बिहार की पहली कम लागत वाली रोबोटिक पैंक्रियाज कैंसर सर्जरी | बिहार | 08 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने बिहार में पहली बार रोबोटिक अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक) कैंसर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, वह भी काफी कम लागत पर, जो राज्य में उन्नत कैंसर उपचार के लिये एक महत्त्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- सर्जरी: दरभंगा के 71 वर्षीय व्यक्ति, जिन्हें अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक) कैंसर का निदान हुआ था, ने छह घंटे लंबी रोबोटिक सर्जरी करवाई।
- यह सर्जरी ₹50,000 के पैकेज के तहत उपलब्ध कराई गई, जिससे बिहार के मरीज़ों के लिये उन्नत कैंसर उपचार अधिक किफायती हो गया।
- इस प्रक्रिया का नेतृत्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने किया।
- उन्नत तकनीक: रोबोटिक सर्जरी से सर्जन जटिल और सटीक प्रक्रियाएँ छोटे चीरे के साथ कर सकते हैं, जिससे रक्तस्राव कम होता है, जटिलताएँ घटती हैं, अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है और रोगी के समग्र परिणाम बेहतर होते हैं।
- प्रभाव: इस उपलब्धि के साथ बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ स्थानीय स्तर पर रोबोटिक कैंसर सर्जरी उपलब्ध है।
- IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान):
- इसकी स्थापना 19 नवंबर, 1983 को हुई थी।
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के तर्ज़ पर एक स्वायत्त संगठन है।
जयपुर में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित | राजस्थान | 08 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में भारतीय कृषि के लिये एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया गया, जिसमें तिलहन और दलहन में आत्मनिर्भरता, किसान ID की शुरुआत तथा प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने जैसे पहलुओं पर ज़ोर दिया गया, जिसकी घोषणा शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई।
मुख्य बिंदु:
- क्षेत्रीय सम्मेलन: जयपुर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन देश को विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित कर राज्य-विशिष्ट कृषि रणनीतियाँ तैयार करने में सहायता करेगा।
- सभी किसानों को किसान ID के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे उर्वरक, बीज, फसल बीमा एवं मुआवज़े का वितरण पारदर्शी और लक्षित बनाया जा सके।
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–तिलहन के अंतर्गत, भारत ने 429.89 लाख टन तिलहन उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज किया है।
- दलहन मिशन के तहत बीज विस्तार, नई किस्मों का परिचय, दाल मिलों की स्थापना तथा इच्छुक किसानों से 100% खरीद पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे दलहन में आत्मनिर्भरता को मज़बूत किया जा सके।
- प्राकृतिक कृषि और समेकित कृषि मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि स्थिरता एवं किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
- बजट: तिलहन के क्षेत्र, उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाने के लिये ₹10,103 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।
- लैब टू लैंड मॉडल: लगभग 16,000 वैज्ञानिकों को इस मॉडल के तहत तैनात किया जाएगा, जो उन्नत तकनीकों और प्रथाओं के माध्यम से सीधे किसानों की सहायता करेंगे।
- फसल हानि एवं बीमा: किसान ID फसल हानि मुआवज़ा तथा फसल बीमा दावों के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी।
कृषि महाकुंभ मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित किया जाएगा | मध्य प्रदेश | 08 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
किसानों के लिये आय के नए बहुआयामी अवसरों को प्रदर्शित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिये अप्रैल 2026 में रायसेन, मध्य प्रदेश में तीन दिवसीय 'कृषि महाकुंभ' का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: रायसेन में तीन दिवसीय 'कृषि महाकुंभ' आयोजित किया जाएगा, जो किसानों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ग्रामीण उद्यमियों को एक ही मंच पर लाएगा।
- इसमें जल-आधारित आय के अवसरों को उजागर करने के लिये बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), एक्वापोनिक्स, सजावटी मछली पालन और पर्ल फार्मिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
- उद्देश्य: इस आयोजन का उद्देश्य फसल उत्पादन को पशुपालन, मत्स्य पालन, प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता के साथ जोड़कर किसानों के लिये आय के कई स्रोत बनाना है।
- किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम और मत्स्य पालन बुनियादी ढाँचा विकास कोष (FIDF) जैसी सरकारी पहलों की जानकारी दी जाएगी।
- महिलाओं की भागीदारी: कृषि सखी, आजीविका दीदी और ड्रोन दीदी सहित ग्रामीण महिला समूह, महिला नेतृत्व वाले कृषि उद्यमों के सफल मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 08 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल, 2026 को 'स्वास्थ्य के लिये एक साथ: विज्ञान के साथ खड़े हों' (Together for Health: Stand with Science) थीम के साथ मनाया गया, जिसमें वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करने के लिये विज्ञान आधारित समाधानों के महत्त्व पर ज़ोर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
- आयोजन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 1948 में हुई स्थापना की वर्षगॉंठ के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
- थीम 2026: स्वास्थ्य के लिये एक साथ: विज्ञान के साथ खड़े हों (Together for Health: Stand with Science)।
- उद्देश्य: इस दिवस का उद्देश्य प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सरकारों, संस्थानों एवं समुदायों को विज्ञान-आधारित स्वास्थ्य नीतियों का समर्थन करने के लिये प्रोत्साहित करना है।
- अभियान: यह अभियान इस तर्क पर प्रकाश डालता है कि कैसे वैज्ञानिक सहयोग लोगों, जानवरों, पौधों और ग्रह के स्वास्थ्य की रक्षा करने में सहायता करता है।
- फोकस (केंद्र): यह अभियान 'वन हेल्थ' (One Health) दृष्टिकोण को मज़बूती से बढ़ावा देता है, जो मनुष्यों, जानवरों और पारिस्थितिक तंत्र के परस्पर जुड़े स्वास्थ्य को स्वीकार करता है।
- प्रमुख वैश्विक कार्यक्रम:
- अंतर्राष्ट्रीय वन हेल्थ शिखर सम्मेलन 2026 (7 अप्रैल): फ्राँस की G7 अध्यक्षता के तहत फ्राँस सरकार द्वारा आयोजित।
- WHO सहयोगी केंद्रों का उद्घाटन वैश्विक मंच 2026 (7–9 अप्रैल): यह 80 से अधिक देशों के लगभग 800 वैज्ञानिक संस्थानों को एक साथ लाता है।
- अभियान के लक्ष्य:
- स्वास्थ्य की रक्षा के लिये साक्ष्यों, तथ्यों और विज्ञान आधारित मार्गदर्शन को अपनाकर विज्ञान के साथ खड़े होना।
- विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य में विश्वास को फिर से कायम करना।
- एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य के लिये विज्ञान-आधारित उपायों को बढ़ावा देना।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO):
- स्थापना: 7 अप्रैल, 1948।
- मुख्यालय: जेनेवा, स्विट्ज़रलैंड।