बिहार में नया औद्योगिक गलियारा और औद्योगिक क्षेत्र | बिहार | 08 Aug 2025
चर्चा में क्यों?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिये भागलपुर और गोपालगंज में प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना की घोषणा की।
मुख्य बिंदु
- भागलपुर में औद्योगिक गलियारा
- भागलपुर के औद्योगिक परिदृश्य को पुनर्जीवित करने के लिये मंत्रिमंडल ने भागलपुर ज़िले के गोराडीह अंचल में 96.98 एकड़ सरकारी भूमि को उद्योग विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने को भी मंजूरी दी।
- भागलपुर में नया थर्मल पावर प्लांट: बिहार राज्य विद्युत आयोग थर्मल पावर प्लांट की स्थापना के लिये एक निजी कंपनी को भूमि पट्टे पर देगा।
- गोपालगंज में औद्योगिक क्षेत्र
- सरकार ने गोपालगंज (नोना पाकड़ और खीरीडीह गाँव) में एक नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिये 32.66 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है।
- यह भूमि बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) को 11.39 करोड़ रुपए के कुल मूल्य पर सशुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
- यह नया औद्योगिक क्षेत्र औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने तथा क्षेत्र में युवाओं और बेरोज़गारों के लिये रोज़गार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बिहार के सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्रीय योगदान
- नीति आयोग के अनुसार बिहार का वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वित्त वर्ष 2012-13 और 2021-22 के बीच 5.0% की औसत दर से बढ़ा है (राष्ट्रीय औसत विकास दर 5.6% से कम)।
- सकल राज्य मूल्य संवर्द्धन (GSVA) में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक (57.1%) है, उसके बाद कृषि (24.3%) और उद्योग (17.2%) का स्थान है।
हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान | मध्य प्रदेश | 08 Aug 2025
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस 2025 के उपलक्ष्य में "हर घर तिरंगा" अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
- राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वच्छता को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने के महत्त्व पर ज़ोर देते हुए लोगों से चल रहे अभियान के दौरान दोनों पहलुओं को अपनाने का आग्रह किया।
मुख्य बिंदु
- स्वतंत्रता और स्वच्छता का उत्सव मनाने वाला "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता" अभियान तीन चरणों में (2-15 अगस्त 2025) संचालित किया जा रहा है।
- चरण 1 (2–8 अगस्त): ध्वज-केंद्रित कार्यक्रमों, चर्चाओं, प्रदर्शनियों और तिरंगा रंगोली व ध्वज प्रश्नोत्तरी जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से देशभक्ति तथा जागरूकता की भावना जागृत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- चरण 2 (9–12 अगस्त): इसमें जन सहभागिता पर ध्यान केंद्रित रहा, जिसमें तिरंगा संगीत समारोह, ध्वज बिक्री और तिरंगा रैलियों का उद्देश्य व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
- चरण 3 (13–15 अगस्त): घरों, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगे के अंतिम प्रदर्शन के साथ-साथ झंडे के साथ सेल्फी अपलोड करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- हर घर तिरंगा (HGT) अभियान
- यह अभियान स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा है।
- इसका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिये प्रोत्साहित करके नागरिकों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करना है।
- इसे वर्ष 2022 में आज़ादी का अमृत महोत्सव के तत्त्वावधान में शुरू किया गया था और यह एक जन आंदोलन बन गया।
- अन्य गतिविधियों में तिरंगा संगीत कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, तिरंगे के विकास पर प्रदर्शनियाँ आदि शामिल हैं।
राष्ट्रीय मत्स्यपालक दिवस 2025 | उत्तर प्रदेश | 08 Aug 2025
चर्चा में क्यों?
भारत की खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने, मछली-आधारित प्रोटीन की मांग को पूरा करने और ग्रामीण रोज़गार को बढ़ावा देने में मत्स्यपालकों के अथक प्रयास का सम्मान करने के लिये ICAR-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (CIFA) में 10 जुलाई, 2025 को राष्ट्रीय मत्स्यपालक दिवस मनाया गया।
प्रमुख बिंदु
- विरासत का सम्मान:
- राष्ट्रीय मत्स्यपलक दिवस वर्ष 1957 में प्रोफेसर डॉ. हीरालाल चौधरी और डॉ. के.एच. अलीकुन्ही द्वारा किये गए कार्यों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने हाइपोफिसेशन तकनीक के माध्यम से भारतीय मत्स्य पालन में क्रांतिकारी परिवर्तन किया।
- इस तकनीक ने भारतीय मेजर कार्प्स में कृत्रिम प्रजनन और प्रजनन को संभव बनाया। यह वैज्ञानिक उपलब्धि भारत में अंतर्देशीय जलीय कृषि (Inland Aquaculture) के विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाली सिद्ध हुई।
- प्रमुख पहल और निवेश:
- वर्ष 2015 से अब तक भारत सरकार ने मत्स्य क्षेत्र में 38,572 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
- मत्स्य उत्पादन वित्त वर्ष 2013-14 में 95.79 लाख टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 195 लाख टन हो गया है।
- भारत झींगा निर्यात में वैश्विक अग्रणी बन चुका है, जो 60,500 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है तथा पिछले एक दशक में झींगा उत्पादन में 270% की वृद्धि हुई है।
भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र की स्थिति
- भारत, चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक तथा दूसरा सबसे बड़ा जलीय कृषि देश है।
- भारत समुद्री उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 के आठवें स्थान से उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है।
- अंतर्देशीय मत्स्य पालन कुल उत्पादन का 75% से अधिक है।
- शीर्ष मछली उत्पादक राज्य: आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक।
केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (CIFA)
- स्थापना: 1949 में ओडिशा के कटक स्थित CIFRI के तालाब संस्कृति प्रभाग (Pond Culture Division) से उत्पत्ति।
- यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन कार्य करता है।
- उद्देश्य:
- यह सतत् एवं विविधीकृत मीठे पानी की जलीय कृषि प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
- उत्पादकता, गुणवत्ता, जल उपयोग दक्षता और कृषि आय को बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।