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पैकेज वाले खाद्य पदार्थों पर लाल रंग कोडित लेबल की योजना 
Apr 16, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 2 : शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-13 : स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।)

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चर्चा में क्यों ?

उपभोक्ताओं की स्वास्थ्यप्रद भोजन में रुचि बढ़ाने हेतु भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) ने वसा, शुगर और नमक की उच्च मात्रा वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेटों के अग्रभाग पर लाल रंग के कोडिंग लेबल को अनिवार्य बनाने की सुझाव दिया है।

प्रमुख बिंदु 

एफएसएसएआई ने यह प्रस्ताव भी दिया है कि यदि खाद्य उत्पाद में 5 प्रतिशत या उससे अधिक आनुवंशिक रूप से संशोधित तत्त्व हैं, तो संबंधित कंपनी को इसकी घोषणा पैकेट पर करनी चाहिये।

  • प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम, 2018 के अनुसार, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों वाली कंपनियों को पोषक तत्त्वों जैसे- कैलोरी (ऊर्जा), कुल वसा, ट्रांस-वसा, कुल शुगर और नमक की प्रति आहार (Per Serve) में मात्रा को पैकेट पर प्रदर्शित करना होगा।
  • हालाँकि, यह सिफारिश की गई है कि उच्च फैट, चीनी और नमक (एचएफएसएस) वाले पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के मामले में, आहार ऊर्जा मूल्यों की प्रतिशतता लेबल पर लाल रंग में हाइलाइट की जाएगी। उदाहरण के लिये, यूरोप में कई देशों ने उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों में पोषण संबंधी मूल्यों के बारे में बेहतर जानकारी देने के लिये रंग-कोड वाले लेबलों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
  • मसौदा विनियम में यह कहा गया है कि खाद्य प्राधिकरण समय-समय पर रंग कोडिंग प्रणाली पेश करने के अलावा निर्दिष्ट सीमाओं के भीतर खाद्य पदार्थों को 'लाल' के रूप में दर्शा सकता है।
  • इसने यह भी सुझाव दिया है कि बच्चों हेतु एचएफएसएस खाद्य पदार्थों के किसी भी प्रकार के विज्ञापनों पर रोक लगाई जानी चाहिये।
  • व्यापक मसौदा लेबलिंग नियमों ने भी पहली बार लेबल पर आनुवंशिक रूप से संशोधित अवयवों की घोषणा संबंधी प्रस्ताव दिया था।
  • मसौदा विनियम में मिनरल वाटर, पीने योग्य पानी और खाद्य परिष्कृत तेलों से संबंधित अतिशयोक्तिपूर्ण स्वास्थ्य-लाभ संबंधी दावों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।
  • एफएसएसएआई ने मसौदे पर विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियाँ मांगी हैं।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) क्या है?

  • केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का गठन किया।
  • इसको 1 अगस्‍त, 2011 को केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय (पैकेजिंग एवं लेबलिंग) के तहत अधिसूचित किया गया।
  • इसका संचालन भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत किया जाता है। 
  • इसका मुख्‍यालय दि‍ल्ली में है, जो राज्‍यों के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने का काम करता है। 
  • एफएसएसएआई मानव उपभोग के लिये पौष्टिक भोजन के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात की सुरक्षित उपलब्धता को सुनिश्चित करने का काम करता है।
  • इसके अलावा यह देश के सभी राज्‍यों, ज़िला एवं ग्राम पंचायत स्‍तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के तय मानकों को बनाए रखने में सहयोग करता है। यह समय-समय पर खुदरा एवं थोक खाद्य-पदार्थों की गुणवत्ता की जाँच भी करता है।

स्रोत : द हिंदू (बिज़नेस लाइन)


Helpline Number : 87501 87501
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