डाक प्रशिक्षण केंद्र, सहारनपुर की प्लेटिनम जयंती | उत्तर प्रदेश | 04 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
डाक विभाग ने डाक प्रशिक्षण केंद्र (PTC), सहारनपुर की प्लेटिनम जयंती (75 वर्ष) मनाई।
मुख्य बिंदु:
- अवसर: डाक प्रशिक्षण केंद्र (PTC), सहारनपुर की 75वीं वर्षगाॅंठ के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
- इस स्मारक डाक टिकट का विमोचन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली में किया गया।
- भूमिका: PTC सहारनपुर की स्थापना डाक कर्मियों को संरचित और पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये की गई थी।
- इसकी स्थापना 2 अप्रैल, 1951 को हुई थी।
- यह केंद्र उत्तर भारत के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डाक कर्मियों की सेवा करने वाला एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान बन गया है।
- उल्लेख: उन्होंने इस अवसर को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और राष्ट्र निर्माण तथा वर्ष 2030 तक भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बनाने की यात्रा में PTC की भूमिका पर प्रकाश डाला।
वर्ष 2025 में इंटरनेट शटडाउन के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 04 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
'एक्सेस नाउ' और '#KeepItOn' गठबंधन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2025 में 65 बार इंटरनेट शटडाउन दर्ज किये, जो एक लोकतांत्रिक देश होने के बावजूद इसे वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी ब्लैकआउट (इंटरनेट सेवा बंद करने) लागू करने वाले शीर्ष देशों में से एक बनाता है।
मुख्य बिंदु:
- स्रोत: यह डेटा 'एक्सेस नाउ' (Access Now) और '#KeepItOn' गठबंधन द्वारा प्रकाशित ‘राइजिंग रिप्रेशन मीट्स ग्लोबल रेजिस्टेंस: इंटरनेट शटडाउन इन 2025’ शीर्षक वाली वार्षिक इंटरनेट गवर्नेंस रिपोर्ट से लिया गया है।
- वैश्विक शटडाउन प्रवृत्ति: वर्ष 2025 में, 52 देशों में जानबूझकर किये गए 313 इंटरनेट शटडाउन दर्ज किये गए, जो एक कैलेंडर वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है।
- म्याँमार 95 इंटरनेट शटडाउन के साथ विश्व में शीर्ष पर रहा।
- भारत की रैंकिंग: भारत वर्ष 2025 में इंटरनेट शटडाउन की 65 घटनाओं के साथ विश्व स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा। यह वर्ष 2017 के बाद से भारत का सबसे निचला आँकड़ा है, जिन्हें मुख्य रूप से 12 राज्यों और क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रमों, विरोध प्रदर्शनों और सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लागू किया गया था।
- कारण: ये व्यवधान मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शनों, संघर्ष की स्थितियों, सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक छुट्टियों के दौरान लागू किये गए थे, जो अशांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था के मुद्दों को प्रबंधित करने के लिये शटडाउन को एक उपकरण के रूप में उपयोग करने की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।
भारत और विश्व बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना पर सहयोग किया | हरियाणा | 04 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार, हरियाणा सरकार और विश्व बैंक ने पूरे राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 'हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना' को लागू करने के लिये 300 मिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किये।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: सतत विकास के लिये 'हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना' को नीतिगत हस्तक्षेपों, लक्षित निवेश और संस्थागत क्षमताओं के सुदृढ़ीकरण के संयोजन के माध्यम से वायु प्रदूषण से निपटने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- यह कार्यक्रम वायु-गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार करेगा और एक 'निर्णय-सहायता प्रणाली' तैयार करेगा, ताकि प्रभावी प्रदूषण शमन रणनीतियाँ बनाने में उच्च-गुणवत्ता वाले डेटा का उपयोग किया जा सके।
- निजी निवेश: प्रदूषण कम करने के उपायों को लागू करने में सहायता के लिये परिवहन, ऊर्जा और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 127 मिलियन डॉलर की निजी पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है।
- इस पहल से स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार करके नौकरियों (रोज़गार) को सहायता मिलने की संभावना है।
- क्षेत्रीय प्रभाव: इस पहल का उद्देश्य हरियाणा और व्यापक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 04 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
कर्नाटक उद्घाटन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में समग्र चैंपियन (ओवरऑल चैंपियन) के रूप में उभरा, जबकि मेज़बान राज्य छत्तीसगढ़ अंतिम पदक तालिका में नौवें स्थान पर रहा।
मुख्य बिंदु:
- KITG संस्करण: छत्तीसगढ़ में पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 का समापन हुआ, जो विशेष रूप से जनजातीय एथलीटों के लिये समर्पित भारत का पहला राष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन था।
- ये खेल 25 मार्च से 3 अप्रैल, 2026 तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा के विभिन्न स्थलों पर आयोजित किये गए थे।
- आयोजक: इन खेलों का आयोजन संयुक्त रूप से युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया।
- मैस्कॉट: ‘मोरवीर’ (Morveer) खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आधिकारिक मैस्कॉट है।
- यह नाम स्थानीय सांस्कृतिक लोकाचार से जुड़ा है, जहाँ ‘मोर’ का अर्थ ‘हमारा अपना’ और ‘वीर’ बहादुरी व शक्ति का प्रतीक है।
- चैंपियन: कर्नाटक 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदकों (कुल: 38) के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा।
- ओडिशा – रैंक 2: 21 स्वर्ण, 15 रजत, 21 कांस्य (कुल: 57)
- झारखंड – रैंक 3: 16 स्वर्ण, 8 रजत, 11 कांस्य (कुल: 35)
- महाराष्ट्र – रैंक 4: 6 स्वर्ण, 10 रजत, 4 कांस्य (कुल: 20)
- असम – रैंक 6: 5 स्वर्ण, 14 रजत, 12 कांस्य (कुल: 31)
- छत्तीसगढ़ – रैंक 9: 3 स्वर्ण, 10 रजत, 6 कांस्य (कुल: 19)
- मध्य प्रदेश – रैंक 11: 2 स्वर्ण, 3 रजत, 6 कांस्य (कुल: 11)
- पश्चिम बंगाल – रैंक 14: 2 स्वर्ण, 0 रजत, 0 कांस्य (कुल: 2)
- जम्मू और कश्मीर – रैंक 15: 1 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य (कुल: 8)
- बिहार – रैंक 19: 1 स्वर्ण, 1 रजत, 0 कांस्य (कुल: 2)
- राजस्थान – रैंक 22: 0 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य (कुल: 5)
- प्रदर्शन खेल (Demonstration Sports): स्वदेशी खेल परंपराओं को उजागर करने के लिये मलखंब और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को प्रदर्शन स्पर्द्धाओं के रूप में शामिल किया गया था।
- उत्कृष्ट एथलीट: कर्नाटक के तैराक मणिकांत एल. सबसे सफल एथलीट बनकर उभरे, जिन्होंने आठ स्वर्ण और एक रजत पदक जीता।
- महिला एथलीट: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने तैराकी में पाँच स्वर्ण पदक हासिल किये।
- उद्देश्य: इन खेलों का उद्देश्य जनजातीय युवाओं के बीच खेल प्रतिभा की पहचान करना, उन्हें निखारना और बढ़ावा देना तथा खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत स्थानीय स्तर के खेलों को मज़बूत करना है।
बिहार पुलिस को ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ पुरस्कार प्रदान किया गया | बिहार | 04 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
बिहार पुलिस को 'प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो भारत में किसी भी पुलिस बल के लिये सर्वोच्च सम्मानों में से एक है।
मुख्य बिंदु:
- प्रतिष्ठित सम्मान: प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर अवार्ड को असाधारण सेवा, बहादुरी और कर्त्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिये भारत में किसी पुलिस संगठन को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
- इस पुरस्कार को 'निशान' के नाम से भी जाना जाता है।
- इस वर्ष ओडिशा और सिक्किम के पुलिस बलों को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
- बिहार पुलिस को एक विशेष बैज (ध्वज) भी प्रदान किया जाएगा, जिसे कांस्टेबल से लेकर DGP रैंक तक के सभी कर्मियों द्वारा वर्दी की बाईं आस्तीन पर पहना जाएगा।
- मान्यता: यह पुरस्कार बिहार पुलिस को उसके समग्र पुलिसिंग प्रदर्शन और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उसके समर्पण की मान्यता में प्रदान किया गया है।
- इसमें कई मानकों को शामिल किया गया था, जैसे पुलिस बल की संख्या, लैंगिक अनुपात (महिला भागीदारी), डायल-112 सेवा, साइबर पुलिसिंग, प्रशिक्षण, पुलिस भर्ती और इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति।