Study Material | Prelims Test Series
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 UPSC Study Material (English) for Civil Services Exam-2018  View Details

[1]

ऋग्वैदिक शब्दावली पर विचार कीजिये, इनमें से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

A)

समय के लिये - गोधूलि शब्द का प्रयोग किया जाता था।

B)

अतिथि के लिये - गोहन शब्द का प्रयोग किया जाता था।

C)

युद्ध के लिये - गविष्टि शब्द का प्रयोग किया जाता था।

D)

गाय के लिये - दुहिता शब्द का प्रयोग किया जाता था।

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[2]

ऋग्वैदिक लोग ‘अयस्’ शब्द का प्रयोग किस धातु के लिये करते थे?

A)

लोहा

B)

सोना

C)

तांबा (ताम्र)

D)

चांदी

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[3]

उत्तर वैदिककालीन अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा असत्य है?

A)

ऋग्वैदिक काल में मवेशियों की वृद्धि के लिये प्रार्थनाएँ की जाती थीं, किन्तु उत्तर वैदिक काल में कृषि ही लोगों के जीविकोपार्जन का प्रमुख साधन बन गयी।

B)

ऋग्वेद की तुलना में उत्तर वैदिक साहित्य में विभिन्न अनाजों का वर्णन है और अतरंजीखेड़ा से जौ तथा चावल एवं गेहूँ के प्रमाण भी मिले हैं।

C)

प्राकृतिक गोबर खाद और ऋतुओं के ज्ञान का, कृषि-प्रक्रिया में उपयोग भी तत्कालीन विकसित कृषि-प्रणाली का द्योतक है।

D)

इस काल में शिल्पों का उदय नहीं हुआ था।

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[4]

वैदिककालीन कृषि शब्दावली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

A)

करिषु - खाद

B)

लांगल/अर/सीर - नहर

C)

कीवाश - हलवाहा

D)

उदर - अन्न मापक

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[5]

वैदिक काल में ब्याज पर ऋण देने वालों (सूदखोरी) के लिये किस शब्द का प्रयोग किया जाता था?

A)

वैकनाट

B)

पालागल

C)

स्पश

D)

पुरप

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[6]

ऋग्वैदिक समाज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा सही नहीं है?

A)

यह समाज पूर्णतः समतावादी अथवा वर्णविहीन समाज था।

B)

इसमें स्त्रियों को उपनयन संस्कार का अधिकार था।

C)

इस समाज में न तो बाल विवाह का प्रचलन था और न ही सती प्रथा के संकेत मिलते हैं।

D)

नियोग प्रथा से स्पष्ट है कि इस समाज में विधवा विवाह स्वीकृत था।

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[7]

उत्तर वैदिककालीन राजनीतिक स्थिति के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
1. राजत्व की दैवी उत्पत्ति के सिद्धांत की चर्चा भी इसी काल के साहित्य में मिलती है।
2. सभा, समिति, विद्थ, परिषद आदि की गतिविधियों में कबाइली जीवन की झलक मिलती है।
3. भूमि का दान राजा स्वेच्छा से नहीं कर सकता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[8]

ऋग्वैदिक समाज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा सही नहीं है?

A)

इस समय समाज में एक ऐसा विभाजन दृष्टिगोचर नहीं होता कि एक विशेष वर्ग उत्पादक है तथा दूसरा उत्पादन का नियंत्रणकर्त्ता।

B)

परवर्तीकाल में पुरुष सूक्त के आधार पर ऋग्वैदिक काल के आरंभ से ही ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, एवं शूद्र रूपी चार वर्णीय समाज की कल्पना भी की गई।

C)

ऋग्वेद में जन, विश, गण, व्रात, सार्ध आदि जिन इकाइयों का उल्लेख है वे सभी भाई-चारा सिद्धान्त पर आधारित थीं।

D)

निम्नवर्ग अर्थात् शूद्रों पर कई तरह की अपात्रताएँ लगाई गई थीं।

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[9]

उत्तर वैदिक काल में स्त्रियों की स्थिति के सन्दर्भ निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. एक पत्नी विवाह के आदर्श को अभी भी मान्यता प्राप्त थी किन्तु बहुपत्नी विवाह भी प्रचलित था।
2. ऋग्वैदिक काल की तुलना में अब नारी के स्थान में कुछ गिरावट आ गई।
3. मैत्रायणी संहिता में स्त्री की तुलना सुरा और पासा से की गई है।
4. पुत्री को सभी दुःखों का कारण तथा पुत्र को रक्षक कहा गया है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 3 और 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[10]

वैदिक काल में राजा द्वारा सम्पन्न किये जाने वाले निम्नलिखित यज्ञों पर विचार कीजिये।
1. इस युग के महत्त्वपूर्ण यज्ञों, जैसे-अश्वमेध, वाजपेय, राजसूय आदि का मूल उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ाना था।
2. वाजपेय यज्ञ राजनीतिक शक्ति का द्योतक माना जाता था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1, न ही 2

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