उत्तराखंड में पिटेड-स्पोर मशरूम प्रजाति की खोज | उत्तराखंड | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
शोधकर्त्ताओं ने उत्तराखंड के बागेश्वर ज़िले के समशीतोष्ण ओक वनों में पिटेड-स्पोर मशरूम की एक नई प्रजाति की खोज की है।
मुख्य बिंदु:
- वैज्ञानिक नाम: हेमिलेसिनम इंडिकम (Hemileccinum indicum)
- आवास: पश्चिमी हिमालय के ओक-प्रधान समशीतोष्ण वन।
- यह भारत में कवक के इस समूह का पहला आधिकारिक रिकॉर्ड दर्शाता है।
- सहयोगात्मक शोध: इटली के ट्यूरिनो विश्वविद्यालय के सहयोग से भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के शोधकर्त्ताओं द्वारा यह अध्ययन किया गया।
- प्रकाशन: नई प्रजाति का विवरण देने वाला यह शोध नॉर्डिक जर्नल ऑफ बॉटनी में प्रकाशित हुआ है।
- पारिस्थितिक महत्त्व: मशरूम सहित कवक पोषक तत्त्व चक्र, मृदा स्वास्थ्य और वन पारिस्थितिक तंत्र के कार्यकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे इस प्रकार की खोजें पारिस्थितिक अध्ययनों के लिये अत्यंत उपयोगी होती हैं।
- महत्त्व: हेमिलेसिनम इंडिकम की पहचान भारत की दर्ज मायकोलॉजिकल (कवक-विज्ञान संबंधी) विविधता में वृद्धि करती है, विशेष रूप से हिमालयी पारिस्थितिक क्षेत्र में, जो अभी तक कम खोजे गए कवक प्रजातियों का एक प्रमुख केंद्र है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने लॉन्च किया पहला आधार-इंटीग्रेटेड PATHIK सिस्टम | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
गुजरात पुलिस की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच देश की पहली कानून प्रवर्तन एजेंसी बन गई है, जिसने अपने PATHIK सॉफ्टवेयर के साथ आधार-आधारित सत्यापन को आधिकारिक रूप से एकीकृत किया है।
मुख्य बिंदु:
- इस तरह का पहला एकीकरण: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने UIDAI के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत आधार सत्यापन को PATHIK सॉफ्टवेयर में जोड़ा गया है।
- इससे यह भारत में आधार के लिये ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाली पहली कानून प्रवर्तन संस्था बन गई है।
- PATHIK सॉफ्टवेयर: PATHIK का पूर्ण रूप है - प्रोग्राम फॉर एनालिसिस ऑफ ट्रैवलर एंड होटल इन्फॉर्मेटिक्स।
- यह गुजरात पुलिस द्वारा सुरक्षा उद्देश्यों से होटलों, पीजी और होमस्टे में ठहरने वाले यात्रियों, मेहमानों तथा निवासियों को ट्रैक करने के लिये उपयोग किया जाने वाला एक एप्लीकेशन है।
- उद्देश्य: इस एकीकरण का लक्ष्य आधार QR कोड स्कैन करके व्यक्तियों का त्वरित, कागज़-रहित और सहमति-आधारित सत्यापन संभव बनाना है।
- गोपनीयता और डेटा सुरक्षा: यह प्रणाली आधार नंबर संग्रहीत नहीं करती, बल्कि सत्यापन के लिये डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित जनसांख्यिकीय विवरण और फोटो का उपयोग करती है।
- व्यापक कार्यान्वयन: पूरे गुजरात में 9,000 से अधिक होटल पहले से ही PATHIK प्रणाली से जुड़े हैं, जिससे पुलिस को 50 से अधिक लापता व्यक्तियों का पता लगाने और कानून प्रवर्तन उद्देश्यों के लिये व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता मिली है।
- सरकारी मान्यता: PATHIK परियोजना भारत सरकार द्वारा इसकी तकनीकी उपयोगिता के लिये राष्ट्रीय स्तर पर चुनी गई 11 परियोजनाओं में से एक है।
नोवाक जोकोविच ने 400वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत हासिल की | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
सर्बिया के टेनिस दिग्गज नोवाक जोकोविच ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में यह उपलब्धि हासिल करते हुए ग्रैंड स्लैम एकल मुकाबलों में 400 जीत दर्ज करने वाले टेनिस इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए।
मुख्य बिंदु:
- अद्वितीय रिकॉर्ड: वह टेनिस इतिहास में इस मुकाम तक पहुँचने वाले एकमात्र पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने रोजर फेडरर (369 जीत) और राफेल नडाल (314 जीत) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
- ऑस्ट्रेलियन ओपन में रिकॉर्ड: उन्होंने तीसरे दौर में बॉटिक वैन डे ज़ैंड्सचुल्प को सीधे सेटों में हराकर यह उपलब्धि हासिल की, जो उनके शानदार करियर में एक और अध्याय जोड़ता है।
- फेडरर के ऑस्ट्रेलियन ओपन रिकॉर्ड की बराबरी: इस जीत के साथ, जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में 102 मैच जीत के रोजर फेडरर के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली, जो टूर्नामेंट में उनकी दीर्घायु को दर्शाता है।
- ग्रैंड स्लैम विरासत: पहले से ही 24 बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच ओपन युग में अपने रिकॉर्ड को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं, जो उनकी असाधारण निरंतरता और प्रभुत्व को प्रदर्शित करता है।
- टेनिस में महत्त्व: 400 जीत का यह पड़ाव चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में लंबे समय तक उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक है और उन्हें सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में स्थापित करता है।
- सतहों पर बहुमुखी प्रतिभा: इस जीत के साथ, वह तीनों ग्रैंड स्लैम सतहों- हार्ड कोर्ट (ऑस्ट्रेलियन ओपन, US ओपन), ग्रास कोर्ट (विंबलडन) और क्ले कोर्ट (फ्रेंच ओपन) पर 100 या उससे अधिक मैच जीत दर्ज करने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए।
माइक्रोसॉफ्ट ने माईया 200 AI चिप्स लॉन्च किये | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी दूसरी पीढ़ी की AI चिप माईया 200 (Maia 200) लॉन्च की है, जो बड़े पैमाने पर AI कार्यभार के लिये कस्टम AI सिलिकॉन विकसित करने की कंपनी की रणनीति में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु:
- निर्माण: TSMC की 3nm प्रक्रिया तकनीक से निर्मित, जिसमें 140 बिलियन से अधिक ट्रांजिस्टर शामिल हैं।
- प्रदर्शन: 4-बिट प्रिसीजन (FP4) में 10+ petaFLOPS और 8-बिट प्रिसीजन (FP8) में लगभग 5 petaFLOPS प्रदान करता है।
- मेमोरी संरचना: डेटा मूवमेंट की बाधाओं को कम करने के लिये 216GB HBM3e (हाई बैंडविड्थ मेमोरी) के साथ 7 TB/s बैंडविड्थ तथा 272MB ऑन-डाई SRAM से लैस है।
- नेटवर्किंग: स्वामित्व वाले फैब्रिक्स के बजाय मानक ईथरनेट पर आधारित दो-स्तरीय स्केल-अप डिज़ाइन का उपयोग करता है, जो 6,144 तक एक्सेलेरेटर वाले क्लस्टरों को समर्थन देता है।
- वर्टिकल इंटीग्रेशन: माइक्रोसॉफ्ट गूगल (TPU) और अमेज़न (Trainium) की तरह कस्टम हार्डवेयर डिज़ाइन कर रहा है, ताकि एनवीडिया पर निर्भरता घटाई जा सके और परिचालन लागत कम की जा सके।
- आर्थिक दक्षता: यह चिप मौजूदा प्रणालियों की तुलना में प्रति-डॉलर प्रदर्शन में 30% का सुधार प्रदान करती है।
- सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम ( ‘ट्राइटन’ लाभ ): माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI के साथ विकसित किया गया ट्राइटन कंपाइलर एनवीडिया के मालिकाना CUDA सॉफ्टवेयर के खुले-स्रोत विकल्प के रूप में जारी किया है, जिससे डेवलपर्स के लिये अपनाने की बाधाएँ कम हों।
- रणनीतिक महत्त्व: यह माइक्रोसॉफ्ट की तीसरे-पक्ष सिलिकॉन प्रदाताओं पर निर्भरता घटाने और AI परिचालन लागत को नियंत्रित करने की दिशा में प्रयासों को दर्शाता है।
राष्ट्रीय मॉडल युवा ग्राम सभा पुरस्कार 2025-26 | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
पंचायती राज के केंद्रीय राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय मॉडल युवा ग्राम सभा (MYGS) पुरस्कार प्रदान किये, जिनका उद्देश्य छात्रों को स्थानीय स्तर की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़कर भावी अभिकर्त्ताओं को तैयार करना है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: 73वें संवैधानिक संशोधन के तहत परिकल्पित त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का छात्रों को अनुभवात्मक अध्ययन प्रदान करना।
- सहयोगी मंत्रालय: यह समारोह पंचायती राज मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय का संयुक्त प्रयास था।
- भागीदारी: 619 जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNVs) और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के 28,000 से अधिक छात्रों ने अनुकरणीय ग्राम सभा कार्यवाही में भाग लिया।
- मुख्य पुरस्कार विजेता: पुरस्कारों को दो प्रमुख श्रेणियों में बाँटा गया था—JNV और EMRS।
- JNV ऊना, हिमाचल प्रदेश: JNV श्रेणी में शीर्ष पुरस्कार प्राप्त किया और विकास गतिविधियों के लिये ₹1 करोड़ का चेक मिला।
- EMRS कोसंबुडा, छत्तीसगढ़: EMRS श्रेणी में शीर्ष पुरस्कार प्राप्त किया और इसे भी ₹1 करोड़ मिले।
- उपविजेता: दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले विद्यालयों को क्रमशः ₹75 लाख और ₹50 लाख प्रदान किये गए।
- प्रलेखन: MYGS पहल की प्रगति और उसके प्रभाव को संकलित करते हुए एक विस्तृत दस्तावेज़ जारी किया गया
- महत्त्व: यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत अनुभवात्मक शिक्षण को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों के अनुरूप है।
- स्थानीय लोकतंत्र: युवाओं की भागीदारी के माध्यम से स्थानीय स्वशासन के आधार को सुदृढ़ करना।
- नागरिक शिक्षा: ‘लोकतंत्र की पाठशाला’ के माध्यम से औपचारिक विद्यालय पाठ्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों को एकीकृत करना।
केरल में PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स के लिये PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की।
मुख्य बिंदु:
- PM SVANidhi योजना: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना जून 2020 में शुरू की गई एक सूक्ष्म-ऋण (माइक्रो-क्रेडिट) योजना है, जिसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को बिना जमानत ऋण प्रदान करना और डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
- उद्देश्य: यह क्रेडिट कार्ड स्ट्रीट वेंडर्स को किफायती कार्यशील पूंजी तक त्वरित पहुँच देने के लिये बनाया गया है।
- इससे उन्हें अपने व्यवसायिक खर्च पूरा करने में सहायता मिलती है, अनौपचारिक उधारदाताओं पर निर्भरता कम होती है और एक औपचारिक क्रेडिट इतिहास बनता है।
- वित्तीय विशेषताएँ: PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड UPI-से जुड़ा होने की संभावना है और इसमें रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा मिल सकती है।
- प्राय: यह ब्याज-मुक्त या रियायती शर्तों पर उपलब्ध होता है, जिससे निर्धारित सीमा तक कार्यशील पूंजी आसानी से मिल सके।
- लक्षित लाभार्थी: यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स, फेरीवाले, सड़क किनारे सामान बेचने वाले, ठेले-कार्ट वाले तथा अन्य शहरी अनौपचारिक कामगारों को लक्षित करती है, ताकि उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जा सके।
- डिजिटल समावेशन: ऋण सुविधा के साथ-साथ यह पहल डिजिटल भुगतान और वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देती है, जिससे छोटे विक्रेताओं की औपचारिक अर्थव्यवस्था में भागीदारी मज़बूत होती है।
- व्यापक पहुँच: लॉन्च के दौरान केरल में लगभग 1 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को PM SVANidhi ऋण या क्रेडिट कार्ड मिलने की सूचना दी गई और इसी तरह का कार्यान्वयन पूरे देश में जारी है।