गृह मंत्रालय द्वारा लुक आउट सर्कुलर संबंधी दिशानिर्देशों में बदलाव | 11 Mar 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

गृह मंत्रालय (MHA) ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने के दिशानिर्देशों में संशोधन किया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति के देश से बाहर जाने पर रोक लगाने के लिये ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन (BoI) को सीधे आदेश देने की शक्तियों को सीमित कर दिया गया है।

  • सांविधिक निकायों पर प्रतिबंध: गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण (NCLT) जैसे सांविधिक निकायों को सीधे ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन (BoI) से लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने का अनुरोध करने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।
    • ऐसे निकायों से समस्त LOC से संबंधित अनुरोध अब आपराधिक अधिकार क्षेत्र वाली कानून प्रवर्तन एजेंसी (जैसे- पुलिस, CBI) के माध्यम से प्रेषित किये जाने चाहियें।
  • मानकीकृत कार्रवाई: LOC प्रारूप को अद्यतन करके इसमें कार्रवाई के लिये 3 मानकीकृत विकल्प शामिल किये गए हैं,
    • अभिरक्षा में लेना और जारीकर्त्ता (LOC जारी करने वाली एजेंसी) को सूचित करना
    • प्रस्थान को रोकना और जारीकर्त्ता को सूचित करना
    • कार्रवाई को चिह्नित करना
  • खुफिया एजेंसी का विशेषाधिकार: ‘चिह्नित करने’ की श्रेणी का उपयोग केवल आतंकवाद विरोधी उद्देश्यों के लिये IB, R&AW, CBI, NIA और स्टेट एंटी टेररिज्म स्क्वाड यूनिट जैसी खुफिया एजेंसियों द्वारा किया जा सकता है।
    • ‘चिह्नित करने’ की श्रेणी संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा संदर्भों में लचीली या गैर-मानकीकृत प्रतिक्रिया की अनुमति देती है, जहाँ पूर्वनिर्धारित कार्रवाइयाँ पर्याप्त नहीं हो सकती हैं।
  • न्यायालय के आदेशों का निपटान: जब प्रवासन विभाग को कोई न्यायालय आदेश प्राप्त होता है, तो उसे तुरंत उस एजेंसी को सूचित करना चाहिये, जिसने मूल LOC जारी की थी। उस एजेंसी को 7 कार्य दिवसों के भीतर जवाब देना होगा। जब तक प्रवासन ब्यूरो न्यायालय के निर्देशानुसार LOC की स्थिति को अद्यतन नहीं कर देता, तब तक व्यक्ति भारत नहीं छोड़ सकता।
  • अभिरक्षा की समय-सीमा: यदि किसी व्यक्ति को लुक आउट सर्कुलर (LOC) के अंतर्गत रोका जाता है, तो संबंधित मूल एजेंसी को 3 घंटे के भीतर अपनी हिरासत में लेना होगा, ऐसा न होने पर उस व्यक्ति को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। इसके पश्चात मूल एजेंसी के पास औपचारिक अभिरक्षा ग्रहण करने के लिये 24 घंटे का समय होगा।

लुक आउट सर्कुलर (LOC)

  • एक LOC (लुकआउट सर्कुलर) यह सुनिश्चित करने के लिये जारी किया जाता है कि कोई व्यक्ति जो फरार है या कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित है, देश छोड़कर न जा सके। इसका उपयोग मुख्य रूप से आव्रजन शाखा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों पर आव्रजन चौकियों पर किया जाता है।
  • गृह मंत्रालय (MHA) के तहत कार्यरत ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन (BoI), ऐसी अधिसूचनाओं को लागू करने के लिये ज़िम्मेदार है, जिसके तहत जिन व्यक्तियों के खिलाफ LOC जारी किया गया है, उनके आवागमन को रोका जाता है।

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