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ताजमहल का बदलता रंग 
May 14, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1: भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज
(खंड-1 : भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप,साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू)
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन
(खंड-14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

Tajmahal

संदर्भ 
हाल ही में उच्चत्तम न्यायलय ने ताजमहल की रक्षा और संरक्षण के लिये उचित कदम उठाने में विफल रहे भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग(ASI) पर नाराजगी जताई है। हालाँकि, केंद्र सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि वह 17वीं शताब्दी के स्मारक के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करने के सुझाव पर विचार कर रही है।

प्रमुख तथ्य 

  • उच्चत्तम न्यायलय ने इससे पूर्व भी ताज के संगमरमर के बदलते रंग पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल किये थे कि कैसे सफेद संगमरमर, पहले पीला और अब भूरे के बाद हरे रंग में बदल रहा है।
  • ध्यातव्य है कि ये सवाल उच्चत्तम न्यायलय ने प्रदूषण से ताजमहल के सुरक्षा के संबंध में दायर की गई पर्यावरणविद एम.सी. मेहता की याचिका की सुनवाई के दौरान किये थे।
  • मेहता द्वारा दायर इस याचिका पर कार्य करते हुए अदालत ने 1996 में स्मारक की रक्षा के लिये आसपास के कारखानों को बंद करने सहित कई उपायों का आदेश दिया था।
  • इन तमाम आदेशों के बावजूद भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, अदालत के आदेश को लागू करने में असफल रहा है और साथ ही यह बताने में असफल रहा है कि कैसे यमुना के कीड़े की एक नस्ल ताजमहल को दिन-प्रतिदिन बदरंग कर रही है।

भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI)

  • संस्कृति मंत्रालय के अधीन यह राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासतों के पुरातत्त्वीय अनुसंधान तथा संरक्षण के लिये एक प्रमख संगठन है।
  • इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय महत्त्व के प्राचीन स्मारकों तथा स्थलों  और भग्नावशेषों का रखरखाव करनाहै।
  • प्राचीन स्मारक और पुरातात्त्विक अधिनियम,1958 के प्रावधान ASI का मार्गदर्शन करते हैं।
  • पुरावशेष एवं बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम, 1972 ASI के कामकाज को दिशा देता है।
  • ASI राष्ट्रीय महत्त्व के प्रमुख पुरातात्त्विक स्थलों की बेहतर देखभाल के लिये संपूर्ण देश को 24 मंडलों में बाँटता है।

आखिर ताजमहल के संगमरमर के रंग में बदलाव का क्या कारण है ?
ताजमहल के संगमरमर के  बदलते रंग के दो प्रमुख कारण इस प्रकार हैं -

Tajmahal-1

  • इसका प्रमुख कारण सूखी हो चुकी यमुना में किसी भी प्रकार के पारिस्थितिक प्रवाह के अवरोध से जुड़ा है, जिससे नदी के प्रदूषित जल में पैदा हुए कीड़े शाम को ताजमहल पर हमला करते हैं।
  • बढ़ते प्रदूषण ने नदी की मछलियों का जीवन भी दुष्प्रभावित किया है जिनका मुख्य खाद्य ये कीड़े और उनके लार्वा होते थे लेकिन, अब गंभीर जल प्रदूषण के कारण, नदी में किसी भी जलीय प्रजातियों का कोई संकेत नहीं है।
  • ताजमहल और आगरा के अन्य स्मारकों पर कीट गतिविधियों से संबंधित ASI की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य रूप से ताजमहल के उत्तरी किनारे पर, विशिष्ट प्रकार के कीड़ों की उपस्थिति के कारण हरे और काले निशान विकसित हुए हैं।
  • यमुना नदी के तट पर अवस्थित अन्य स्मारक, जैसे ऐतमाद-उद-दौलाह, मेहताब बाग और आगरा किले के हिस्से भी, इन कीट हमलों से प्रभावित हुए हैं।

प्रभाव 

  • हाल ही में जारी WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों के कमजोर दृष्टिकोण के कारण, आगरा पीएम 2.5 के स्तर के मामले में दुनिया का आठवां सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।
  • ताजमहल पर प्रदूषण के प्रभावों के संबंध में विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण और वनों पर संसदीय स्थायी समिति ने वर्ष 2015 में दोनों सदनों में अपनी 262वीं रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जिसमें यह बताया गया कि वायु प्रदूषण से न केवल आम आदमी के स्वास्थ्य पर, बल्कि सांस्कृतिक विरासतों पर भी नकारात्मक असर हो रहा है।
  • सर्वोच्च न्यायलय का कहना है कि हम ताजमहल के तमाम संरक्षण प्रयासों के बावजूद असफल साबित हुए हैं और आज भी उन्हीं मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं जो 35 वर्ष पूर्व प्रारंभ हुए थे।

आगे की राह 
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51ए (एफ) में स्पष्ट कहा गया है कि अपनी समग्र संस्कृति की समृद्ध धरोहर का सम्मान करना और इसे संरक्षित रखना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्त्तव्य है। यह विचारणीय मुद्दा है कि हमारे विरासत स्थल, जो न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व रखते हैं बल्कि आर्थिक विकास में भी इनका महत्त्वपूर्ण योगदान है। अपनी तमाम विशेषताओं के बावजूद आज उपेक्षित है। यहाँ तक कि संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र सरकार विरासत स्थलों को लेकर अभी इतने गंभीर नहीं हुए हैं जितनी इनसे अपेक्षा की गई है ।बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए अब  आवश्यकता है कि सरकारों द्वारा समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जाए एवं समस्यायों के निवारण के लिये शोध कार्य में तेज़ी लाई जाए। इसके साथ ही यह भी ज़रूरी हैं कि जन सहयोग एवं जागरूकता के लिये  युद्ध स्तर पर व्यापक प्रयास किये जाएँ।

स्रोत : द इंडियन एक्सप्रेस


Helpline Number : 87501 87501
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