Study Material | Prelims Test Series
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 UPSC Study Material (English) for Civil Services Exam-2018  View Details

राष्ट्रीय कृमि निवारण अभियान 
Feb 13, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र–2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध
(खंड-10 : सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय)
(खंड-12 : केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय)
(खंड-13 : स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय)

National-Deworming

चर्चा में क्यों?

  • 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस के मौके पर राष्ट्रीय कृमि निवारण अभियान शुरू किया गया। राष्ट्रीय कृमि निवारण अभियान के तहत देश के 32 करोड़ बच्चों को फायदा मिलेगा।
  • राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है।

पृष्ठभूमि

  • 2015 में राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस की शुरुआत की गई थी, जिसे 11 राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के ज़रिये 1 से लेकर 19 वर्ष की उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर क्रियान्वित किया गया।
  • उसके बाद से पूरे देश में इस कार्यक्रम को लागू किया गया है। पिछले वर्ष फरवरी 2017 के चक्र में 25.6 करोड़ बच्चों और अगस्त 2017 वाले चक्र में 22.8 करोड़ बच्चों तक पहुँचने का सफल प्रयास किया गया और उन्हें राष्ट्रीय कृमि निवारक दिवस पर कृमि निवारक उपचार मुहैया कराया गया।
  • राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस के इस चरण में 32 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
  • जिन राज्यों में STH संक्रमण बीस प्रतिशत से अधिक है वहाँ कृमि मुक्ति के द्विवार्षिक चरण की सिफ़ारिश की जाती है तथा अन्य राज्यों में वार्षिक चरण आयोजित किया जाता है।

राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस 

  • राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस एक दिन का कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता तक पहुँच , पोषण संबंधी स्थिति एवं बच्चों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिये बच्चों को परजीवी आंत्र कृमि संक्रमण से मुक्त करने के लिये दवा उपलब्ध कराना है।
  • इस कार्यक्रम में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के मंच के माध्यम से 1-19 वर्ष की आयु समूह के स्कूल और आंगनवाड़ी से जुड़े सभी बच्चों को शामिल किया जाता है।
  • बच्चों को कृमि मुक्त करने के लिये एलबेंडाजोल नामक टैबलेट दी जाती है।
  • यह कार्यक्रम हर वर्ष 10 फरवरी और 10 अगस्त को आयोजित किया जाता है। अगर कोई भी बच्चा किसी वजह से, खासतौर से गैरहाजिर होने या बीमार होने से राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस में नहीं शामिल हो पाया तो उसे 15 फरवरी को दवा दी जाती है।
  • राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस सभी स्वास्थ्य कर्मियों, राज्य सरकारों और दूसरे हितधारकों को मिट्टी-संचारित कृमि संक्रमण के खात्मे के लिये प्रयास करने हेतु प्रेरित करता है।

मिट्टी-संचारित कृमि (Soil-Transmitted Helminths) 

  • मल द्वारा दूषित मिट्टी के माध्यम से फैलने वाले कृमियों (कीड़ों) को मिट्टी-संचारित कृमि (STH) या आंत्र परजीवी कीड़े कहा जाता है।
  • गोल कृमि, वीप वार्म, अंकुश कृमि वे कीड़े हैं जो कि मनुष्य को संक्रमित करते हैं।
  • विश्वभर में 836 मिलियन से अधिक बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण का ज़ोखिम होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 1-14 वर्ष की आयु वर्ग के 241 मिलियन बच्चों को मिट्टी-संचारित कृमि संक्रमण का ज़ोखिम है। 

कार्यक्रम का कार्यान्वयन 

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को सभी स्तरों पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) के कार्यान्वयन से संबंधित दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिये एक नोडल एजेंसी है।
  • यह कार्यक्रम मानव संसाधन और विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पेयजल तथा स्वच्छता मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के संयुक्त प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • पंचायती राज मंत्रालय, जनजातीय कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस में सहायता प्रदान करते हैं।

लाभ 

  • राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस जैसे कार्यक्रमों के कारण न केवल स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आ रही है बल्कि उनके संपूर्ण विकास में भी मदद मिल रही है। 
  • एल्बेंडजोल टैबलेट के साथ-साथ साफ-सफाई, शौचालयों के प्रयोग, जूता या चप्पल पहनने और हाथ धोने के बारे में भी जानकारी दी जाती है ताकि दोबारा संक्रमण न हो।
  • आंगनवाड़ी और स्कूल आधारित एक बड़े समूह के लिये कृमि निवारण कार्यक्रम सुरक्षित और लागत प्रभावी है, साथ ही इसके द्वारा आसानी से करोड़ों बच्चों तक पहुँचा जा सकता है।
  • कृमि निवारण के लिये एल्बेंडजोल की स्वीकार्यता पूरे विश्व में है और इस टैबलेट का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। इसके अतिरिक्त, किसी वजह से कोई बच्चा डोज लेना भूल जाता है तो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मॉप अप सेशंस आयोजित करता है ताकि कोई बच्चा छूट न जाए। 
  • कृमि निवारण के साथ-साथ बच्चों में साफ-सफाई के अभ्यास पर विशेष जोर दिया गया है ताकि उन्हें  कृमि समस्या का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस दिशा में खुले में शौच से मुक्ति के लिये विशेष उपायों पर जोर दे रहा है ताकि इस तरह के वातावरण का निर्माण हो सके जिससे किसी भी समुदाय को ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
  • स्वच्छ भारत के निर्माण में स्वच्छ भारत अभियान के ज़रिये जो कदम उठाए गए हैं उनसे राष्ट्रीय कृमि निवारण दिवस के उद्देश्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

स्रोत : द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस एवं पी.आई.बी. 


Helpline Number : 87501 87501
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