गाज़ा के लिये शांति बोर्ड | 20 Jan 2026

स्रोत: द हिंदू

भारत को गाज़ा के लिये शांति बोर्ड (Board of Peace for Gaza) में शामिल होने के लिये संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से आमंत्रण प्राप्त हुआ है, लेकिन भारत ने अभी तक इसमें भागीदारी पर अपना अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

गाज़ा के लिये शांति बोर्ड

  • परिचय: यह संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व वाला एक अंतर-सरकारी निकाय है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 2803 (2025) के तहत स्थापित किया गया है, ताकि गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिये अमेरिकी शांति योजना को लागू किया जा सके।
    • यह पहल संयुक्त राष्ट्र के नियंत्रण में नहीं है, लेकिन यह “गाज़ा संघर्ष समाप्त करने की समग्र योजना” का समर्थन करती है। इसे UNSC की मंज़ूरी प्राप्त है, जिससे इसे अंतर्राष्ट्रीय वैधता मिलती है।
  • नेतृत्व और संरचना: इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप की अध्यक्षता में प्रस्तावित किया गया है।
    • संस्थापक कार्यकारी बोर्ड: इसमें कूटनीति, विकास तथा अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं, जिनमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य शामिल हैं।
    • गाज़ा कार्यकारी बोर्ड: यह एक सहायक संचालनात्मक निकाय है, जो स्थानीय स्तर पर गतिविधियों का समन्वय करता है।
    • गाज़ा के लिये उच्च प्रतिनिधि: बुल्गारियाई कूटनीतिज्ञ निकोलाय म्लादेनोव स्थानीय स्तर पर मुख्य संपर्क अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
    • गाज़ा प्रशासन के लिये राष्ट्रीय समिति (NCAG): यह 15-सदस्यीय समिति है, जिसमें राजनीतिक रूप से स्वतंत्र फिलिस्तीनी तकनीशियन शामिल हैं। इसकी अध्यक्षता अली शाथ (पूर्व फिलिस्तीनी प्राधिकरण के उप-मंत्री) करते हैं और यह दैनिक नागरिक प्रशासन के लिये ज़िम्मेदार है।
  • मुख्य कार्य: गाज़ा के विसैन्यीकरण, पुनर्निर्माण, आर्थिक सुधार और अंतरिम शासन के लिये रणनीतिक निगरानी तथा संसाधनों की सक्रियता सुनिश्चित करना, जब तक कि एक स्थिर प्रशासन स्थापित नहीं हो जाता। इसकी प्रारंभिक अनुमति 31 दिसंबर, 2027 तक है।
  • सदस्यता और वित्तपोषण तंत्र: कई देशों को आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें ग्रीस, पाकिस्तान तथा भारत शामिल हैं। एक विशिष्ट वित्तीय मॉडल के तहत बिना योगदान वाले तीन वर्ष की सदस्यता (नवीनीकरण योग्य) संभव है, जबकि 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान स्थायी सदस्यता प्रदान करता है एवं यह निधि गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिये आवंटित की जाती है।

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