापुर शैली 

B)

जौनपुर शैली

C)

मालवा शैली 

D)

बंगाल शैली

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Helpline Number : 87501 87501
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