Study Material | Prelims Test Series
Drishti


 UPSC Study Material (English) for Civil Services Exam-2018  View Details

[1]

दक्षिण भारत के इतिहास के चोल वंश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. चोल साम्राज्य की स्थापना विजयालय ने की।
2. विजयालय ने तंजौर को जीतकर नरकेसरी की उपाधि ग्रहण की।
3. परांतक प्रथम ने मदुरै को जीतकर मदुरैकोण्ड की उपाधि धारण की।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1 और 2

B)

केवल 2 और 3

C)

केवल 2

D)

1, 2 और 3

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[2]

चोल वंश के प्रसिद्ध शासक राजराज प्रथम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

A)

राजराज प्रथम ने तंजौर में बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया।

B)

राजराज प्रथम ने भूमि पैमाइश करवाई तथा भूमि पर कर का निर्धारण किया।

C)

उसने श्रीलंका को जीतकर, विजित प्रदेशों का नाम ‘मुम्ड़िचोलमंडलम्’ रखा।

D)

राजराज प्रथम वैष्णव धर्म का अनुयायी था।

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[3]

दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. राजेन्द्र प्रथम ने बंगाल विजय के उपरांत ‘गंगैकोंड चोल’ की उपाधि धारण की।
2. राजेन्द्र प्रथम ने संपूर्ण श्रीलंका पर विजय प्राप्त की।
3. चोल साम्राज्य पेन्नार और वेलार नदियों के मध्य में पाण्ड्य राज्यक्षेत्रों पूर्वोत्तर में स्थित था।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः

A)

केवल 1 और 3

B)

केवल 2

C)

केवल 1 और 2

D)

1, 2 और 3

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[4]

चोल साम्राज्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. चोलों की राजनीतिक सत्ता का केंद्र उरैयुर था।
2. उरैयुर सूती कपड़ों के व्यापार केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[5]

दक्षिण भारत के चोल काल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. चोल काल में राजत्व के दैवीय सिद्धांत को हतोत्साहित किया गया।
2. चोल राज्य में मृत राजाओं की प्रतिमाओं की पूजा की जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[6]

चोलकालीन इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता स्थानीय स्वशासन थी। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा असत्य है?

A)

स्थानीय शासन का साक्ष्य उत्तरमेरूर अभिलेख से प्राप्त हुआ है।

B)

‘सभा’ गाँव की आम सभा थी।

C)

सभा अपना कार्य समिति के माध्यम से करती थी, जिसे ‘वारियम्’ कहा जाता था।

D)

गाँव के मामलों को एक कार्यकारिणी समिति संभालती थी जिसके सदस्य हर तीन वर्ष बाद हट जाते थे।

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[7]

चोल कालीन स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. 
इसमें ‘तालाब समिति’ एक महत्त्वपूर्ण समिति थी जो खेतों में पानी-वितरण को नियंत्रित करती थी।
2. ‘महासभा’ नई जमीनों का बंदोबस्त करती थी तथा उनपर स्वामित्व का प्रयोग करती थी।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[8]

चोलकालीन ग्राम्य स्वशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचारक कीजियेः
1. चोलकालीन ग्राम्य स्वशासन कुछ हद तक दूसरे गाँवों से भी संचालित किया जाता था।
2. फ्यूडलिज़्म (सामंतवाद) के बढ़ते प्रभाव के कारण ग्राम्य स्वशासन की स्वायत्तता में वृद्धि हुई।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

A)

केवल 1

B)

केवल 2

C)

1 और 2 दोनों

D)

न तो 1 और न ही 2

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[9]

निम्नलिखित में कौन-सा चोलकालीन व्यापारियों से जुड़े संगठन नहीं था?

A)

मणिग्रामम् 

B)

उलंगणम्

C)

वलंजियर

D)

नानादेशी

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[10]

चोलकालीन एक महत्त्वपूर्ण संस्था ‘नगरम्’ के संबंध में निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?

A)

नगरम् सामान्यतः व्यापारिक केंद्रों में होती थी।

B)

नगरम् का प्रशासन व्यापारी वर्ग के द्वारा ही संभाला जाता था। 

C)

नगरम् के सदस्यों को नगरतार कहा जाता था।

D)

नगरम् के स्वामित्व वाली भूमि ‘नगरक्कनी’ कहलाती थी जो लगानमुक्त होती थी। 

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Helpline Number : 87501 87501
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