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 सिविल सेवा मुख्य परीक्षा - 2018 प्रश्नपत्र   Download

बेसिक इंग्लिश का दूसरा सत्र (कक्षा प्रारंभ : 22 अक्तूबर, शाम 3:30 से 5:30)

सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड योजना 
Oct 10, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-01 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।)

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भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिये सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड जारी करने का निर्णय लिया है। सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड अक्तूबर 2018 से लेकर फरवरी 2019 तक हर महीने जारी किये जाएंगे।

पृष्ठभूमि

  • सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में की गई थी।
  • इस योजना के तहत कम-से-कम एक ग्राम सोना और अधिक-से-अधिक 500gm सोने के वज़न के मूल्य के बराबर बॉण्ड ख़रीदे जा सकते हैं। इसकी मियाद आठ वर्ष और इसके लिये ब्याज की दर 2.5% है।
  • इसका उद्देश्य देश के मंदिरों तथा घरों में जमा सोने की विशाल मात्रा को उत्पादक कार्यों में लगाना, सोने का आयात कम करना, विदेशी मुद्रा का संरक्षण करना तथा चालू खाता घाटे को कम करना है।
क्र.सं. मद विवरण
1. निर्गमन (Issuance) भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किये जाएंगे।
2. पात्रता बॉण्डों की बिक्री विभिन्न व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs), ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों जैसे निवासी निकायों तक ही सीमित रहेगी।
3. मूल्य वर्ग बॉण्डों को 1 ग्राम की बुनियादी इकाई के साथ सोने के ग्राम संबंधी गुणक में अंकित किया जाएगा।
4. अवधि बॉण्ड की अवधि 8 साल होगी और 5वें, छठे एवं 7वें साल में इससे बाहर निकलने का विकल्प उपलब्ध होगा।
5. न्यूनतम आकार न्यूनतम स्वीकार्य सीमा 1 ग्राम सोना है।
6. अधिकतम सीमा खरीदने की अधिकतम सीमा व्यक्तियों के लिये 4 kg, HUFs (Hindu Undivided Families) के लिये भी 4 kg और ट्रस्ट एवं इसी तरह के निकायों के लिये 20 kg प्रति वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) होगी, जिसके बारे में सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जाता है।
7. संयुक्त धारक  संयुक्त रूप से धारण किये जाने की स्थिति में 4 किलोग्राम की निवेश सीमा केवल प्रथम आवेदक पर लागू होगी। 
8. भुगतान  बॉण्ड का भुगतान या तो नकद अदायगी (अधिकतम 20,000 रुपए तक) अथवा डिमांड ड्राफ्ट या चेक अथवा इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिये किया जा सकेगा।
9. निर्गमन फॉर्म  गोल्ड बॉण्डों को जीएस अधिनियम, 2006 के तहत भारत सरकार के स्टॉक के रूप में जारी किया जाएगा। निवेशकों को इसके लिये एक धारण (होल्डिंग) प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। बॉण्डों को डिमैट स्वरूप में बदला जा सकेगा।
10. विमोचन मूल्य विमोचन मूल्य भारतीय रुपए में होगा जो 999 शुद्धता वाले सोने के बंद मूल्य के पिछले 3 कार्य दिवसों के सामान्य औसत पर आधारित होगा। इसका प्रकाशन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा किया जाएगा।
11. बिक्री का माध्यम  बॉण्डों की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों (जिन्हें अधिसूचित किया जा सकता है) और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के जरिये या तो सीधे अथवा एजेंटों के जरिये की जाएगी।
12. ब्याज दर निवेशकों को प्रतिवर्ष 2.50 प्रतिशत की निश्चित दर से ब्याज दिया जाएगा, जो अंकित मूल्य पर हर छह महीने में देय होगा।
13. जमानत या गारंटी के रूप में बॉण्डों का उपयोग ऋणों के लिये जमानत या गारंटी के रूप में किया जा सकता है।
14. टैक्स देनदारी  आयकर अधिनियम, 1961 (43, 1961) के प्रावधान के अनुसार, गोल्ड बॉण्ड पर प्राप्त होने वाले ब्याज पर टैक्स अदा करना होगा। किसी भी व्यक्ति को SGB के विमोचन पर होने वाले पूंजीगत लाभ को कर मुक्त कर दिया गया है।
15 ट्रेडिंग पात्रता किसी भी निर्धारित तिथि पर बॉण्ड जारी होने के एक पखवाड़े के भीतर बॉण्डों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजो पर हो सकेगी, जैसा कि आरबीआई द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। 

 स्रोत : लाइव मिंट


Helpline Number : 87501 87501
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