केंद्र सरकार ने राजस्थान में ‘भारत-विस्तार’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया | राजस्थान | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
कृषि और किसान कल्याण के केंद्रीय मंत्री, शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के जयपुर में किसानों के लिये ‘भारत‑विस्तार’, एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
मुख्य बिंदु:
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: भारत-विस्तार (कृषि संसाधनों तक पहुँच के लिये आभासी रूप से एकीकृत प्रणाली) एक बहुभाषी और AI आधारित प्लेटफॉर्म है।
- यह मौसम के पूर्वानुमान, बाज़ार की कीमतों, फसल संबंधी सलाह, कीटों की चेतावनी, मृदा स्वास्थ्य की जानकारी और सरकारी योजनाओं को एक ही सुलभ इंटरफेस (पहुँच योग्य मंच) में एकीकृत करता है।
- सुलभता: प्लेटफॉर्म वॉइस-फर्स्ट तकनीक का उपयोग करता है, जिससे किसान हेल्पलाइन 155261, वॉइस कमांड या टेक्स्ट चैटबॉट्स के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, यहाँ तक कि फीचर फोन पर भी।
- प्रारंभ में यह हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है तथा आगे इसे 11 अन्य भाषाओं में विस्तारित करने की योजना है।
- किसान पहचान (Farmer ID): एक डिजिटल किसान पहचान पत्र में किसान का डेटा संग्रहित होगा और यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी सेवाओं से एकीकृत होगा।
- मुख्य क्षेत्र: प्लेटफॉर्म किसानों को बुवाई, कटाई और विपणन के निर्णयों में सहायता प्रदान करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- यह वैज्ञानिक फसल प्रबंधन मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है और रियल-टाइम डेटा के माध्यम से आय सुधार में सहायता करता है।
- सीमित इंटरनेट या डिजिटल साक्षरता वाले क्षेत्रों के किसानों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
- प्रभाव: यह किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने, कृषि-तकनीक MSMEs का समर्थन करने तथा डेटा-आधारित, जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
- सरकारी विज़न: यह पहल डिजिटल इंडिया और कृषि के लिये AI मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य कृषि प्रथाओं का आधुनिकीकरण तथा ग्रामीण भारत में सूचना अंतर को कम करना है।
संत कबीर स्टेट अवॉर्ड्स से उत्तर प्रदेश के 39 बुनकरों को सम्मानित किया गया | उत्तर प्रदेश | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संत कबीर स्टेट अवॉर्ड्स समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पूरे राज्य के कुशल हैंडलूम बुनकरों को सम्मानित किया गया और उनकी पारंपरिक बुनाई तथा शिल्पकला में योगदान को मान्यता दी गई।
मुख्य बिंदु:
- विजेताओं की संख्या: उत्तर प्रदेश के 13 विभिन्न क्षेत्रों (परिक्षेत्र) के कुल 39 बुनकरों को हैंडलूम और बुनाई कार्य में प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार प्रदान किये गए।
- विजेताओं को पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बाँटा गया।
- उन्हें क्रमशः ₹20,000, ₹15,000 और ₹10,000 के नकद पुरस्कार के साथ एक शील्ड, मानद अंगवस्त्रम (शॉल) तथा एक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
- मुख्य अतिथि: इस कार्यक्रम का उद्घाटन MSME एवं खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया।
- विजेता:
- नीरज देवी (अलीगढ़) — पहला पुरस्कार
- लतीश टेगुरिया (आगरा) — दूसरा पुरस्कार
- सरोज (हाथरस) — तीसरा पुरस्कार
- सरकारी समर्थन: ये पुरस्कार उत्तर प्रदेश सरकार की खादी, हैंडलूम और पारंपरिक शिल्प को समर्थन देने वाली पहलों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य बुनकर समुदायों तथा MSME कारीगरों की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
- महत्त्व: पुरस्कारों का उद्देश्य हैंडलूम बुनाई को बढ़ावा देना, कुशल कारीगरों को प्रोत्साहित करना और पारंपरिक शिल्पों का संरक्षण करना है।
- मान्यता और आर्थिक प्रोत्साहन कारीगरों को प्रेरित करने तथा उनके जीवनयापन में सुधार करने में सहायता करता है।
सीमा-पार डिजिटल भुगतान: भारत-मलेशिया | उत्तर प्रदेश | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने मलेशिया के राष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क 'पेमेंट्स नेटवर्क मलेशिया Sdn Bhd' (PayNet) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, ताकि भारत और मलेशिया के बीच QR आधारित मर्चेंट भुगतान को सुगम बनाया जा सके।
मुख्य बिंदु:
- साझेदारी: NPCI इंटरनेशनल और PayNet ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को मलेशिया के DuitNow QR भुगतान प्रणाली से जोड़ने के लिये एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
- चरणबद्ध शुरुआत: यह पहल दो चरणों में लागू की जाएगी:
- चरण I: मलेशिया में भारतीय यात्री अपने UPI-सक्षम ऐप्स का उपयोग करके DuitNow QR कोड स्कैन कर सकते हैं और व्यापारी स्थानों पर सहज भुगतान कर सकते हैं।
- चरण II: भारत में मलेशिया के आगंतुक अपने DuitNow-सक्षम ऐप्स का उपयोग करके UPI QR कोड स्कैन कर भुगतान कर पाएंगे, जब इस एकीकरण का विस्तार किया जाएगा।
- कवरेज: भारतीय पर्यटक मलेशिया में लाखों DuitNow QR स्वीकृति बिंदुओं तक पहुँच पाएंगे, जिनमें रेस्टोरेंट, खुदरा आउटलेट और पर्यटक आकर्षण शामिल हैं।
- इसी तरह मलेशियाई आगंतुक भारत में लाखों UPI QR-सक्षम व्यापारी स्थानों से लाभान्वित होंगे।
- भुगतान अवसंरचना: DuitNow QR मलेशिया का राष्ट्रीय QR भुगतान मानक है, जिसे PayNet संचालित करता है। UPI भारत का वास्तविक समय डिजिटल भुगतान इंटरफेस है।
- इन प्रणालियों को जोड़ने से सीमापार व्यापारी भुगतानों के लिये इंटरऑपरेबल अवसंरचना बनती है, जिसमें विदेशी कार्ड या जटिल मुद्रा विनिमय प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं होती।
- रणनीतिक दृष्टिकोण: भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक के मार्गदर्शन में, NPCI इंटरनेशनल तथा PayNet का यह सहयोग UPI के वैश्विक स्तर को विस्तृत करने तथा इंटरऑपरेबल रियल-टाइम भुगतान इकोसिस्टम स्थापित करने की भारत की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भिर्राना के निष्कर्षों के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता की उत्पत्ति | हरियाणा | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
हरियाणा के भिर्राना स्थल से हाल की पुरातात्त्विक शोध, जिसे भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) और IIT खड़गपुर द्वारा समर्थित किया गया है, संकेत देती है कि सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) लगभग 8,000 वर्ष पुरानी हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
- भिर्राना (हरियाणा): मिट्टी के बर्तन और कोयले के नमूनों की रेडियोकार्बन (C-14) तथा थर्मोल्यूमिनेसेंस (TL) डेटिंग से पता चलता है कि यहाँ मानव बसावट लगभग 7500-8000 ईसा पूर्व तक थी।
- संशोधित समयरेखा: जबकि पारंपरिक रूप से ‘परिपक्व हड़प्पा’ (Mature Harappan) चरण की अवधि 2600-1900 ईसा पूर्व मानी जाती है, भिर्राना से प्राप्त मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों और पशु अवशेषों की नई रेडियोकार्बन डेटिंग से यह पता चलता है कि मानव बसावट 7500-8000 ईसा पूर्व तक पहुँचती है।
- विश्व में सबसे प्राचीन: यह सिंधु घाटी सभ्यता को मिस्र (लगभग 7000-3000 ईसा पूर्व) और मेसोपोटामिया (लगभग 6500-3100 ईसा पूर्व) की सभ्यताओं से भी प्राचीन बनाता है।
- संस्कृति की निरंतरता: उत्खनन से पता चलता है कि पूर्व-हड़प्पा हकरा चरण से लेकर परिपक्व हड़प्पा चरण तक संस्कृति का सतत विकास हुआ, जिससे यह सिद्धांत चुनौती में आता है कि शहरीकरण एक आयातित विचार था।
- जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन: शोध से पता चलता है कि यह सभ्यता केवल ‘पतित’ नहीं हुई, बल्कि पर्यावरणीय बदलावों के अनुसार अनुकूलित हुई।
- मानसून में बदलाव: लगभग 7,000 वर्ष पूर्व मानसून की तीव्रता कम होने पर हड़प्पावासियों ने जल-प्रधान गेहूँ और जौ के स्थान पर शुष्क-अनुकूल कदन्न तथा चावल की कृषि को अपनाना शुरू कर दिया।
- स्वदेशी उत्पत्ति: यह उस ‘डिफ्यूज़न थ्योरी’ को चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि शहरीकरण पश्चिम एशिया से आयातित था।
मैग्नस कार्लसन ने 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चेस टाइटल जीता | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
नॉर्वेजियन शतरंज के दिग्गज मैग्नस कार्लसन ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को हराकर 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप जीत ली।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप पहली आधिकारिक फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप थी।
- आयोजक: अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) और फ्रीस्टाइल शतरंज ऑपरेशन्स।
- स्थान: श्लॉस वीसेनहाउस, वांगेल्स, जर्मनी।
- यह खिताब उन्हें विभिन्न शतरंज प्रारूपों में 21वीं विश्व चैंपियनशिप जीत दिलाता है।
- विजेता: मैग्नस कार्लसन ने चैंपियनशिप जीती।
- रनर-अप: फैबियानो कारुआना (USA)।
- फ्रीस्टाइल शतरंज प्रारूप: इसे Chess960 (चेस960) के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रारूप में मोहरों (प्यादों को छोड़कर) की शुरुआती स्थिति को यादृच्छिक कर दिया जाता है, जिससे रटी-रटाई 'ओपनिंग्स' की भूमिका कम हो जाती है और रचनात्मकता तथा गणना पर अधिक ज़ोर दिया जाता है।
- प्रारूप और प्रतिभागी: विश्व रैंकिंग और टूर्स के आधार पर आठ शीर्ष ग्रैंडमास्टर चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्द्धा के लिये योग्य हुए।
- रणनीतिक महत्त्व: FIDE द्वारा फ्रीस्टाइल चेस को आधिकारिक मान्यता देने से अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में नवाचार और नए प्रारूपों की बढ़ती स्वीकृति का संकेत मिलता है।
रूस ने व्हाट्सएप को ब्लॉक किया, सरकारी ऐप को बढ़ावा दिया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
रूसी सरकार ने मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप तक पहुँच को ब्लॉक कर दिया है और टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो रूस के दो सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं।
मुख्य बिंदु:
- व्हाट्सएप प्रतिबंध: रूस ने व्हाट्सएप को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, यह आरोप लगाते हुए कि प्लेटफॉर्म ने रूसी कानूनों और नियामक आवश्यकताओं का पालन करने से इनकार किया।
- यह प्रतिबंध इसलिये लागू किया गया क्योंकि व्हाट्सएप स्थानीय कानूनी और सुरक्षा दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया।
- नियामक प्राधिकरण: ये प्रतिबंध रूस के राज्य संचार नियामक, 'रोसकोमनाडज़ोर' (Roskomnadzor) द्वारा लागू किये जाते हैं।
- स्टेट ऐप की ओर रुझान: रूसी सरकार विदेशी-स्वामित्व वाले सेवाओं की जगह मैक्स, एक राज्य-समर्थित मैसेजिंग और सुपर-ऐप को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
- टेलीग्राम पर प्रतिबंध: टेलीग्राम को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है।
- अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता पर प्रतिबंध लागू किये हैं और इसे आतंकवादी या निषिद्ध सामग्री हटाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा कथानक: रूसी अधिकारी तर्क देते हैं कि विदेशी मैसेजिंग ऐप्स पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
- इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से आपराधिक गतिविधियाँ, धोखाधड़ी और विदेशी खुफिया पहुँच को सुविधाजनक बनाने का आरोप है।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: डिजिटल अधिकार समूहों ने व्हाट्सएप प्रतिबंध और टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की है, यह कहते हुए कि ये गोपनीयता तथा स्वतंत्र संचार को कमज़ोर करते हैं, जबकि राज्य-नियंत्रित प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देना रूस की डिजिटल संप्रभुता की पहल का हिस्सा है।
कानपुर में की जाएगी भारत-फ्राँस राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना | उत्तर प्रदेश | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) में एरोनॉटिक्स और रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास के लिये एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoE) की स्थापना की घोषणा की।
मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoE): यह केंद्र एरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस, रक्षा उत्पादन और संबंधित क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य भारत के एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों के लिये मज़बूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करना है।
- सहयोग: यह पहल भारत सरकार और फ्राँस गणराज्य सरकार के बीच सहयोगात्मक प्रयास है।
- इस सहयोग में सह-डिज़ाइन किये गए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों के लिये संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम, समय-समय पर संयुक्त समीक्षा, विनिमय पहल, भाषा प्रशिक्षण और वैश्विक मानकों के अनुरूप संरचित मोबिलिटी मार्ग विकसित करना शामिल है।
- यह विशेष रूप से उभरते उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करता है।
- PM-SETU योजना: NCoE को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की PM-SETU योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है।
- ₹60,000 करोड़ की कुल आवंटन राशि के साथ PM-SETU योजना का उद्देश्य 1000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम एवं अवसंरचना के साथ सुधार और उन्नयन करना है।
- रणनीतिक साझेदारी: MSDE और फ्राँस सरकार के बीच केंद्र की स्थापना तथा संचालन पर सहयोग के लिये आशय पत्र (LoI) का आदान-प्रदान किया गया है।
- महत्त्व: यह पहल भारत-फ्राँस रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करती है और साथ ही भारत के बढ़ते हुए एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों के लिये कौशल संपन्न कार्यबल तैयार करती है।