78वाँ सेना दिवस | 16 Jan 2026

स्रोत: पी.आई.बी.

भारतीय सेना ने 15 जनवरी, 2026 को राजस्थान के जयपुर में एक ऐतिहासिक परेड के साथ अपना 78वाँ सेना दिवस मनाया, जिसमें बल के आधुनिक, चुस्त और तकनीक-संचालित युद्ध क्षमता की ओर बदलाव पर बल दिया गया।

  • ऐतिहासिक स्थल: यह दिल्ली के बाहर आयोजित चौथा सेना दिवस परेड था, इससे पहले बंगलूरू (2023), लखनऊ (2024) और पुणे (2025) में कार्यक्रम आयोजित किये गए थे तथा यह पहली बार था जब इसे किसी छावनी के बाहर आयोजित किया गया।
  • ऐतिहासिक महत्त्व: 15 जनवरी, 1949 को फील्ड मार्शल KM करियप्पा प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने, जो पूर्ण सैन्य संप्रभुता का प्रतीक था, इसी दिन की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
    • भारतीय संविधान के अनुसार, भारत का राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं, का सर्वोच्च प्रमुख होता है।
  • थीम और फोकस: वर्ष 2026 के लिये इस दिवस की थीम ‘नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष' (Year of Networking and Data Centricity) है, जिसमें सेना के डिजिटल परिवर्तन, AI-संचालित युद्ध, साइबर समुत्थानशीलता एवं एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणालियों की दिशा में किये जा रहे प्रयासों पर बल दिया गया।
  • रणनीतिक प्रदर्शन: परेड में भैरव बटालियन की टुकड़ियों ने अपनी पहली प्रस्तुति दी, जो त्वरित कार्रवाई के लिये आधुनिक, चुस्त और घातक युद्ध क्षमताओं की ओर रणनीतिक संक्रमण का प्रतीक हैं।
  • स्वदेशी तकनीक प्रदर्शन: परेड में भारत में निर्मित विभिन्न प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें T-90 और अर्जुन टैंक, K-9 वज्र, धनुष, ATAGS, ब्रह्मोस, पिनाका एवं कई प्रकार के ड्रोन (प्रबल, स्विच, बाज़) शामिल थे।
    • लगभग 1.4 मिलियन सक्रिय कर्मियों के साथ, भारतीय सेना विश्व की सबसे बड़ी सेना है, जो चीन की सेना से भी बड़ी है।
  • सांस्कृतिक विशेषताएँ: भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए परेड में राजस्थानी लोक नृत्यों जैसे- कालबेलिया और गैर, चेंदा (केरल का पारंपरिक तालवाद्य) तथा पारंपरिक मार्शल आर्ट्स जैसे कलरीपयट्टु एवं मलखंब का प्रदर्शन किया गया।

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