भारत-थाईलैंड वायु सैन्य अभ्यास | 17 Feb 2026
भारतीय वायु सेना (IAF) ने भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में रॉयल थाई एयर फोर्स (RTAF) के साथ इन-सिटु अभ्यास किया, जो भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी 2014 के तहत रणनीतिक साझेदारी को विस्तारित करता है।
- अभ्यास का अवलोकन: IAF ने अभ्यास में Su-30MKI मल्टीरोल लड़ाकू विमान, IL-78 मिड-एयर ईंधन भरने वाले टैंकर और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान शामिल किये। वहीं RTAF ने अपने SAAB ग्रिपेन जेट्स के साथ भाग लिया।
- इन-सिटु अभ्यास: IAF ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के हवाई अड्डों से अपना संचालन किया जबकि थाई ग्रिपेन विमानों का संचालन थाईलैंड के हवाई अड्डों से हुआ।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य IAF की दक्षता और मित्र विदेशी देश (FFC) के साथ अंतर-संचालन क्षमता को भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में प्रदर्शित करना था, साथ ही अंडमान और निकोबार कमांड (ANC) को एक अग्रणी हब के रूप में उसकी रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करना था।
- महत्त्व: यह सैन्य अभ्यास भारत और थाईलैंड के बीच “एक्ट ईस्ट” साझेदारी की गहराई को दर्शाता है, जो अब एयरोस्पेस क्षेत्र तक विस्तारित हो रही है।
- यह थाईलैंड की “एक्ट वेस्ट” पॉलिसी 2016 द्वारा भी समर्थित है, जो भारत की क्षेत्रीय पहुँच के साथ सामंजस्य स्थापित करती है और दोनों देशों की सामुद्रिक निकटता पर आधारित है।
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