मध्य-पूर्व संकट के बीच विश्व बैंक ने सहायता प्रक्रिया तेज़ की | 28 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
विश्व बैंक मध्य पूर्व संघर्ष का सामना कर रहे देशों के लिये सहायता में तेज़ी ला रहा है। बैंक ने चेतावनी दी है कि बढ़ती कमोडिटी कीमतों और लॉजिस्टिक व्यवधानों के कारण उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है, जिससे इस संघर्ष का वैश्विक प्रभाव और अधिक व्यापक होता जा रहा है।
- विश्व बैंक तत्काल वित्तीय राहत, नीति विशेषज्ञता और निजी क्षेत्र के समर्थन को एकीकृत करेगा, ताकि अपने सक्रिय पोर्टफोलियो, संकट उपकरणों तथा पूर्व-व्यवस्थित वित्तपोषण सुविधाओं का उपयोग करके रोज़गार एवं विकास की पुनर्बहाली की जा सके।
विश्व बैंक से जुड़े मुख्य तथ्य क्या हैं?
- परिचय: विश्व बैंक: यह एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है जो निम्न और मध्यम आय वाले देशों की सरकारों को ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। यह विश्व बैंक समूह (WBG) का मुख्य आधार है।
- लक्ष्य: इसके प्रमुख उद्देश्य गरीबी का उन्मूलन करना और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर साझा समृद्धि को प्रोत्साहित करना है।
- इसमें वित्तीय उत्पादों, अनुदानों और अनुसंधान के माध्यम से जलवायु परिवर्तन और असमानता जैसी परस्पर जुड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना शामिल है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: विश्व बैंक की स्थापना वर्ष 1944 में संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के दौरान हुई थी, प्रारंभ में इसे अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) के रूप में स्थापित किया गया था। इसका प्रारंभिक ध्यान द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप और जापान के पुनर्निर्माण के वित्तपोषण पर केंद्रित था।
- इसने आधिकारिक रूप से वर्ष 1946 में कार्य शुरू किया और 1970 के दशक के बाद से यह सीधे गरीबी उन्मूलन को संबोधित करने के लिये महत्त्वपूर्ण रूप से विकसित हुआ है।
- विश्व बैंक समूह पाँच विशिष्ट संगठनों का एक समूह है, जो सदस्य देशों को वित्तपोषण, तकनीकी विशेषज्ञता, नीतिगत सलाह और ज्ञान प्रदान करने के लिये मिलकर कार्य करते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD): यह मध्यम आय वाले देशों और ऋण योग्य निम्न-आय वाले देशों को ऋण एवं सहायता प्रदान करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (IDA): यह विश्व के सबसे गरीब देशों को ब्याज-मुक्त ऋण (क्रेडिट) और अनुदान प्रदान करता है। IBRD और IDA मिलकर ‘विश्व बैंक’ का गठन करते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC): यह विकासशील देशों में निजी क्षेत्र पर केंद्रित होता है।
- MIGA (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी): यह राजनीतिक जोखिम बीमा प्रदान करके प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा देती है।
- ICSID (निवेश विवादों के निपटारे के लिये अंतर्राष्ट्रीय केंद्र): निवेशकों और देशों के बीच निवेश विवादों का निपटारा करता है।
- मुख्य कार्य: इसके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
- परियोजना वित्तपोषण: परियोजना वित्तपोषण में अवसंरचना (जैसे– सड़कें और पुल), स्वास्थ्य कार्यक्रम (टीके और क्लीनिक) और शिक्षा के लिये आवश्यक धन उपलब्ध कराना शामिल है। इसका एक उदाहरण भारत में प्रधानमंत्री कौशल विकास और उन्नत आईटीआई के माध्यम से रोज़गार क्षमता परिवर्तन (PM-SETU) को सहायता प्रदान करने हेतु दिया गया 830 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण है।
- नीतिगत सलाह: सरकारों को उनकी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार करने या सार्वजनिक प्रशासन को बेहतर बनाने में सहायता करना।
- अनुसंधान और डेटा: यह वैश्विक आर्थिक आँकड़ों का एक प्रमुख स्रोत है, जैसे कि विश्व विकास रिपोर्ट, वैश्विक आर्थिक संभावनाएँ (GEP) आदि।
- सदस्यता: इसके 189 सदस्य देश हैं। विश्व बैंक का सदस्य बनने के लिये किसी देश को पहले अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का सदस्य होना आवश्यक है। भारत विश्व बैंक और IMF दोनों का सदस्य देश है।
नोट: भारत विश्व बैंक समूह के पाँच संस्थानों में से चार का सदस्य है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संस्था ICSID का सदस्य नहीं है।
विश्व बैंक और IMF के बीच क्या अंतर है?
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विशेषताएँ |
विश्व बैंक (World Bank) |
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) |
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प्राथमिक लक्ष्य |
दीर्घकालिक विकास और गरीबी उन्मूलन (विकास)। |
वैश्विक मौद्रिक सहयोग और वित्तीय स्थिरता। |
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नेतृत्व |
ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी नागरिक द्वारा नेतृत्व। |
ऐतिहासिक रूप से यूरोपीय नागरिक द्वारा नेतृत्व। |
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मतदान शक्ति |
यह बैंक पूंजी शेयरों पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि बैंक के स्टॉक के प्रत्येक शेयर पर एक वोट मिलता है। संयुक्त राज्य अमेरिका की इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, जो लगभग 15.85% है। |
यह कोटा (Quotas) पर आधारित है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में किसी देश के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे बड़ा कोटाधारक है, जिसका हिस्सा लगभग 16.5% है। |
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मुख्य गतिविधि |
सड़कों, स्कूलों और हरित ऊर्जा बुनियादी ढाँचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिये वित्तपोषण। |
मुद्राओं को स्थिर करने और भुगतान संतुलन (BoP) संकट को दूर करने के लिये ऋण प्रदान करना। |
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ऋण की प्रकृति |
ऋण आमतौर पर 15 से 40 वर्ष की अवधि के होते हैं (दीर्घकालिक)। |
ऋण आमतौर पर संकट प्रबंधन के लिये 3 से 5 वर्ष के होते हैं (अल्पकालिक/मध्यम अवधि)। |
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वित्तपोषण का स्रोत |
यह मुख्य रूप से निजी निवेशकों को बॉण्ड बेचकर धन जुटाता है। |
सदस्य देशों द्वारा भुगतान किये गए "अंशदान" (subscriptions) द्वारा वित्तपोषित। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. विश्व बैंक की स्थापना कहाँ और किस वर्ष हुई थी?
विश्व बैंक की स्थापना वर्ष 1944 में संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में हुई थी, शुरुआत में इसे अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) के रूप में स्थापित किया गया था।
2. कौन-सी संस्थाएँ विशेष रूप से "विश्व बैंक" का गठन करती हैं?
"विश्व बैंक" विशेष रूप से IBRD (अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक) और IDA (अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ) के संयोजन को संदर्भित करता है।
3. विश्व बैंक और IMF की ऋण प्रकृति के बीच प्राथमिक अंतर क्या है?
विश्व बैंक विकास परियोजनाओं के लिये दीर्घकालिक ऋण (15–40 वर्ष) प्रदान करता है, हालाँकि IMF भुगतान संतुलन (BoP) संबंधी संकट के प्रबंधन के लिये अल्प-से-मध्यम अवधि के ऋण (3–5 वर्ष) प्रदान करता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. कभी-कभी समाचारों में दिखने वाले 'आईएफसी मसाला बॉन्ड' (IFC Masala Bonds) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (2016)
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन), जो इन बॉन्ड को प्रस्तावित करता है, विश्व बैंक की एक शाखा है।
- ये रुपया अंकित मूल्य वाले बॉन्ड हैं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रक के ऋण वित्तीयन के स्रोत है।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (c)
प्रश्न. 'व्यापार करने की सुविधा का सूचकांक' में भारत की रैंकिंग समाचार-पत्रों में कभी-कभी दिखती है। निम्नलिखित में से किसने इस रैंकिंग की घोषणा की है? (2016)
(a) आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD)
(b) विश्व आर्थिक मंच
(c) विश्व बैंक
(d) विश्व व्यापार संगठन (WTO)
उत्तर: (c)
