आयुष निर्यात संवर्द्धन परिषद | 08 Jan 2026
हाल ही में आयुष निर्यात संवर्द्धन परिषद (AYUSHEXCIL) ने 4 जनवरी, 2026 को अपना चौथा स्थापना दिवस मनाया।
- परिचय: यह आयुष क्षेत्र के लिये नोडल निर्यात संवर्द्धन परिषद है, जिसे वर्ष 2022 में गांधीनगर में आयोजित ग्लोबल आयुष निवेश एवं नवाचार शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था।
- यह आयुष मंत्रालय के परामर्श से तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से कार्य करता है।
- कार्य: परिषद निर्यातकों के क्षमता निर्माण, विनियामक अनुपालन में सुविधा, B2B बैठकें, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ, सेमिनार तथा वैश्विक बाज़ार तक पहुँच को सुदृढ़ करने हेतु विदेशी आउटरीच कार्यक्रमों का संचालन करती है।
- कवरेज: परिषद आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, होम्योपैथी, हर्बल उत्पादों तथा भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं के निर्यात की देख-रेख करती है।
- आयुष गुणवत्ता चिह्न: AYUSHEXCIL आयुष मंत्रालय की आयुष गुणवत्ता चिह्न योजना का एंकर (मुख्य समन्वयक) है, जो वैश्विक गुणवत्ता आश्वासन और उत्पाद विश्वसनीयता को सुदृढ़ करता है।
- व्यापार समझौतों में एकीकरण: आयुष प्रणालियों को द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई है, जिनमें भारत-ओमान CEPA तथा भारत-न्यूज़ीलैंड FTA शामिल हैं। इन समझौतों में पारंपरिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पर समर्पित परिशिष्ट (Annexes) शामिल हैं।
- उपलब्धि: आयुष एवं हर्बल उत्पादों का निर्यात 6.11% की वृद्धि के साथ वर्ष 2023-24 के USD 649.2 मिलियन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में USD 688.89 मिलियन हो गया, जो भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की वैश्विक मांग में वृद्धि को दर्शाता है।
|
और पढ़ें: आयुष क्षेत्र की प्रगति |