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[1]

संविधान के अनुच्छेद-129 के तहत भारत का सर्वोच्च न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय (Court of Record) है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. इसके सभी निर्णयों का साक्ष्यात्मक मूल्य होता है और इस पर किसी भी न्यायालय में प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जा सकता।
  2. इसे अपनी अवमानना करने वालों को दण्डित करने की शक्ति है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[2]

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजियेः

 

 सूची-I
(भारत के संविधान  के अनुच्छेद)

 सूची-II
(प्रावधान)
A. अनुच्छेद-127 1. उच्चतम न्यायालय  द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर आबद्धकर।
B. अनुच्छेद-131  2.उच्चतम न्यायालय  द्वार सुनाये गए निर्णय या दिये गए आदेश का पुनर्विलोकन।
C.  अनुच्छेद-137  3. उच्चतम न्यायालय की प्रारंभिक अधिकारिता।
D. अनुच्छेद-141 4. तदर्थ न्यायाधीश।

5. अभिलेख न्यायालय।

कूटः
    A    B    C    D

A)

5    3    2    1

B)

4    3    5    1

C)

4    3    2    1

D)

4    3    1    2

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[3]

भारतीय संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

A)

भारत का संविधान अपनी मूल संरचना को स्पष्ट रूप से स्थापित करता है।

B)

सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान की मूल संरचना को विस्तार पूर्वक परिभाषित किया है।

C)

भारत के विधि आयोग ने भारत के महान्यायवादी की सहायता से भारतीय संविधान की मूल संरचना को परिभाषित किया है।

D)

न ही सर्वोच्च न्यायालय ने और न ही संसद ने संविधान की मूल संरचना को परिभाषित किया है।

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[4]

उच्चतम न्यायालय की परामर्शी अधिकारिता के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. भारत का उच्चतम न्यायालय स्वप्रेरण के आधार पर विधि अथवा तथ्यों के विषय पर राष्ट्रपति को परामर्श देता है।
  2. परामर्श अधिकारिता की शक्ति के अधीन प्राप्त किसी निर्देश पर उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ सुनवाई करती है।
  3. उच्चतम न्यायालय को उसकी परामर्शी अधिकारिता की शक्ति के अधीन एक बार में केवल एक ही निर्देश भेजा जा सकता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 2

B)

केवल 1 और 3

C)

केवल 2 और 3

D)

1, 2 और 3

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[5]

संविधान की व्याख्या से संबंधित सभी विवाद सर्वोच्च न्यायालय के किस अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत लाया जा सकता है?

A)

अनन्य क्षेत्राधिकार

B)

अपीलीय क्षेत्राधिकार

C)

परामर्शदायी क्षेत्राधिकार

D)

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

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[6]

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पास न्यायिक पुनर्विलोकन (Judicial Review) की शक्ति है, जिसका आशय हैः

A)

राज्य उच्च न्यायालयों के निर्णयों के पुनर्विलोकन की शक्ति।

B)

मंत्रिपरिषद के कार्यकरण के पुनर्विलोकन की शक्ति।

C)

भारत के राष्ट्रपति को परामर्श देने की शक्ति।

D)

विधानमंडल द्वारा पारित एक अधिनियम (अथवा उसके किसी भाग) को संवैधानिकता का निर्णय देने की शक्ति।

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[7]

निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन के व्यवहार के विषय में सही नहीं है?

A)

किसी मुकदमे को उसकी कानूनी वैधता के लिये उच्चतम न्यायालय के समक्ष लाया जाना चाहिये।

B)

किसी कानून को अकृत और शून्य घोषित करने के लिये सभी न्यायाधीशों का एकमत होना आवश्यक है।

C)

विधायी अधिनियमों और कार्यकारी आदेशों को उच्चतम न्यायालय रद्द कर सकता है।

D)

यह शक्ति संविधान के अनुच्छेद-13 के प्रावधानों में अन्तर्निहित है।

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[8]

न्यायिक पुनर्विलोकन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. न्यायिक पुनर्विलोकन का प्रतिपादन सर्वप्रथम मारबरी बनाम मेडिसन वाद में किया गया।
  2. भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन के सिद्धांत को अमेरिकी संविधान से प्रेरित होकर अपनाया गया।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[9]

भारतीय संविधान में न्यायिक पुनर्विलोकन का सिद्धांत आधारित हैः

A)

विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुरूप।

B)

विधि की सम्यक प्रक्रिया के अनुरूप।

C)

विधि सम्मत शासन पर आधारित।

D)

पूर्व निर्णयों एवं परम्पराओं पर आधारित।

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[10]

कोई भी संविधान (संशोधन) कानून भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है, यदि वहः

A)

वर्तमान द्वि-स्तरीय संघीय व्यवस्था के स्थान पर तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू करता है।

B)

विधि के समक्ष समानता के अधिकार को भाग-3 से हटाकर संविधान में कहीं और रखता है।

C)

कार्यकारिणी की संसदीय व्यवस्था के स्थान पर अध्यक्षात्मक व्यवस्था रखता है।

D)

सर्वोच्च न्यायालय के भार को कम करने हेतु एक संघीय अपीलीय न्यायालय स्थापित करता है।

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[11]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. पहले संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा संविधान में अनुच्छेद-31(ख) एवं नौवीं अनुसूची जोड़ी गई।
  2. वर्तमान में नौवीं अनुसूची में शामिल किसी विषय की न्यायिक समीक्षा सर्वोच्च न्यायालय नहीं कर सकता।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[12]

जनहित याचिका (Public Interest Litigation - PIL) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. इसकी संकल्पना की उत्पत्ति एवं विकास संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ।
  2. भारत में इसकी उत्पत्ति 1990 के दशक में हुई।
  3. भारत में इसके प्रर्वतक न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्णा अय्यर एवं मुख्य न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती माने जाते हैं।
  4. इसे केवल सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 1, 2 और 3

C)

केवल 1 और 3

D)

केवल 1, 3 और 4

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[13]

जनहित याचिका की व्यवस्था भारत में कैसे प्रारंभ की गई?

A)

संविधान में संशोधन के माध्यम से।

B)

संसदीय अधिनियम के द्वारा।

C)

न्यायिक पहल के द्वारा।

D)

राजनीतिक दलों के द्वारा।

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[14]

जनहित याचिका के संबंध में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः

  1. सार रूप से कोई तृतीय पक्ष न्यायालय के समक्ष जनहित के मामले प्रस्तुत कर सकता है।
  2. सर्वोच्च न्यायालय, किसी नागरिक द्वारा पत्र अथवा पोस्टकार्ड द्वारा अपने मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिये अनुरोध करने पर कार्यवाही कर सकता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[15]

सार्वजनिक हित के लिये न्यायालय द्वारा याचिका स्वीकार करने के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये। यदि उसे प्रस्तावित किया गया हैः

  1. एक व्यक्ति द्वारा, जब उसके हित प्रभावित हो रहे हों।
  2. एक समूह द्वारा, जब उसके सदस्यों के हित प्रभावित हो रहे हों।
  3. एक व्यक्ति अथवा समूह द्वारा, जब आमतौर पर जनसाधारण के हित प्रभावित हो रहे हों।
  4. एक व्यक्ति द्वारा एक समूह की सहायता से, जब समूह के हित प्रभावित हो रहे हों।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 3

B)

केवल 1, 3 और 4

C)

केवल 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[16]

लोकहित/जनहित मुकदमों के अभिप्राय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. लोक क्षति का निवारण।
  2. लोक कर्र्तव्यों का प्रवर्तन।
  3. विसरित अधिकारों (Defused Rights) का संरक्षण।
  4. विधि प्रवर्तक अभिकरण की भर्त्सना।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A)

केवल 1, 2 और 3

B)

केवल 1, 3 और 4

C)

केवल 2, 3 और 4

D)

1, 2 और 4

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[17]

निम्नलिखित में से किस/किन का संबंध भारत में न्यायिक सक्रियतावाद (Judicial Activism) से रहा है/हैं?

  1. न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्णा अय्यर
  2. न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती
  3. न्यायूमर्ति ओ. चिन्नप्पा रेड्डी
  4. न्यायमूर्ति डी.ए. देसाई

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजियेः

A)

केवल 1

B)

केवल 1 और 2

C)

केवल 1, 2 और 4

D)

1, 2, 3 और 4

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[18]

न्यायिक सक्रियतावाद का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?

A)

न्यायिक पुनरावलोकन

B)

न्यायिक स्वतंत्रता

C)

न्यायिक प्रतिबद्धता

D)

लोकहितवाद

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[19]

भारत में न्यायिक सक्रियता के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

  1. यह मुख्यतः तब अस्तित्व में आता है, जब विधानमंडल और सरकार के अधिशासी स्कंध संविधान के अन्तर्गत अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असफल होते हैं।
  2. जस्टिस ए. एच. अहमदी ने इसकी शुरुआत की,जब उन्होंने एक पीड़ित नागरिक द्वारा लिखे गए पत्र को लोकहित याचिका के रूप में बदल दिया।
  3. न्यायिक सक्रियता के अधिकांश मामले निचली अदालतों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों के माध्यम से अस्तित्व में आए।
  4. न्यायिक सक्रियतावाद में न्यायालय विचार के दौरान वाद की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करता है और जाँच अभिकरणों को आवश्यक निर्देश देता है। 

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही है/हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 1 और 4

C)

केवल 1, 2 और 4

D)

1, 3 और 4

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[20]

न्यायालय की ‘पत्र अधिकारिता’ वाक्यांश का निहितार्थ क्या है?

A)

किसी औपचारिक प्रतिवेदन के न होते हुए भी स्वप्रेरणा से कार्रवाई करने की शक्ति।

B)

न्यायिक प्रक्रिया में ढील।

C)

रिट याचिका के कार्य-क्षेत्र में विस्तार।

D)

किसी मुकदमे का संवैधानिक खण्डपीठ को स्थानान्तरण।

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Helpline Number : 87501 87501
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