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ई-अपशिष्ट प्रबंधन के लिये ड्राफ्ट अधिसूचना | 26 May 2022 | जैव विविधता और पर्यावरण

प्रिलिम्स के लिये:

ई-अपशिष्ट, एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक, ईपीआर।

मेन्स के लिये:

ई-अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 के लिये मसौदा अधिसूचना।

चर्चा में क्यों? 

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने इलेक्ट्रॉनिक कचरा प्रबंधन के ड्राफ्ट पर जनता की प्रतिक्रिया जानने के लिये एक अधिसूचना जारी की है।

इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिये ड्राफ्ट अधिसूचना:

ई-अपशिष्ट के बारे में:

आगे की राह 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्षों के प्रश्न:

प्रश्न. पुराने और प्रयुक्त कंप्यूटरों या उनके पुर्जों के असंगत/अव्यवस्थित निपटान के कारण निम्नलिखित में से कौन-से ई-अपशिष्ट के रूप में पर्यावरण में निर्मुक्त होते हैं?

1- बेरिलियम
2- कैडमियम
3- क्रोमियम
4- हेप्टाक्लोर
5- पारद
6- सीसा
7- प्लूटोनियम

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1, 3, 4, 6 और 7
(b) केवल 1, 2, 3, 5 और 6
(c) केवल 2, 4, 5 और 7
(d) 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7

उत्तर: (b) 

व्याख्या:

  • कंप्यूटर सिस्टम में ज़हरीले रसायन- सीसा, कैडमियम, मरकरी, बेरिलियम, ब्रोमिनेटेड फ्लेम रिटार्डेंट्स (बीएफआर), पॉलीविनाइल क्लोराइड और फास्फोरस यौगिक होते हैं। इनके अनुचित संचालन और दहन से हाइड्रोकार्बन मुक्त होता है जो जल निकायों को प्रदूषित करता है।
  • सर्किट बोर्ड में पाए जानी वाली धातुएँ कैडमियम, एंटीमनी, सीसा/लेड और क्रोमियम हैं। कई फोटोकॉपियर, स्कैनर तथा फैक्स मशीनों के स्विच एवं लैंप में पारा मौजूद होता है। मॉनिटर में लेड भी पाया जा सकता है। अत: 2, 3, 5 और 6 सही हैं।
  • कॉपर बेरिलियम मिश्र धातु का उपयोग "स्प्रिंग मेमोरी" प्रदान करने के लिये किया जाता है जो निरंतर, अबाधित विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करता है, जिसका अर्थ है उच्च प्रसंस्करण गति व व्यक्तिगत कंप्यूटर, राउटर तथा इंटरनेट के साथ-साथ रडार, एवियोनिक्स और रक्षा प्रणाली के लिये बेहतर प्रदर्शन। अत: 1 सही है।
  • प्लूटोनियम एक्टिनाइड परिवार का एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील सिंथेटिक तत्त्व है जो यूरेनियम अयस्कों में उपस्थित होता है और परमाणु विखंडन की प्रक्रिया से गुज़रने की क्षमता के कारण इसका उपयोग परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
  • प्लूटोनियम के लगभग 15 समस्थानिक मौजूद हैं और ये सभी समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं। इसका उपयोग कंप्यूटर या उनके पुर्जों में नहीं किया जाता है। अत: 7 सही नहीं है।
  • हेप्टाक्लोर एक ऑर्गेनोक्लोरिन (साइक्लोडीन) कीटनाशक है जिसे पहली बार वर्ष 1946 में तकनीकी क्लोर्डन से अलग किया गया था और इसका उपयोग मुख्य रूप से किसानों द्वारा बीज अनाज तथा फसलों पर कीटों को मारने के लिये किया जाता था, साथ ही घर के मालिकों द्वरा इसका उपयोग  दीमक को मारने/भगाने के लिये भी किया जाता था। अत: 4 सही नहीं है।

स्रोत: द हिंदू