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वर्तमान समय में BRICS | 02 Sep 2021 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

यह एडिटोरियल दिनांक 01/09/2021 को ‘द हिंदू’ में प्रकाशित ‘‘It's time to build BRICS better’’ लेख पर आधारित है। इसमें ब्रिक्स (BRICS) की सफलता और इस समूह के भविष्य के संबंध में चर्चा की गई है।

13वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS summit), 2021 भारत की अध्यक्षता में डिजिटल प्रारूप में आयोजित किया जाने वाला है। ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के इस बहुपक्षीय समूह की अध्यक्षता बारी-बारी से पाँचों सदस्य देशों द्वारा की जाती है। भारत ने पूर्व में वर्ष 2012 और 2016 में इसकी अध्यक्षता की थी।   

यह समूह एक सीमा तक सफल रहा है लेकिन वर्तमान में यह कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह उपयुक्त समय है कि इन चुनौतियों की पहचान की जाए और भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।

ब्रिक्स का महत्त्व

ब्रिक्स के समक्ष विद्यमान चुनौतियाँ

ब्रिक्स की प्राथमिकताएँ

आगे की राह 

निष्कर्ष

इस प्रकार, ब्रिक्स का भविष्य भारत, चीन और रूस के आंतरिक और बाह्य मुद्दों के समायोजन पर निर्भर करता है। भारत, चीन और रूस के बीच आपसी संवाद आगे बढ़ने के लिये बेहद महत्त्वपूर्ण होगा।

अभ्यास प्रश्न: ब्रिक्स एक सीमा तक सफल रहा है, लेकिन अब उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में, समूह की संवहनीयता को बनाए रखने के लिये उठाये जा सकने वाले कदमों की चर्चा कीजिये।