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साइबर सुरक्षा पर बुडापेस्ट कन्वेंशन 
Jan 20, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड– 1 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)
(
खंड– 8 : उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव)

Cyber Security

चर्चा में क्यों?

साइबर अपराध के संबंध में बुडापेस्ट कन्वेंशन (Budapest Convention on cyber crime) पर हस्ताक्षर करने के लिये सरकार को एक मज़बूत आधार प्रदान करने हेतु गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में साइबर अपराध (cyber crime), क्रांतिकारीकरण (radicalization) और डेटा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।

साइबर अपराध क्या है?

  • साइबर अपराध ऐसे गैर-कानूनी कार्य होते हैं जिनमें कंप्यूटर एवं इंटरनेट नेटवर्क का प्रयोग एक साधन अथवा लक्ष्य अथवा दोनों के रूप में किया जाता है। 
  • ऐसे अपराधों में हैकिंग, चाइल्ड पॉर्नोग्राफी, साइबर स्टॉकिंग, सॉफ्टवेयर पाइरेसी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, फिशिंग आदि को शामिल किया जाता है।

साइबर अपराधों से निपटने की दिशा में भारत द्वारा किये गए प्रयास 

  • भारत में ‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000’ तथा भारतीय दंड संहिता के प्रावधान सम्मिलित रूप से साइबर अपराधों से निपटने हेतु कारगर उपाय हैं। इनके अंतर्गत 2 वर्ष की सज़ा के प्रावधान से लेकर उम्रकैद तथा दंड अथवा जु़र्माने का भी प्रावधान है।
  • सरकार द्वारा जारी ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति, 2013’ के तहत सरकार द्वारा अति संवेदनशील सूचनाओं के संरक्षण के लिये ‘राष्ट्रीय अतिसंवेदनशील सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (National Critical Information Infrastructure protection centre-NCIIPC) का गठन किया गया। 
  • इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा ‘कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In)’ की भी स्थापना की गई जो कंप्यूटर सुरक्षा के लिये राष्ट्रीय स्तर की मॉडल एजेंसी है।
  • विभिन्न स्तरों पर सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ‘सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता’ (Information Security Education and Awareness - ISEA) परियोजना प्रारंभ की गई।
  • इन सबके साथ-साथ भारत सरकार सूचना साझा करने और साइबर सुरक्षा के संदर्भ में सर्वोत्तम कार्य प्रणाली अपनाने के लिये अमेरिका, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य कर रही है। 
  • इसके अलावा अंतर एजेंसी समन्वय के लिये ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (Indian Cyber Crime Co-ordination Centre-I4C) की भी स्थापना की गई है।

[इसके विषय में (18 जनवरी, 2018 के प्रीलिम्स फैक्ट्स में) विस्तृत जानकारी दी जा चुकी है]

बुडापेस्ट कन्वेंशन क्या है?

  • बुडापेस्ट कन्वेंशन साइबर क्राइम पर एक कन्वेंशन है, जिसे साइबर अपराध पर बुडापेस्ट कन्वेंशन या बुडापेस्ट कन्वेंशन के नाम से जाना जाता है।
  • यह अपनी तरह की पहली ऐसी अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय कानूनों को सुव्यवस्थित करके, जाँच-पड़ताल की तकनीकों में सुधार करके तथा इस संबंध में विश्व के अन्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने हेतु इंटरनेट और कंप्यूटर अपराधों पर रोक लगाने संबंधी मांग की गई है।
  • इस कन्वेंशन में 56 सदस्य हैं, जिनमें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश भी शामिल हैं।

सीसीटीएनएस क्या है?
Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS)

CCTNS

  • जून 2009 में शुरू किया गया सीसीटीएनएस एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसका उद्देश्य पुलिस स्टेशनों के स्तर पर पुलिस की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने हेतु एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली तैयार करना है।
  • सीसीटीएनएस (CCTNS-Crime and Criminal Tracking Network & Systems) सभी स्तरों पर, विशेष रूप से पुलिस स्टेशन स्तर पर दक्षता और प्रभावी पुलिस कार्रवाई करने के लिये ई-शासन के सिद्धांतों को अपनाते हुए एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली पर आधारित व्यवस्था है।
  • यह एक राष्ट्रव्यापी आईटी समर्थित आधुनिकतम ट्रैकिंग प्रणाली के विकास के लिये नेटवर्क बुनियादी सुविधाओं पर लक्षित व्यवस्था है। 
  • यह ई-गवर्नेंस के सिद्धांतों को अपनाने और अपराधों की जाँच और अपराधियों की पहचान हेतु आईटी-सक्षम राज्यस्तरीय अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम के विकास के लिये राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के बुनियादी ढाँचे के निर्माण के माध्यम से किया जाएगा। 
  • सीसीटीएनएस सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (National e-Governance Plan of Govt.) के अंतर्गत एक मिशन मोड प्रोजेक्ट (Mission Mode Project -MMP) है। 

सीसीटीएनएस की विशेषताएँ 

  • सीसीटीएनएस के तहत देश के सभी थानों के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाया जा रहा है, ताकि अपराधियों और आतंकियों से जुड़ी प्रत्येक जानकारी को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सके।
  • गृह मंत्रालय की इस बहुआयामी परियोजना की राष्ट्रीय स्तर पर देखरेख नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा की जा रही है।
  • सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर पुलिस की ज़रूरतों और भविष्य को ध्यान रखकर तैयार किया गया है।
  • देश के सभी थानों में एफआईआर और छोटे-बड़े अपराधी का फोटो सहित सभी विवरण सॉफ्टवेयर में अपलोड किये जा रहे है। 

लाभ

  • मैनुअल रिकॉर्ड/रजिस्टर के रख-रखाव में लगने वाले समय और श्रम की बचत।
  • अपराध अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु आवश्यक रिपोर्ट एवं जानकारिययाँ तत्काल ऑनलाइन उपलब्ध।
  • सूचनाओं के संकलन में आसानी होने के साथ समय की बचत।
  • आवश्यकतानुसार ऑनलाइन निर्देश देने की सुविधा।
  • देश भर के थानों में अपराध और अपराधियों की ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध।
  • विभिन्न राज्यों में होने वाले अपराधों के तरीकों का पता लगाने में सहायता।
  • नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग।
  • मोटर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, लापता व्यक्तियों, अज्ञात व्यक्ति, शवों आदि की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध।
  • ज़िले के किसी भी थाने में दर्ज की गई एफआईआर का विस्तृत ब्यौरा तुरंत ही एसडीओपी, एसपी, आईजी, डीजीपी कार्यालय सहित एनसीआरबी और गृह मंत्रालय तक पहुँच जाएगा।
  • हाल ही में तमिलनाडु राज्य पुलिस द्वारा अपनी सभी 1,913 एफआईआर दर्ज करने वाली इकाइयों में राष्ट्रीय ई-शासन कार्यक्रम के तहत सीसीटीएन मिशन मोड परियोजना को सफलतापूर्वक लागू कर लिया है।

इस विषय के संबंध में और अधिक जानकारी के लिये नीचे दिये गये लिंकों पर क्लिक करें:
ऑडियो आर्टिकल- रैंसमवेयर वानाक्राई वायरस और भारत की साइबर सुरक्षा (द हिंदू और ब्लॉग)
सेबी द्वारा साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने की पहल
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साइबर स्पेस में भारत की सुभेद्यता की स्थिति को स्पष्ट करते हुए भारत को साइबर खतरों से बचाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा करें।
साइबर सुरक्षा के आर्थिक पहलू


स्रोत : इंडियन एक्सप्रेस

source title : Home Ministry pitches for Budapest Convention on cyber security
sourcelink:http://indianexpress.com/article/india/home-ministry-pitches-for-budapest-convention-on-cyber-security-rajnath-singh-5029314/


Helpline Number : 87501 87501
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