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प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना | 10 Aug 2022 | शासन व्यवस्था

प्रिलिम्स के लिये:

प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना, जनजातीय उप-योजना के लिये विशेष केंद्रीय सहायता, ST के लिये सुरक्षा उपाय, सरकारी पहल

मेन्स के लिये:

ST के कल्याण के लिये योजनाएँ, ST के लिये सुरक्षा उपाय, सरकारी पहल

चर्चा में क्यों?

हाल ही में सरकार ने 2021-22 से 2025-26 के दौरान कार्यान्वयन हेतू 'प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना (PMAAGY)' के नामकरण के साथ 'जनजातीय उप-योजना (SCA से TSS) के लिये विशेष केंद्रीय सहायता' की पिछली योजना को संशोधित किया है।

प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना (PMAAGY):

अनुसूचित जनजातियों को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त बुनियादी सुरक्षा उपाय:

जनजातीय आबादी के लिये कुछ अन्य पहलें:

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्षों के प्रश्न (PYQs)

प्रीलिम्स:

प्रश्न. भारत के संदर्भ में 'हाइबी, हो और कुई' शब्द निम्नलिखित से संबंधित हैं: (2021)

(a) उत्तर-पश्चिम भारत के नृत्य रूप
(b) वाद्य यंत्र
(c) पूर्व-ऐतिहासिक गुफा चित्र
(d) जनजातीय भाषाएँ

उत्तर: (d)

व्याख्या:

  • ओडिशा का राज्य में रहने वाले आदिवासियों की विशाल आबादी के कारण भारत में अद्वितीय स्थान है। ओडिशा में 62 आदिवासी समुदाय रहते हैं जो ओडिशा की कुल आबादी का 22.8% है।
  • ओडिशा की जनजातीय भाषा 3 मुख्य भाषा परिवारों में विभाजित है। वे ऑस्ट्रो-एशियाटिक (मुंडा), द्रविड़ और इंडो-आर्यन हैं। प्रत्येक जनजाति की अपनी भाषा और भाषा परिवार होता है। भाषाओं में शामिल हैं:
  • ऑस्ट्रो-एशियाटिक: भूमिज, बिरहोर, रेम (बोंडा), गाता (दीदई), गुटब (गडाबा), सोरा (साओरा), गोरुम (परेगा), खड़िया, जुआँग, संताली, हो, मुंडारी, आदि।
  • द्रविड़: गोंडी, कुई-कोंढ, कुवी-कोंढ, किसान, कोया, ओलारी, (गडाबा) परजा, पेंग, कुदुख (उराँव) आदि।
  • इंडो आर्यन: बथुडी, भुइयाँ, कुरमाली, सौंटी, सदरी, कंधन, अघरिया, देसिया, झरिया, हल्बी, भात्री, मटिया, भुँजिया, आदि।
  • इन भाषाओं में से केवल 7 में ही लिपियाँ हैं। वे संताली (ओलचिकी), सौरा (सोरंग संपेंग), हो (वारंगचिति), कुई (कुई लिपि), उराँव (कुखुद तोड़), मुंडारी (बानी हिसिर), भूमिज (भूमिज अनल) हैं। संताली भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया है।

अतः विकल्प (d) सही है।


प्रश्न: भारत में विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूहों (PVTGs) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2019)

  1. PVTGs 18 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में रहते हैं।
  2. स्थिर या घटती जनसंख्या PVTG स्थिति निर्धारित करने हेतु एक मानदंड है।
  3. देश में अब तक आधिकारिक तौर पर 95 PVTG अधिसूचित हैं।
  4. इरुलर और कोंडा रेड्डी जनजातियाँ PVTG की सूची में शामिल हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(A) 1, 2 और 3
(B) 2, 3 और 4
(C) 1, 2 और 4
(D) 1, 3 और 4

उत्तर: (C)

  • ढेबर आयोग ने 1973 में आदिम जनजातीय समूहों (पीटीजी) की एक अलग श्रेणी बनाई जो आदिवासी समूहों में कम विकसित थे। आयोग के अनुसार, अधिक विकसित और मुखर आदिवासी समूह आदिवासी विकास निधि का बड़ा हिस्सा लेते हैं जिसके कारण PVTGs को अपने विकास हेतु निर्देशित अधिक धन की आवश्यकता होती है। इस संदर्भ में भारत सरकार ने 1975 में सबसे कमज़ोर आदिवासी समूहों को एक अलग श्रेणी के रूप में पहचानने की पहल की जिसे आदिम संवेदनशील जनजातीय समूह कहा जाता है।
  • गृह मंत्रालय द्वारा 75 आदिवासी समूहों को विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूहों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। PVTGs 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रहते हैं। अत: कथन 1 सही है और कथन 3 सही नहीं है।
  • PVTGs के निर्धारण हेतु जिन मानदंडों का पालन किया जाता है वे हैं- प्रौद्योगिकी का कृषि-पूर्व स्तर, स्थिर या घटती जनसंख्या, अत्यंत कम साक्षरता और अर्थव्यवस्था का निर्वाह स्तर। अत: कथन 2 सही है।
  • PVTGs की सूची में इरुलर (तमिलनाडु) और कोंडा रेड्डी (आंध्र प्रदेश) जनजातियांँ शामिल हैं। अतः कथन 4 सही है

प्रश्न. आज़ादी के बाद से अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ भेदभाव को दूर करने के लिये राज्य द्वारा दो प्रमुख कानूनी पहल क्या हैं? (मुख्य परीक्षा- 2017)

स्रोत: पी.आई.बी.