Study Material | Prelims Test Series
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 Prelims Test Series 2018 Starting from 3rd December

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यूकेपीएससी FAQs
प्रश्न - 1 : यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारम्भिक परीक्षा में ‘उत्तराखंड राज्य विशेष’ के सन्दर्भ में कितने प्रश्न पूछे जाते हैं? इसकी तैयारी कैसे करें?

उत्तर : यूकेपीएससी की इस प्रारम्भिक परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र में 'उत्तराखंड राज्य विशेष’ के सन्दर्भ में लगभग 35-40 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस प्रश्नपत्र में कुल 150 प्रश्नों में से 35-40 प्रश्न केवल उत्तराखंड राज्य विशेष के सन्दर्भ में पूछा जाना इस विषय की महत्ता को स्वयं ही स्पष्ट करता है।

‘उत्तराखंड राज्य विशेष’ के सन्दर्भ में ये प्रश्न उत्तराखंड के इतिहास, भूगोल, राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक सन्दर्भ, आर्थिक एवं सामाजिक विकास एवं समसामयिक घटनाक्रम के विभिन्न पक्षों से सम्बंधित हो सकते हैं। स्पष्ट है कि प्रारम्भिक परीक्षा के पूरे पाठ्यक्रम का उत्तराखंड राज्य के सन्दर्भ में अध्ययन करना लाभदायक रहता है। अत: इस परीक्षा में 'राज्य विशेष' से सम्बंधित प्रश्नों को हल करने के लिये उत्तराखंड सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘उत्तराखंड राज्य विशेष’ या बाजार में उपलब्ध किसी मानक राज्य स्तरीय पुस्तक का अध्ययन करना लाभदायक रहेगा।

प्रश्न - 2 : यू.के.पी.एस.सी. की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान प्रश्नों का समाधान किस क्रम में करना चाहिए? क्या किसी विशेष क्रम से लाभ होता है?

उत्तर : प्रारंभिक परीक्षा के दौरान प्रश्नों के समाधान के क्रम को लेकर अभ्यर्थियों में प्राय: भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसका उत्तर सभी के लिये एक नहीं हो सकता। अगर आप सामान्य अध्ययन एवं ‘सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षण’ (सीसैट) के सभी विषयों में सहज हैं और आपकी गति भी संतोषजनक है तो आप किसी भी क्रम में प्रश्न हल करके सफल हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बेहतर यही होता है कि जिस क्रम में प्रश्न आते जाएँ, उसी क्रम में उन्हें करते हुए बढ़ें। किन्तु  अगर आपकी स्थिति इतनी सुरक्षित नहीं है तो आपको प्रश्नों के क्रम पर विचार करना चाहिये। ऐसी स्थिति में आप सबसे पहले, उन प्रश्नों को हल करें जो सबसे कम समय लेते हैं।

यदि आपकी उत्तराखंड राज्य विशेष के सन्दर्भ में पकड़ अच्छी है तो आपको इससे सम्बंधित पूछे जाने वाले लगभग 35-40 प्रश्नों को पहले हल कर लेना चाहिये क्योंकि उनमें समय कम लगेगा और उत्तर ठीक होने की संभावना ज़्यादा होगी। इसी प्रकार ‘सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षण’ या सीसैट के प्रश्नपत्र में यदि आपकी अंग्रेज़ी ठीक है तो अंग्रेज़ी बोधगम्यता (English Comprehension) एवं व्याकरण (Grammar) के लगभग 7-8 प्रश्नों को पहले हल कर लेना चाहिये क्योंकि उनमें समय कम लगेगा और उत्तर ठीक होने की संभावना ज़्यादा होगी। इन प्रश्नों को हल करने के बाद आपकी स्थिति काफी मजबूत हो चुकी होगी। इसके बाद, आप तेज़ी से वे प्रश्न हल करते चलें जिनमें आप सहज हैं और उन्हें छोड़ते चलें जो आपकी समझ से परे हैं। जिन प्रश्नों के संबंध में आपको लगता है कि वे पर्याप्त समय मिलने पर किये जा सकते हैं, उन्हें कोई निशान लगाकर छोड़ते चलें। अंत में समय बचे तो उन प्रश्नों को हल करें नहीं तो छोड़ दें। एक सुझाव यह भी हो सकता है कि एक ही प्रकार के प्रश्न लगातार करने से बचें। अगर आपको ऐसा लगे तो बीच में गणित या तर्कशक्ति के कुछ सवाल कर लें उसके बाद अन्य प्रश्नों को हल करें। सरल से कठिन प्रश्नों की ओर बढ़ने की यह प्रक्रिया दोनों प्रश्नपत्रों को हल करते समय अपनाया जा सकता है।

सभी प्रश्नों के अंक समान होने तथा प्रत्येक गलत उत्तर के लिये नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान (प्रत्येक गलत उत्तर के लिये एक चौथाई (1/4) अंक दण्ड स्वरुप काटे जाते हैं) होने के कारण अभ्यर्थियों से अपेक्षा है कि 'तुक्का पद्धति' से बचते हुए सावधानीपूर्वक प्रश्नों को हल करें।

प्रश्न - 3 : यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारंभिक परीक्षा में समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। उसके लिये क्या किया जाना चाहिये?

उत्तर : पिछले प्रश्न के उत्तर में दिये गए सुझावों पर ध्यान दें। उसके अलावा, परीक्षा से पहले मॉक-टैस्ट शृंखला में भाग लें और हर प्रश्नपत्र में परीक्षण करें कि किस वर्ग के प्रश्न कितने समय में हो पाते हैं। ज़्यादा समय लेने वाले प्रश्नों को पहले ही पहचान लेंगे तो परीक्षा में समय बर्बाद नहीं होगा। बार-बार अभ्यास करने से गति बढ़ाई जा सकती है।

प्रश्न - 4 : यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होने का क्या अर्थ है? यह किस प्रकार लागू किया जाता है?

उत्तर : नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान का अर्थ है- प्रश्नों के गलत उत्तर देने पर कुछ अंक दण्ड स्वरुप कम किया जाना। यू.के.पी.एस.सी. द्वारा आयोजित इस परीक्षा में गलत उत्तर के लिये नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया गया है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिये एक चौथाई (1/4) अंक दण्ड स्वरुप काटे जाते हैं। दोनों प्रश्नपत्रों में प्राप्तांक हेतु 4R-W  का सूत्र लागू किया जाता है (जहाँ R सही उत्तरों की संख्या एवं W  गलत उत्तरों की संख्या है)।

प्रश्न - 5 : कट-ऑफ' क्या है? इसका निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर :  ‘कट-ऑफ’ का अर्थ है- वह न्यूनतम अंक जिसे प्राप्त कर के कोई उम्मीदवार परीक्षा में सफल होता है। यू.के.पी.एस.सी. की इस परीक्षा में हर वर्ष प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार के परिणाम में ‘कट-ऑफ’ तय की जाती है। ‘कट-ऑफ’ या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार सफल घोषित किये जाते हैं और शेष असफल। आरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत यह कट-आॉफ भिन्न-भिन्न वर्गों के उम्मीदवारों के लिए भिन्न-भिन्न होती हैं

प्रारंभिक परीक्षा में ‘कट-ऑफ’ का निर्धारण प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन एवं द्वितीय प्रश्नपत्र ‘सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षण’ या सीसैट में प्राप्त किये गए अंकों के योग के आधार पर किया जाता है। 

‘कट-ऑफ’ की प्रकृति स्थिर नहीं है, इसमें हर साल उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसका निर्धारण सीटों की संख्या, प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर तथा उम्मीदवारों की संख्या व गुणवत्ता जैसे कारकों पर निर्भर करता है। 

अगर प्रश्नपत्र सरल होंगे या उम्मीदवारों की संख्या व गुणवत्ता ऊँची होगी तो कट-ऑफ बढ़ जाएगा और विपरीत स्थितियों में अपने आप कम हो जाएगा।

प्रश्न - 6 : यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारम्भिक परीक्षा में अंग्रेज़ी से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं? मैं अंग्रेज़ी में शुरू से ही कमजोर हूँ। क्या मैं सीसैट में सफल हो सकता हूँ?

उत्तर : जी हाँ, आप ज़रूर सफल हो सकते हैं। यू.के.पी.एस.सी. की प्रारम्भिक परीक्षा का द्वितीय प्रश्नपत्र ‘सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षण’ या सीसैट से सम्बंधित है। इसमें केवल 7-8 प्रश्न ऐसे होते हैं जो सिर्फ अंग्रेंज़ी में होते हैं। ये प्रश्न अंग्रेज़ी में दिये गए अनुच्छेदों पर आधारित बोधगम्यता (Comprehension) ) एवं व्याकरण (Grammar)  के होते हैं। सच यह है कि अंग्रेज़ी में दिये गए ये अनुच्छेद काफी आसान भाषा में होते हैं और एक सामान्य विद्यार्थी भी इनमें से 3-4 सवाल ठीक कर सकते हैं।

प्रश्न - 7 : यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारम्भिक परीक्षा में गणित से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं? मैं शुरू से गणित में कमज़ोर हूँ, क्या मैं सीसैट में सफल हो सकता हूँ?

उत्तर : जी हाँ, आप ज़रूर सफल हो सकते हैं। यू.के.पी.एस.सी. की प्रारम्भिक परीक्षा का द्वितीय प्रश्नपत्र ‘सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षण’ या सीसैट से सम्बंधित है। इसमें सीसैट के 100 प्रश्नों में से गणित तथा तर्कशक्ति के 70-75 प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें आधे प्रश्न सामान्यत: तर्कशक्ति (रीजनिंग) के होते हैं। इन प्रश्नों की प्रकृति साधारण होती है अत: थोड़ा प्रयास करने से हल हो जाते हैं। हो सके तो गणित में कुछ ऐसे टॉपिक्स  तैयार कर लीजिये जो आपको समझ में आते हैं और जिनसे प्रायः सवाल भी पूछे जाते हैं। उदाहरण के लिये, अगर आप प्रतिशतता और अनुपात के साथ सांख्यिकी के कुछ टॉपिक्स तैयार कर लेंगे तो गणित के 10-12 प्रश्न ठीक हो जाएंगे। इसी प्रकार तर्कशक्ति (रीजनिंग) के कुछ विशेष टॉपिक्स जैसे- कोडिंग-डिकोडिंग, सीटिंग अरेंजमेंट एवं सिलोजिज्म के तैयार कर लिये जाएँ तो लगभग 20 से अधिक प्रश्न आसानी से हल हो सकते हैं।

प्रश्न - 8 : क्या सभी प्रश्नों के उत्तर को ओ.एम.आर. शीट पर एक साथ भरना चाहिए या उत्तर का चयन करने के साथ-साथ भरते रहना चाहिये ?

उत्तर : ओ.एम.आर. शीट पर प्रश्नों के उत्तर भरने को लेकर अभ्यर्थियों में प्राय: मतभेद की स्थिति बनी रहती है। बेहतर होगा कि 4-5 प्रश्नों के उत्तर निकालकर उन्हें शीट पर भरते जाएँ। हर प्रश्न के साथ उसे ओ.एम.आर. शीट पर भरने में ज़्यादा समय खर्च होता है। दूसरी ओर, कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कई उम्मीदवार अंत में एक साथ ओ.एम.आर. शीट भरना चाहते हैं पर समय की कमी के कारण उसे भर ही नहीं पाते।

ऐसी दुर्घटना से बचने के लिये सही तरीका यही है कि आप 4-5 प्रश्नों के उत्तरों को एक साथ भरते चलें। सीसैट के प्रश्नों में प्रायः एक अनुच्छेद या सूचना के आधार पर 5-6 प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसी स्थिति में वे सभी प्रश्न एक साथ कर लेने चाहियें और साथ ही ओ.एम आर. शीट पर भी उन्हें भर दिया जाना चाहिये। चूँकि गोलों को काले या नीले बाल पॉइंट पेन से भरना होता है, अत: उन्हें भरते समय विशेष सावधानी रखें। व्हाइटनर का प्रयोग कदापि न करें।

 

प्रश्न - 9 : क्या ‘मॉक टेस्ट’ देने से यू.के.पी.एस.सी. की इस प्रारम्भिक परीक्षा में कोई लाभ होता है? अगर हाँ, तो क्या?

उत्तर : प्रारम्भिक परीक्षाओं के लिये मॉक टेस्ट देना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है। इसका पहला लाभ है कि आप परीक्षा में होने वाले तनाव (Anxiety) पर नियंत्रण करना सीख जाते हैं। दूसरे, समय प्रबंधन की क्षमता बेहतर होती है। तीसरे, अलग-अलग परीक्षाओं में आप यह प्रयोग कर सकते हैं कि प्रश्नों को किस क्रम में हल करने से आप सबसे बेहतर परिणाम तक पहुँच पा रहे हैं। इन प्रयोगों के आधार पर आप अपनी परीक्षा संबंधी रणनीति निश्चित कर सकते हैं। चौथा लाभ है कि आपको यह अनुमान होता रहता है कि अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आपका स्तर क्या है? ध्यान रहे कि ये सभी लाभ तभी मिलते हैं अगर आपने मॉक टेस्ट शृंखला का चयन भली-भाँति सोच-समझकर किया है।

प्रश्न - 10 : ‘न्यूनतम अर्हकारी अंक’ (क्वालिफाइंग मार्क्स) क्या है? यू.के.पी.एस.सी. की मुख्य परीक्षा में इसका निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर :  ‘न्यूनतम अर्हकारी अंक’ का अर्थ है- वे न्यूनतम अंक जिन्हें प्राप्त किये बिना कोई भी उम्मीदवार परीक्षा में सफल नहीं हो सकता है। यू.के.पी.एस.सी. की मुख्य परीक्षा के केवल प्रथम प्रश्नपत्र (भाषा) में न्यूनतम 35% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। भाषा का यह प्रश्नपत्र कुल 300 अंकों का होता है। यदि कोई अभ्यर्थी इस प्रश्नपत्र में न्यूनतम 105 अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसके शेष 6 प्रश्नपत्रों की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ही नहीं किया जाता है। चूँकि इस प्रश्नपत्र में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा के अन्य प्रश्नपत्रों की भाँति ही मेधा सूची निर्धारण में जोड़ा जाता है। अत: इस प्रश्नपत्र की विशेष तैयारी करने की आवश्यकता है।

प्रश्न - 11 : यू.के.पी.एस.सी. की इस मुख्य परीक्षा में निबंध की क्या भूमिका है? इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने के लिये क्या रणनीति अपनायी जानी चाहिये?

उत्तर: यू.के.पी.एस.सी. की इस मुख्य परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र ‘भाषा’ (300 अंक) में 130 अंकों का प्रश्न निबंध लेखन से सम्बंधित पूछा जाता है। इसमें दिये गए दो खण्डों में से खंड ‘क’ (उत्तराखंड के सन्दर्भ में) में उल्लिखित विषयों में से किसी एक विषय का चयन करते हुए लगभग 500 शब्दों (130 अंक) एवं खंड ‘ख’ (परम्परागत सामान्य अध्ययन एवं समसामयिक विषयों से सम्बंधित) में उल्लिखित विषयों में से किसी एक विषय का चयन करते हुए लगभग 700 शब्दों (75 अंक) में हिंदी या अंग्रेजी भाषा में निबंध लिखना होता है।

यू.के.पी.एस.सी. की इस मुख्य परीक्षा में कुल 1500 अंकों में हिंदी निबंध के लिये 130 अंकों का निर्धारित होना इस विषय की महत्ता एवं अंतिम चयन में सहभागिता को स्वयं ही स्पष्ट करती है।

निबंध लेखन के माध्यम से किसी व्यक्ति की मौलिकता एवं व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, वास्तव में निबंध लेखन एक कला है जिसका विकास एक कुशल मार्गदर्शन में सतत् अभ्यास से किया जा सकता है। पूर्व में निबंध के लिये बाज़ार में कोई उच्च स्तरीय पुस्तक उपलब्ध नहीं होने के कारण इसके लिये अध्ययन सामग्री की कमी थी। लेकिन हाल ही में ‘दृष्टि पब्लिकेशन’ द्वारा प्रकाशित ‘निबंध-दृष्टि’ पुस्तक ने इस कमी को दूर कर दी है।

निबंध लेखन की रणनीति के लिये इस Link पर क्लिक करें

प्रश्न - 12 : यू.के.पी.एस.सी. द्वारा आयोजित इस परीक्षा में साक्षात्कार की क्या भूमिका है? इसकी तैयारी कैसे करें?

उत्तर : यू.के.पी.एस.सी. की इस परीक्षा में साक्षात्कार के लिये कुल 200 अंक निर्धारित किया गया है। चूँकि मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त किये गए अंकों के योग के आधार पर ही अंतिम रूप से मेधा सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार की जाती है, इसलिये इस परीक्षा में अंतिम चयन एवं पद निर्धारण में साक्षात्कार की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, जिसमें आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग में निर्धारित स्थान पर मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसका उत्तर अभ्यर्थी को मौखिक रूप से देना होता है। यू.के.पी.एस.सी. के साक्षात्कार में आप सामान्य परिस्थितियों में आसानी से 40-70% अंक प्राप्त कर सकते हैं। यद्यपि साक्षात्कार इस परीक्षा का अंतिम चरण है, लेकिन इसकी तैयारी प्रारंभ से ही शुरू कर देना लाभदायक रहता है। वास्तव में किसी भी अभ्यर्थी के व्यक्तित्व का विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। 

साक्षात्कार में अच्छे अंक प्राप्त करने संबंधी रणनीति के लिये इस Link पर क्लिक करें


Helpline Number : 87501 87501
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