नदी डेल्टा का निमज्जन | 29 Jan 2026
नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक नवीन वैश्विक अध्ययन के अनुसार, भारत के कई प्रमुख नदी डेल्टा चिंताजनक गति से धँस रहे हैं, जिससे लाखों लोगों पर बाढ़ और विस्थापन का खतरा बढ़ता जा रहा है।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष क्या हैं?
- अध्ययन के संबंध में: इस शोध में 29 देशों के 40 प्रमुख नदी डेल्टाओं का विश्लेषण किया गया, जिनमें 236 मिलियन से अधिक लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जो निकट भविष्य में बाढ़ के खतरे के संपर्क में हैं।
- भारत में इस अध्ययन ने गंगा–ब्रह्मपुत्र, ब्राह्मणी, महानदी, गोदावरी, कावेरी और काबिनी डेल्टाओं में उल्लेखनीय भूमि धँसाव/निमज्जन पाए जाने की पहचान की गई है।
- समुद्र-स्तर वृद्धि से अधिक तेज़ धँसाव: भूमि धँसने की गति वैश्विक औसत समुद्र-स्तर वृद्धि (~4 मिमी. प्रति वर्ष) से आगे निकल चुकी है। 2014–23 की अवधि में आधे से अधिक डेल्टा 3 मिमी. प्रति वर्ष से अधिक की दर से धँसते पाए गए। वैश्विक स्तर पर कुल डेल्टा क्षेत्र का लगभग 35% हिस्सा धँसाव की चपेट में है और 40 में से 38 डेल्टाओं में आधे से अधिक क्षेत्र में भूमि धँसने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है।
- भारत से जुड़े निष्कर्ष: ब्राह्मणी (77%) और महानदी (69%) सबसे तेज़ी से डूबने वाले डेल्टा में से हैं, जिनके बड़े हिस्से प्रतिवर्ष 5 मिमी. से ज़्यादा नीचे धँस रहे हैं।
- गंगा–ब्रह्मपुत्र, ब्राह्मणी और महानदी जैसे डेल्टाओं सहित लगभग 50% डेल्टा अपने 90% से अधिक क्षेत्र में भूमि धँसाव का सामना कर रहे हैं।
- भारत से जुड़े निष्कर्ष: ब्राह्मणी (77%) और महानदी (69%) सबसे तेज़ी से डूबने वाले डेल्टा में से हैं, जिनके बड़े हिस्से प्रतिवर्ष 5 मिमी. से ज़्यादा नीचे धँस रहे हैं।
- डेल्टा भूमि क्षरण के प्रमुख केंद्र: गंगा–ब्रह्मपुत्र, नील, मेकांग, यांग्त्ज़े, अमेज़न, इरावदी और मिसिसिपी जैसे 7 बड़े डेल्टा मिलकर विश्व स्तर पर धँस रहे कुल डेल्टा क्षेत्र (लगभग 2.65 लाख वर्ग किमी.) में करीब 57% योगदान करते हैं।
- कोलकाता, अलेक्ज़ेंड्रिया, बैंकॉक, ढाका और शंघाई जैसे प्रमुख डेल्टा शहर अपने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में समान या उससे भी अधिक गति से धँस रहे हैं। जमीन धँसने की इस प्रक्रिया ने इन शहरों में शहरी बाढ़ के खतरे को और अधिक गंभीर बना दिया है।
- कोलकाता, अलेक्ज़ेंड्रिया, बैंकॉक, ढाका और शंघाई जैसे विश्व के प्रमुख डेल्टा शहर अपने ग्रामीण परिवेश की तुलना में कहीं अधिक तीव्र गति से धँस रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के जमीन के नीचे धँसने की यह प्रक्रिया वहाँ आने वाली बाढ़ की विभीषिका और जोखिम को कई गुना बढ़ा रही है।
- धँसाव के कारण: गंगा–ब्रह्मपुत्र और कावेरी जैसे डेल्टाओं में अत्यधिक और असंतुलित भूजल दोहन भूमि धँसने का मुख्य कारण है, जिसके परिणामस्वरूप तलछटी परतों का स्थायी संपीडन हो जाता है।
- अन्य डेल्टा, जैसे– महानदी तथा काबिनी, भूजल संकट, नदी नियमन के कारण तलछट के प्रवाह में गिरावट और बढ़ती जनसंख्या के कारण भूमि उपयोग में आ रहे बदलावों ने दबाव को और बढ़ा दिया है।
- प्रभाव: आदिवासी और ग्रामीण समुदाय, जो अक्सर समुद्र तल से एक मीटर से भी कम ऊँचाई पर रहते हैं, असमान रूप से जोखिम में हैं और उन्हें बड़े पैमाने पर पुनर्वास की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
- यदि भूजल दोहन को तुरंत नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले दशकों में डेल्टाओं में बाढ़, भूमि ह्रास और विस्थापन के खतरे तेज़ी से बढ़ सकते हैं।
नदी डेल्टा
- परिचय: नदी डेल्टा तलछट के जमा होने से बनी भू-आकृति है, जो नदी के मुहाने पर विकसित होता है, जहाँ नदी किसी बड़े जलाशय, जैसे– महासागर, सागर या झील में गिरती है।
- समय के साथ यह जमा तलछट (कीचड़, रेत और मिट्टी) एकत्रित होकर उपजाऊ, नीची भूमि का विशिष्ट पंख या त्रिकोणीय आकार का क्षेत्र तैयार करती है।
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विशेषता |
डेल्टा |
ज्वारनदमुख/एश्चुअरी |
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प्रकृति |
भू-आकृति – नदी के मुहाने पर जमा तलछट से बनी हुई। |
जल निकाय– एक तटीय प्रवेश मार्ग जहाँ नदी का मीठा पानी और समुद्र का खारा पानी आपस में मिलते हैं। |
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गठन |
तलछट का जमाव, उसके हटने (लहरों/ज्वार द्वारा) की तुलना में अधिक होता है, जिससे नई भूमि का निर्माण होता है। |
नदी घाटी का जलमग्न होना (जैसे समुद्र के स्तर में वृद्धि के कारण), इसके परिणामस्वरूप तलछट बाहर बह जाती है। |
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जल |
शुद्ध जल/मीठे जल से लेकर खारे जल तक फैलाव। |
ब्रैकिश जल: जिसमें लवणता भिन्न होती है; अत्यंत उत्पादक पारिस्थितिकी तंत्र। |
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आकार |
त्रिकोणीय/पंखी आकार वाला, जिसमें कई नाले होते हैं। |
फनल के आकार का या असमान आकार का, आमतौर पर एक मुख्य ज्वारीय नाला होता है। |
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प्रमुख भूमिका |
उपजाऊ कृषि भूमि |
महत्त्वपूर्ण समुद्री नर्सरी, पोषक तत्त्वों के मिश्रण से उत्पन्न उच्च जैव विविधता। |
- डेल्टा के प्रकार:
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प्रकार |
मुख्य विशेषताएँ |
उदाहरण |
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चापाकार/आर्कुएट |
पंखे के आकार का, समुद्र की ओर उत्तल; मोटे तलछट से बनता है, नदी और लहरों की गतिविधि संतुलित होती है। |
नील डेल्टा (मिस्र), गंगा डेल्टा (भारत) |
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बर्ड्स फुट |
पक्षी के पंजे जैसा रूप, प्रबल नदी प्रवाह और कमज़ोर लहर वाले वातावरण में महीन तलछट से बनता है। |
मिसिसिपी डेल्टा (अमेरिका) |
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कस्पेट |
दाँत के समान आकार, प्रबल लहरें सीधे तटरेखा के साथ तलछट धकेलती हैं। |
टाइबर नदी (इटली) |
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एस्टुराइन |
तलछट का संचय किसी निमग्न (Submerged) नदी घाटी या पहले से मौजूद मुहाने के भीतर होता है। |
सीन नदी (फ्राँस), नर्मदा और तापी (भारत) |
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लेकस्ट्राइन |
तब बनता है जब नदी झील में प्रवाहित होती है। |
लॉफ लीने (आयरलैंड) |
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एबैंडंड |
एक निष्क्रिय लोब बाईं ओर होता है जब नदी अपनी मुख्य धारा को बदलती है। |
ओल्ड येलो रिवर डेल्टा (चीन), पश्चिमी गंगा (हुगली) डेल्टा |
- भारत में प्रमुख नदी डेल्टा:
- गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा (सुंदरबन डेल्टा): यह विश्व का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है, जो गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के द्वारा निर्मित है। यह पश्चिम बंगाल (भारत) और बांग्लादेश में विस्तृत है और विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन (सुंदरबन) क्षेत्र है।
- गोदावरी डेल्टा: यह डेल्टा आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी द्वारा निर्मित है और भारत के पूर्वी तट के सबसे बड़े डेल्टाओं में से एक है।
- ब्राह्मणी डेल्टा: यह डेल्टा ब्राह्मणी नदी द्वारा निर्मित है और ओडिशा में स्थित है।
- महानदी डेल्टा: यह ओडिशा में स्थित है और महानदी नदी द्वारा निर्मित है।
- कावेरी (कावेरि) डेल्टा: यह तमिलनाडु में कावेरी नदी द्वारा निर्मित है। यह डेल्टा दक्षिण भारत के सबसे अधिक कृषि-उपज वाले क्षेत्रों में से एक है और इसे अक्सर ‘दक्षिण भारत का अन्न भंडार’ कहा जाता है।
- डेल्टाओं का महत्त्व: हालाँकि नदी डेल्टा विश्व के कुल स्थल क्षेत्र का केवल 1% भाग घेरते हैं, फिर भी वे 350-500 मिलियन लोगों (विश्व की जनसंख्या का लगभग 6%) और विश्व की 34 मेगासिटीज़ में से 10 को आश्रय प्रदान करते हैं।
- डेल्टा कृषि, मत्स्य पालन, बंदरगाहों, परिवहन, समुद्री व्यापार और ऊर्जा प्रणालियों में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, किंतु वे पृथ्वी के सबसे अधिक संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्रों में भी शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. नदी डेल्टा क्या है?
नदी का डेल्टा एक निक्षेपण भू-आकृति है, जो नदी के मुहाने पर तब विकसित होती है जब वह किसी बड़े जलाशय, जैसे महासागर, समुद्र या झील में गिरती है।
2. नेचर पत्रिका में किन भारतीय नदी डेल्टाओं को उच्च-जोखिम वाला माना गया है?
गंगा-ब्रह्मपुत्र, ब्राह्मणी, महानदी, गोदावरी, कावेरी और कबानी डेल्टाओं में महत्त्वपूर्ण धँसाव (Subsidence) देखा जा रहा है।
3. अपनी संवेदनशीलता के बावजूद नदी डेल्टा भारत के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
भूमि क्षेत्र का केवल 1 प्रतिशत भाग घेरने के बावजूद, डेल्टा कृषि, मत्स्य पालन, बंदरगाहों, मेगासिटीज़ और लाखों लोगों की आजीविका का समर्थन करते हैं, जिससे उनका संरक्षण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन जाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. सिंधु नदी प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित चार नदियों में से तीन नदियाँ इनमें से किसी एक नदी में मिलती हैं जो सीधे सिंधु से मिलती है। निम्नलिखित में से वह नदी कौन-सी है जो सीधे सिंधु से मिलती है? (2021)
(a) चिनाब
(b) झेलम
(c) रावी
(d) सतलुज
उत्तर: (d)
प्रश्न. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये: (2019)
हिमनद नदी
- बंदरपूँछ : यमुना
- बारा शिग्री : चेनाब
- मिलाम : मंदाकिनी
- सियाचिन : नुब्रा
- जेमू : मानस
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
(a) 1, 2 और 4
(b) 1, 3 और 4
(c) 2 और 5
(d) 3 और 5
उत्तर: (a)
