Study Material | Prelims Test Series
Drishti


 सिविल सेवा परीक्षा साक्षात्कार कार्यक्रम-2018  View Details

[1]

‘बंन्दी प्रत्यक्षीकरण’ रिट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. यह रिट सार्वजनिक प्राधिकरण या व्यक्तिगत दोनों के विरुद्ध जारी की जा सकती है।
2. इस रिट को व्यक्ति की स्वतंत्रता का महानतम रक्षक माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा /से कथन सही है/हैं?

A)

 केवल 1

B)

 केवल 2

C)

 1 और 2 दोनों

D)

 न तो 1 और न ही 2

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[2]

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिए गये कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिये:

सूची-I(न्यायालय द्वारा निकाली गई रिट)  

सूची-II(विभिन्न परिस्थितियाँ)   
A. उत्प्रेषण 1. जब अधीनस्थ न्यायालय ने अपना निर्णय नहीं दिया है।
B. प्रतिषेध 2. जब अधीनस्थ न्यायालय ने अपना निर्णय दे दिया है।  
C. परमादेश 3. जब कोई व्यक्ति अवैध रूप से किसी लोक पद को ग्रहण कर लेता है।
D. अधिकारपृच्छा  4. जब कोई सार्वजनिक पदाधिकारी अपने कर्त्तव्यों का पालन नहीं करता है।

 कूटः
    A    B      C     D

A)

1 2 3

B)

 2 1 4 3

C)

 2 1 3 4

D)

 1 2 4 3

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[3]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. भारत के सर्वोच्च न्यायालय को अनुच्छेद-32 के अन्तर्गत केवल मूल अधिकारों के संबंध में रिट निकालने की शक्ति है।
2. भारत के उच्च न्यायालयों को संविधान के अनुच्छेद-226 के अन्तर्गत मूल अधिकारों के अतिरिक्त अन्य मामलों में रिट निकालने की शक्ति है।
3. सर्वोच्च न्यायालय को यह शक्ति है कि अनुच्छेद-32 के तहत किसी अन्य न्यायालय को भी रिट निकालने अधिकार दे सकता है।
उपरोक्त कथनों में कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

A)

 केवल 1

B)

 केवल 1 और 2

C)

 केवल 1 और 3

D)

 1, 2 और 3

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[4]

मूल अधिकार के संरक्षण के लिये जारी की जाने वाली रिट के संदर्भ में निम्नलिखित मे से कौन-सा कथन सही नहीं है?

A)

 प्रतिषेध रिट केवल न्यायिक एवं अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के विरुद्ध जारी की जा सकती है।

B)

 बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट सार्वजनिक प्राधिकरण एवं व्यक्तिगत दोनों के विरुद्ध जारी की जा सकती है।

C)

 परमादेश रिट सार्वजनिक अधिकारों एवं निजी व्यक्ति या इकाई के विरुद्ध जारी की जा सकती है।

D)

 उत्प्रेषण रिट विधिक निकायों एवं निजी व्यक्तियों या इकाईयों के विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती है।

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[5]

‘परमादेश’ प्रलेख निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध नहीं निकाला जा सकता है?
1. भारत के राष्ट्रपति
2. राज्यों के राज्यपालों
3. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जो न्यायिक क्षमता में कार्यरत हैं।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिये:

A)

 केवल 1

B)

 केवल 3

C)

 केवल 1 और 3

D)

 1, 2 और 3

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[6]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. बंधुआ मज़दूर (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 भारतीय संविधान के अनुच्छेद-23 को प्रभावी बनाता है।
2. संविधान के अनुच्छेद-35 संसद एवं राज्य के विधानमंडलों को यह शक्ति प्रदान करता है कि वे मानव दुर्व्यापार एवं बलात्-श्रम को रोकने के लिये विधि बनाए।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

A)

 केवल 1

B)

 केवल 2

C)

 1 और 2 दोनों

D)

 न तो 1 और न ही 2

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[7]

भारत के संविधान में अनुच्छेद-23 मानव दुर्व्यापार एवं बलात्-श्रम के निषेध का प्रावधान करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद-23 से संबंध नहीं रखता है?

A)

 पीपल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स बनाम भारत संघ, 1982

B)

 अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956

C)

 बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986

D)

 बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम, 1976

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[8]

भारत में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों को किसी कारखाने या खान में काम करने के लिये नियोजन पर रोक है। यह रोक लगाई गई है:
1. भारत के संविधान द्वारा
2. उच्चतम न्यायालय के निर्णय द्वारा
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिये:

A)

 केवल 1

B)

 केवल 2

C)

 1 और 2 दोनों

D)

 न तो 1 और न ही 2

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[9]

अनुसूचित जातियाँ एवं अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को निम्नलिखित में से कौन-से मूल अधिकारों को प्रभावी करने वाले के रूप में देखा जा सकता है?
1. विधि के समक्ष समानता
2. विभेद के विरुद्ध अधिकार
3. अस्पृश्यता का अंत
4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिये:

A)

 केवल 1, 2 और 3

B)

 केवल 2 और 3

C)

 केवल 2, 3 और 4

D)

 1, 2, 3 और 4

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[10]

‘अस्पृश्यता’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
1. भारत के संविधान में ‘अस्पृश्यता’ शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है।
2. अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 या सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 में अस्पृश्यता शब्द को परिभाषित किया गया है।
3.  संविधान का अनुच्छेद-34 संसद को यह शक्ति देता है कि वह इस अपराध के लिये विधि बन सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन–सा/से कथन सही है/हैं ?

A)

 केवल 1

B)

 केवल 2

C)

 केवल 1 और 3

D)

 केवल 2 और 3

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[11]

भारतीय संविधान में मूल अधिकार के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. देश के किसी भाग में निवास तथा बसने की स्वतंत्रता। 
2. भारत के संपूर्ण क्षेत्र में अबाध भ्रमण की स्वतंत्रता।
3. अपराधों के लिये दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण।
4. वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
5. प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण।
उपर्युक्त में से कौन-से मूल अधिकार राष्ट्रीय आपातकाल में भी सीमित या समाप्त नहीं किये जा सकते हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

 केवल 3 और 4

C)

 केवल 3 और 5

D)

 केवल 4 और 5

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[12]

भारत में रहने वाला ब्रिटिश नागरिक दावा नहीं कर सकता है:

A)

 व्यापार और व्यवसाय की स्वतंत्रता के अधिकार का।

B)

 विधि के समक्ष समता के अधिकार का।

C)

 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा के अधिकार का।

D)

 धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का।

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[13]

भारतीय संविधान के अंतर्गत दिये गए मूल अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिये:
1. विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
2. देश के किसी भी भाग में घूमने और बसने का अधिकार।
3. संपत्ति अर्जित करने का अधिकार।
4. भेदभाव के विरुद्ध अधिकार।
उपर्युक्त में से कौन-से अधिकार गैर-नागरिकों को प्रदान नहीं किया गया है?

A)

 केवल 3

B)

 केवल 3 और 4

C)

 केवल 2, 3 और 4

D)

 1, 2, 3 और 4

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[14]

भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता का मूल अधिकार प्रतिभूत करता है। इस अधिकार के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?

A)

यह अंतःकरण की स्वतंत्रता और किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है।

B)

यह धर्म एवं पूर्त (Charitable) प्रयोजनों के लिये संस्थाओं की स्थापना और पोषण की स्वतंत्रता देता है।

C)

यह अधिकार लोक व्यवस्था, सदाचार एवं स्वास्थ्य के अधीन है।

D)

राज्य कोई भी ऐसा कानून नहीं बना सकता, जो नागरिकों के इस अधिकार का निवारण करे।

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[15]

भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के अधीन प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता संबंधी मूल अधिकार दिया गया है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
1. यह अधिकार नागरिकों एवं अन्य गैर-नागरिकों को उपलब्ध है।
2. इसमें स्वेच्छाचारी कार्यपालिका एवं विधायी कार्यवाई से संरक्षण का समावेश है।
3. इसमें मानवीय गरिमा के साथ जीने का अधिकार सम्मिलित है।
4. इसे विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के द्वारा अनुसार छीना जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में कौन–से कथन सही हैं ?

A)

 केवल 1, 2 और 3

B)

 केवल 1 और 4

C)

 केवल 2, 3 और 4

D)

 1, 2, 3 और 4

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[16]

भारत के संविधान के भाग चार में राज्य के नीति निदेशक सिद्धान्तों का प्रावधान किया गया है। इस संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिएः
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-35 से 51 तक इसका प्रावधान किया गया है।
2. इसे आयरलैण्ड के संविधान से लिया गया है।
3. मूल अधिकार वाद योग्य नहीं हैं, जबकि नीति-निदेशक तत्त्व वाद योग्य हैं, क्योंकि नीति निदेशक सिद्धान्तों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

A)

 केवल 2

B)

 केवल 1 और 2

C)

 केवल 1 और 3

D)

 केवल 2 और 3 

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[17]

 भारतीय संविधान में उल्लिखित राज्य के नीति निदेशक तत्वों के उद्देश्यों पर विचार कीजिये:
1. सामाजिक प्रजातंत्र की स्थापना करना।
2. राजनीतिक प्रजातंत्र की स्थापना करना।
3. आर्थिक प्रजातंत्र की स्थापना करना।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से उद्देश्य इसमें शामिल है/हैं?

A)

 केवल 1

B)

 केवल 1 और 2

C)

 केवल 1 और 3

D)

 1, 2 और 3

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[18]

 भारतीय संविधान का कौन-सा भाग कल्याणकारी राज्य का आदर्श घोषित करता है?

A)

 प्रस्तावना

B)

 मूल अधिकार

C)

 राज्य के नीति-निदेशक सिद्धान्त

D)

 मूल कर्त्तव्य

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[19]

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिये:

सूची-I (राज्य के नीति-निदेशक सिद्धान्त )   सूची-II (अनुच्छेद)   
A. राज्य प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करेगा।  1. अनुच्छेद-36 
B. राज्य का वही अर्थ है जो भाग-3 में है। 2. अनुच्छेद-37 
C. राज्य लोककल्याण की अभिवृद्धि के लिये सामाजिक व्यवस्था बनाएगा। 3. अनुच्छेद-38(1)
D. यह सिद्धान्त देश के शासन के लिये मूलभूत है। 4. अनुच्छेद-38(2)

कूटः
    A    B      C     D

A)

4 1 3 2

B)

 4 3 1 2

C)

 2 3 1 4

D)

 2 1 3 4

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[20]

भारतीय संविधान में प्रतिष्ठित राज्य के नीति-निदेशक तत्वों के अन्तर्गत निम्नलिखित प्रावधानों पर विचार कीजियेः
1. भारतीय नागरिकों के लिये समान सिविल संहिता सुरक्षित करना।
2. ग्राम पंचायतों को संगठित करना।
3. ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
4. सभी कर्मकारों के लिये अवकाश तथा सांस्कृतिक अवसर सुरक्षित करना।
उपर्यक्त में से कौन-से गाँधीवादी सिद्धान्त हैं, जो राज्य के नीति-निदेशक तत्त्वों में प्रतिबिंबित होते हैं?
कूटः

A)

 केवल 1, 2 और 4

B)

 केवल 2 और 3

C)

 केवल 1, 3 और 4  

D)

 1, 2, 3 और 4

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Helpline Number : 87501 87501
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